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खामेनेई की फोटो जलाकर सिगरेट सुलगा रहीं, ईरानी महिलाओं का अनोखा विरोध प्रदर्शन

तेहरान 

ईरान में हाल के दिनों में विरोध प्रदर्शन के दौरान नया रूप देखने को मिला है, जहां महिलाएं सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की तस्वीरों को जलाकर उसकी आग से सिगरेट सुलगा रही हैं। यह ट्रेंड सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है, जो देश में जारी आर्थिक संकट, महंगाई, कमजोर मुद्रा और सरकारी दमन के खिलाफ जनता के गुस्से को दर्शाता है। दिसंबर 2025 के अंत से शुरू हुए ये प्रदर्शन अब खामेनेई के शासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन चुके हैं, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतरकर नारे लगाए, सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया और इंटरनेट-टेलीफोन ब्लैकआउट के बावजूद अपना विरोध जारी रखा।

महिलाओं की ओर से सिगरेट जलाने वाला कदम प्रतीकात्मक है, क्योंकि ईरान में सुप्रीम लीडर की तस्वीर जलाना गंभीर अपराध माना जाता है। महिलाओं के लिए सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करना भी सामाजिक-धार्मिक नियमों के तहत प्रतिबंधित है। यह कदम 2022 में महसा अमीनी की पुलिस हिरासत में मौत के बाद शुरू हुए 'महिला, जीवन, आजादी' आंदोलन की निरंतरता भी दर्शाता है। तब महिलाओं ने हिजाब जलाकर और बाल काटकर विरोध जताया था, लेकिन अब यह और ज्यादा सत्ता को चुनौती दे रहा है।

खामेनेई की तस्वीर पर सिगरेट जलाती महिलाएं 

इंटरनेट पर वायरल वीडियो में कई महिलाओं को खामेनेई की तस्वीरों को जलाकर सिगरेट जलाते हुए देखा जा सकता है. इसे ईरान की राजनीतिक और धार्मिक सत्ता के लिए एक खुली चुनौती बताया जा रहा है. इंस्टाग्राम, X, टेलीग्राम और रेडिट जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इसके वीडियो क्लिप और फोटो कई बार शेयर और रीपोस्ट किए जा रहे हैं.

ईरान की ओर से असहमति पर कंट्रोल सख्त करने के बावजूद अधिकारियों के लिए इसे रोकना मुश्किल होता जा रहा है. 

विरोध का प्रतीक 

ईरानी कानून के तहत सुप्रीम लीडर की तस्वीर जलाना एक गंभीर अपराध है. इसके बावजूद महिलाएं जानबूझकर इसे सीगरेट के साथ जला रही हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि ईरान में महिलाओं के लिए सामाजिक नियम सख्त कर दिए गए हैं, जिसमें हिजाब का पालन और महिलाओं की व्यक्तिगत आजादी पर प्रतिबंध शामिल हैं. ऐसे में महिलाएं इस हरकत के जरिए ईरान में लागू इन नियमों को अस्वीकार कर रही हैं. यह विरोध का प्रतीक माना जा रहा है. 

ईरान में बढ़ता विरोध 

यह वायरल ट्रेंड ऐसे वक्त पर सामने आया है जब ईरान बढ़ते आर्थिक दबाव का सामना कर रहा है. यहां की जनता करेंसी का तेजी से कमजोर होना और फूड प्रोडक्ट्स की महंगी कीमतों को लेकर गुस्से में है. इसके चलते देशभर के शहरों में तेजी से विरोध प्रदर्शन बढ़ गया है. प्रदर्शनकारियों ने सीनियर लीडर्स की तस्वीरें जलाने और सत्ताधारी दल से जुड़ी मूर्तियों को नुकसान पहुंचाना भी शुरु कर दिया है. बता दें कि तेहरान में विरोध का यह रूप साल 2022 में पुलिस हिरासत में महसा अमिनी की मौत के बाद हुए आंदोलन पर आधारित है. एक ओर जहां प्रशासन की ओर से सड़क प्रदर्शन को बलपूर्क दबा दिया गया है तो वहीं अब यह विरोध ऑनलाइन फैल गया है.   

प्रदर्शनकारियों को विदेशी ताकतों का एजेंट बताया

अयातुल्लाह अली खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों को विदेशी ताकतों का एजेंट करार दिया है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों पर हिंसा के खिलाफ सख्त चेतावनी दी है। सुरक्षा बलों की गोलीबारी से अब तक सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों गिरफ्तारियां हुई हैं। ये प्रतीकात्मक कृत्य महिलाओं की व्यक्तिगत स्वतंत्रता, हिजाब नियमों और पूरे धार्मिक शासन के खिलाफ खुली बगावत का प्रतीक बन गए हैं, जो सोशल मीडिया के जरिए वैश्विक स्तर पर ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। ईरान में यह नया विरोध रूप आर्थिक संकट और सामाजिक प्रतिबंधों के बीच जनता की बढ़ती बेचैनी को उजागर करता है।

आर्थिक संकट के बीच भड़का जनाक्रोश

बता दें कि ईरान इस वक्त गंभीर आर्थिक दबाव से गुजर रहा है। बढ़ती महंगाई, तेजी से कमजोर होती मुद्रा और खाने-पीने की चीजों की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों में भारी नाराजगी पैदा कर दी है। देश के कई शहरों में फिर से विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।

नेताओं की तस्वीरें और मूर्तियां निशाने पर

रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने सीनियर नेताओं की तस्वीरें जलाने और सरकार से जुड़ी मूर्तियों को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाओं को भी अंजाम दिया है। यह साफ संकेत है कि जनता का गुस्सा अब सिर्फ नारों तक सीमित नहीं रह गया है।

महसा अमिनी आंदोलन से जुड़ी विरोध की जड़ें

यह विरोध ट्रेंड 2022 में पुलिस हिरासत में महसा अमिनी की मौत के बाद शुरू हुए आंदोलन से जुड़ा हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि इंटरनेट और सोशल मीडिया ने विरोध को नया रूप दे दिया है। छोटे-छोटे वीडियो अब मिनटों में ग्लोबल लेवल पर पहुंच रहे हैं।

सरकारी चेतावनियों के बावजूद जारी विरोध

ईरानी अधिकारियों की चेतावनियों और कड़े नियंत्रण के बावजूद इन वीडियो का लगातार बढ़ता सर्कुलेशन दिखाता है कि यह ट्रेंड अब एक ग्लोबल डिजिटल आंदोलन बन चुका है। इसके चलते ईरानी महिलाओं का विरोध अंतरराष्ट्रीय मीडिया और वैश्विक मंचों पर लगातार चर्चा में बना हुआ है।

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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