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डिजिटल साक्ष्य की पहचान बड़ी चुनौती है:विजय अग्रवाल

श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में "ए आई और डिजिटल दुनिया की चुनौतियां" पर कार्यशाला हुयी संपन्न

भिलाई-स्थानीय श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के लॉ डिपार्टमेंट के तत्वाधान में पांच दिवसीय कार्यशाला ” ए आई और डिजिटल दुनिया की चुनौतियां” का आयोजन किया गया जिसमें विधि के प्राध्यापक,प्रशासनिक अधिकारी,पुलिस अधिकारी शामिल हुए।

कार्यशाला की संयोजक विधि की प्राध्यापक पूजा ठाकुर ने बताया कि दुर्ग जिले के पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने व्यावहारिक दृष्टिकोण से साइबर अपराधों की जांच के साथ ही डिजिटल साक्ष्य की पहचान पर विस्तृत जानकारी दी।उन्होंने बढ़ते साइबर अपराध से किसे सुरक्षित रहें और कानून की इसमें कैसे मदद ली जा सकती है पर प्रकाश डाला।साइबर अपराध को रोकने के लिए आधुनिक उपायों पर भी चर्चा की।

राजस्थान यूनिवर्सिटी के डॉ मनोज मीणा ने डिजिटल गवर्नेंस,आई टी अधिनियम व्याख्या बड़े ही रोचक अंदाज में की।उन्होंने निजता के अधिकार के साथ ही साइबर अपराधों की अवधारणा की व्याख्या की।

हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय लॉ यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर योगेन्द्र श्रीवास्तव कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल दुनिया के बीच कानून के लिए बड़ी चुनौती सामने आती है।उन्होंने न्यायपालिका की भूमिका की चर्चा करते हुए कहा कि पूरे प्रयास सुरक्षा के लिए जाते हैं,पर हमें जागरूक भी रहना होगा तभी इन साइबर अपराधों से बचा जा सकता है।

विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ स्मिता सिलेट ने डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर प्रकाश डाला। डेटा सुरक्षा की नीतियां और उनके मानकों की भी चर्चा की।उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थाओं में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं और प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जाए।

साइबर एक्सपर्ट डॉ अभय तिवारी और डॉ संकल्प राय ने भी कार्यशाला में विधार्थियों को संबोधित की और साइबर फोरेंसिक,सोशल इंजीनियरिंग,ऑनलाइन फ्राड के नए तरीकों पर प्रकाश डाला।कार्यशाला में विभागाध्यक्ष आयुष झा ने पूरी कार्यशाला पर प्रकाश डालते हुए बताया कि कार्यशाला में विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के प्राध्यापक, छात्रों ने भाग लिया।

Dinesh Purwar

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