राजद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने तेजस्वी को लालू यादव के बराबर अधिकार दिए
पटना
बिहार में राष्ट्रीय जनता दल की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक शनिवार को संपन्न हुई। कार्यकारिणी ने तेजस्वी यादव को राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बराबर अधिकार दे दिए गए हैं। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आलोक मेहता ने पार्टी के संविधान में संशोधन का प्रस्ताव पेश किया। इसके बाद यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास हो गया। इसके साथ ही राजद में 'तेजस्वी युग' की शुरुआत हो गई। अब तेजस्वी यादव को वह सभी फैसले लेने का अधिकार मिल गया है जो अब तक सिर्फ लालू यादव ही ले सकते थे। तेजस्वी यादव अब चुनाव में जिसे चाहें उसे अपनी पार्टी का सिंबल दे सकते हैं और पार्टी के सारे अहम फैसले ले सकते हैं। हालांकि इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह नहीं पहुंचे। इसके बाद उनके नाराज होने के कयास लगाए जाने लगे, लेकिन मीसा भारती ने इन कयासों पर यह कहकर विराम लगा दिया कि वह बीमार हैं।
बैठक के बाद तेजस्वी यादव ने मीडियाकर्मियों से कहा कि उनके पास बिहार को आगे ले जाने का ब्लू प्रिंट है। उन्हें पता है कि बिहार को कैसे आगे ले जाना है। शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में देश की वर्तमान स्थिति और बिहार विधानसभा चुनाव पर चर्चा की गई। इस दौरान पार्टी का सदस्यता अभियान तेजी से आगे बढ़ाने, पार्टी संगठन के विस्तार और आगामी कार्यक्रमों पर भी विचार किया गया। खास तौर पर 5 जुलाई को बापू सभागार में खुले अधिवेशन के आयोजन का फैसला किया गया जो पार्टी के स्थापना दिवस के साथ मनाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल महागठबंधन की सरकार बनाएगा। पार्टी के नेतृत्व ने यह भरोसा जताया कि नए विचार और नए लोग बिहार को एक नई दिशा देंगे। हर वर्ग और जाति के लोगों को साथ लेकर राज्य की तरक्की के लिए काम किया जाएगा। पार्टी ने यह स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य बिहार को अग्रणी राज्यों में शामिल करना है और इसके लिए एक ठोस ब्लूप्रिंट तैयार किया गया है।
उन्होंने कहा कि इसके अलावा, 24 जनवरी को कर्पूरी ठाकुर की जयंती पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। राष्ट्रीय जनता दल के नेताओं ने पार्टी के संस्थापक लालू यादव के संघर्ष को याद करते हुए, राज्य की सबसे बड़ी पार्टी के रूप में राजद को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
मीसा भारती ने कहा कि इस बैठक में बहुत से फैसले लिए गए हैं। आने वाले दिनों में राज्य में चुनाव हैं। पार्टी में मुख्यमंत्री का चेहरा तेजस्वी यादव को अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष का अभी चुनाव होना है। अभी हमारे अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव हैं। इस बैठक में दल के संविधान में संशोधन किए गए हैं। इस मीटिंग में प्रदेश अध्यक्ष के ऊपर कोई चर्चा नहीं हुई है।
इसके बाद जगदानंद सिंह की अनुपस्थिति पर उन्होंने कहा कि शायद वह बीमार हैं, इसलिए नहीं आए हैं। रोहिणी आचार्य ने कहा कि इस बैठक में तेजस्वी यादव के साथ हर एक कार्यकर्ता को बहुत बड़ी जिम्मेदारी मिली है कि कैसे हमारी पार्टी को और आगे बढ़ाना है। राजद प्रवक्ता शक्ति यादव ने कहा कि राष्ट्रीय निर्वाचन पदाधिकारी के तौर पर रामचंद्र पूर्वे को नियुक्त किया गया। पार्टी में हर प्रकार का निर्णय लेने के लिए लालू यादव के बाद तेजस्वी यादव को अधिकार दिए गए। पार्टी में अब लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव ही अंतिम निर्णय लेंगे। राजद नेता मनोज झा ने कहा कि इस बैठक में सांगठनिक और राजनीतिक प्रस्तावों पर चर्चा हुई। सारी चर्चाओं पर विचार-विमर्श कर सर्वसम्मति से फैसला लिया गया।