राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

बिहार-बीमा भारती के बेटे ने दी सुपारी, व्यवसायी की हत्या के बाद दी मटन पार्टी

पूर्णिया.

पूर्णिया के चर्चित व्यवसायी गोपाल यादुका की हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस ने शूटर और लाइनर को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के दौरान इन लोगों ने रुपौली से पांच बार की विधायक और लोकसभा चुनाव में राजद प्रत्याशी बीमा भारती के पुत्र राजा पर हत्या की सुपारी देने का आरोप लगाया। पुलिस की पूछताछ में दोनों ने बताया कि यह डील पांच लाख में तय हुई थी। वारदात को चार बदमाशों ने मिलकर अंजाम दिया था। हत्या से पहले एक लाख 31 हजार रुपए तीन बार में इनके खाते में भेजे जा चुके थे। हत्या के बाद राजा ने सभी को मटन की पार्टी भी दी थी। इधर, पुलिस की दबिश बढ़ने के बाद राजा पूर्णिया छोड़कर फरार हो गया।
शूटर नहीं मिल रहा था, राजा ने उपलब्ध करवाया
पुलिस के अनुसार व्यवसायी गोपाल यादुका के मर्डर में शामिल आरोपियों की पहचान बीकोठी थाना क्षेत्र के भतसारा गांव निवासी ब्रजेश यादव और भवानीपुर के विकास यादव, संजय यादव और विशाल राय के रूप में हुई है। राजा, संजय और ब्रजेश आपस में दोस्त हैं। तीनों की एक दूसरे से जान पहचान थी। भवानीपुर थानेदार सुनील कुमार ने बताया कि व्यवसायी गोपाल यादुका के परिजनों ने घटना के बाद जमीनी विवाद का जिक्र किया था। इसके बाद पुलिस ने इस एंगल पर काम करना शुरू किया। जमीनी विवाद के तह तक गई। पुलिस ने संजय नाम के जमीन ब्रोकर की भूमिका संदिग्ध पाई। ब्रोकर के साथ रहने वाले लोगों की जानकारी जुटाई गई। इसके बाद पुलिस बी. कोठी थाना क्षेत्र के भतसारा गांव में रहने वाले ब्रजेश कुमार तक पहुंची। पुलिस ने जब ब्रजेश से पूछताछ शुरू की, तो ब्रजेश ने ये बताया कि ब्रोकर संजय किसी की हत्या के लिए भाड़े का शूटर खोज रहा था। लेकिन, काफी खोजने पर भी शूटर नहीं मिल सका। इसके बाद संजय ने बीमा भारती के पुत्र राजा को अपनी परेशानी बताई। फिर राजा ने शूटर को उपलब्ध कराया।
दो जून को चार अपराधियों ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया
भवानीपुर के विशाल राय को गोपाल यादुका की हत्या की सुपारी दी गई। हत्या करने की डील पांच लाख रुपए में फिक्स हुई थी। शूटर विशाल ने हत्याकांड को अंजाम तक पहुंचाने के लिए विकास यादव को शामिल किया। इसके बाद दो जून को चार अपराधियों ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया। हत्या के बाद सभी कदवा वासा में जमा हुए। जहां पहले से बीमा भारती का पुत्र राजा समेत बाकी सहयोगी सभी का इंतजार कर रहे थे। राजा ने सभी को मटन पार्टी दी। इसके बाद राजा ने विकास यादव को 50 हजार रुपए, ब्रजेश यादव को 4800 रुपए दिए। वहीं मर्डर से पहले ब्रजेश यादव को एडवांस के रूप में 76 हजार रुपए भेजे गए थे। वहीं, आरोपी ब्रजेश यादव और विकास यादव की गिरफ्तारी की भनक लगते ही बीमा भारती का पुत्र राजा पूर्णिया छोड़कर भाग निकला। जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छापेमारी जारी है। वहीं संजय ब्रोकर को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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