आत्मनिर्भर भारत में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण: आई पी मिश्रा

भिलाई-स्थानीय श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में विधार्थियों में नवाचार,स्टार्टअप संस्कृति और उद्यम शीलता की भावना को मजबूत करने और उन्हें शासन की योजनाओं से परिचित कराने वृहद कार्यशाला का आयोजन किया गया।विश्वविद्यालय के कुलाधिपति आई पी मिश्रा ने विधार्थियों को आव्हान किया कि स्वावलंबी भारत अभियान में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है।उन्हें इस कार्यशाला के माध्यम से स्टार्टअप और उधमिता की जानकारी मिले जिससे वे भारत के आत्मनिर्भरता मिशन में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
गंगाजली शिक्षण समिति की अध्यक्ष डॉ जया मिश्रा ने कहा कि केंद्र सरकार की स्टार्टअप इंडिया,मेक इन इंडिया,डिजिटल इंडिया,प्रधानमंत्री मुद्रा योजना जैसी पहल युवाओं के लिए बड़ा अवसर है।कार्यशाला की संयोजक डॉ अचला ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यशाला एम एस एम ई,रायपुर के तत्वाधान में आयोजित की गई थी। जिसकी सहायक निर्देशक श्रीमती स्वाति अग्रवाल ने इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि आज के युग में बच्चों का स्वावलंबी होना जरूरी है।उधमिता का वास्तविक आधार जोखिम लेने का साहस,स्पष्ट दृष्टि और सतत परिश्रम है।उन्होंने एंटरप्रिन्योर बनाना और कौशल विकसित करने नई योजनाओं की जानकारी दी।शासन की विभिन्न योजनाओं से जोखिम कम है केवल सतत परिश्रम करना है।
डी सी आई एस के महाप्रबंधक स्वतंत्र कुमार सिंह ने छत्तीसगढ़ की औद्योगिक प्रगति एवं रोजगार के अवसर पर प्रकाश डाला।चार्टड अकाउंटेंट एवं प्रखर वक्ता अरिहंत कुमार बोथरा ने विभिन्न योजनाओं की वित्तीय सहायता पर रोचक जानकारी दी।
भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य प्रबन्धक,दुर्ग श्रीमती सुष्मिता बोस ने कहा कि नवीन एंटरप्रिन्योर तथा स्टार्टअप के लिए बैंकिंग एवं ऋण सुविधाएं उपलब्ध है,जिसकी विस्तार से जानकारी दी।उन्होंने क्रेडिट कार्ड से सिबिल स्कोर के संबंध में बताया।विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ ए के झा, कुलसचिव डॉ स्मिता सिलेट ने भी विधार्थियों को संबोधित किया।विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के विद्यार्थी और प्राध्यापक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।




