श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में “जीवन के लिए ओजोन” विषय पर हुआ आयोजन

भिलाई- स्थानीय श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में विश्व ओजोन दिवस के अवसर पर 2024 की थीम””जीवन के लिए ओजोन”” पर आधारित विभिन्न आयोजन किए गए। आयोजन के संबंध में जानकारी देते हुए छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ प्राची निमजे ने बताया की इस वर्ष की थीम जीवन के लिए ओजोन है जो ओजोन परत की रिकवरी को बढ़ावा देने और जलवायु परिवर्तन को प्रदर्शित करने में मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल के सकारात्मक परिणाम पर केंद्रित है।यह दिन लोगो को ओजोन परत के महत्व और पर्यावरण तथा मानव स्वास्थ्य पर ओजोन क्षरण के प्रभाव से जागरूक करने के लिए है।यह ओजोन परत की रक्षा और उसे संरक्षित करने के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों को व्यक्त करता है।
विश्व विद्यालय के कुलपति डॉ ए के झा ने मुख्य अतिथि की आसंदी से अपने संबोधन में कहा कि समताप मंडल में स्थित ओजोन परत सूर्य की हानिकारक पाराबैगनी विकरण का अधिकांश भाग अवशोषित करती है। त्वचा कैंसर,मोतियाबिंद और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को रोकने के साथ साथ इकोसिस्टम और जैव विविधता को सुरक्षित करने के लिए इसका ध्यान रखना अति आवश्यक है।उन्होंने कहा कि मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल ओजोन परत को नुकसान पहुंचाने वाले पदार्थों के उत्पादन और उपयोग को काफी हद तक कम करने में सफल रहा है जिससे ओजोन परत में सुधार के संकेत मिले हैं।
विश्वविद्यालय के डायरेक्टर विकास डॉ सुशील चंद्र तिवारी ने कहा कि ओजोन परत का संरक्षण हम सब की सांझा जवाबदारी है और इससे हम पृथ्वी की रक्षा कर रहे हैं।ओजोन परत पृथ्वी की सन स्क्रीन है और इसे मजबूत , स्वस्थ बनाने के लिए सभी को प्रयास करने होंगे।
मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल के द्वारा गंभीर पर्यावरणीय मुद्दों का समाधान किया जा सकता है। ओजोन परत के प्रति हमारी प्रतिबद्धता पृथ्वी पर जीवन के प्रति प्रतिबद्धता है। ओजोन परत क्षरण से बड़े नुकसान उठाने पड़ते हैं यह पौधों के जीवन चक्र को बदल कर और खाद्य श्रृंखला को प्रभावित करता है।यह वायुमंडलीय पैटर्न को भी बदल देता है।
इसके बचाव के लिए ओजोन अनुकूल उत्पादों का उपयोग करना होगा।सीएफसी और अन्य हानिकारक रसायनों का उपयोग कम करना होगा।उपकरणों के रखरखाव में ध्यान देना होगा।ओजोन परत सरंक्षण पर आधारित वैज्ञानिक अनुसंधान का पालन करना होगा।
इस अवसर पर विधार्थियों ने भी ओजोन परत सरंक्षण पर अपने विचार रखे। विधार्थियों ने ओजोन परत पर केंद्रित पोस्टर बनाए जिसकी प्रदर्शनी लगाई गई। जिसका अवलोकन अतिथियों ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में छात्र और शिक्षक उपस्थित थे।