राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

बालाघाट के कलकत्ता जंगल में माओवादियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़, क्षेत्र में बढ़ा तनाव

 बालाघाट
 लांजी के युवक को पुलिस की मुखबिरी के शक में अगवा कर मौत के घाट उतारने वाले माओवादियों से 17 दिन बाद फिर पुलिस का आमना-सामना हुआ है। शुक्रवार देर रात किरनापुर थाना क्षेत्र के कलकत्ता के घने जंगल में मुठभेड़ की घटना सामने आई है। हालांकि, इस घटना में किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (बैहर) आदर्शकांत शुक्ला ने बताया कि बीती रात मलाजखंड दलम के माओवादी ने सर्चिंग कर रहे सुरक्षा जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने भी माओवादियों को मुंहतोड़ जवाब दिया है। एक्सचेंज आफ फायर में 8-10 माओवादियों के शामिल होने की संभावना है। बता दें कि इस घटना के बाद पुलिस ने सर्चिंग तेज कर दी है। शनिवार सुबह बड़ी संख्या में सीआरपीएफ के जवान कलकत्ता सहित आसपास के जंगल में सघन सर्चिंग अभियान चला रहे हैं।

माओवादियों और सुरक्षा जवानों के बीच कितने राउंड फायर हुए, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। गौरतलब है कि 17 सितंबर की देर रात मलाजखंड दलम के माओवादियों ने लांजी के चौरिया निवासी देवेंद्र यादव को अगवा कर लिया था। मौके पर कुछ पर्चे भी छोड़े थे, जिसमें देवेंद्र को पुलिस का मुखबिर बताकर उसे मौत की सजा देने की बात लिखी थी।

अगले दिन ग्रामीणों ने देवेंद्र का शव देखा था। इसी दिन माओवादियों ने परसवाड़ा के चीनी कुकड़ा मार्ग पर बैनर और पोस्टर टांगकर विशेष सहयोगी दस्ता भर्ती का विरोध जताया था। साथ में देवेंद्र को अगवा कर मौत की सजा देने की बात का उल्लेख किया था।

पुलिस ने सर्चिंग और तेज कर दी

माओवादी इन दिनों अपने संगठन की 20वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। हर साल 21 सितंबर से 20 अक्टूबर तक माओवादी इस वर्षगांठ पर जगह-जगह बैनर-पोस्टर टांगकर सरकार और पुलिस के खिलाफ ग्रामीणों को बरगलाते हैं। मिशन 2026 को देखते हुए पुलिस ने भी सर्चिंग को और तेज कर दिया है।

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button