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ग्राम प्रधानों के कार्यकाल खत्म होने से पहले बड़ा खेल, कानपुर की 35 पंचायतों में 38 लाख के भुगतान पर सवाल

लखनऊ
उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने से ठीक पहले ग्राम पंचायतों में सरकारी धन के भुगतान को लेकर बड़ा खेल सामने आया है। कानपुर की 35 ग्राम पंचायतों में नियमों को दरकिनार कर करीब 38.41 लाख रुपये का मनमाने तरीके से भुगतान कर दिया गया। मामला सामने आने के बाद पंचायतीराज निदेशालय ने गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए थे। डीपीआरओ मनोज कुमार ने सभी ग्राम पंचायत सचिवों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

26 मई को ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होना था। इससे पहले पंचायत खातों में बची धनराशि को खर्च करने की होड़ मच गई। इसी जल्दबाजी में कई ग्राम पंचायतों में नियमों को ताक पर रखकर भुगतान कर दिए गए। कानपुर की 590 ग्राम पंचायतों में से 565 पंचायतों ने नियमों का पालन किया लेकिन घाटमपुर, सरसौल, भीतरगांव, चौबेपुर, कल्याणपुर, पतारा, शिवराजपुर और बिधनू ब्लॉकों की 35 ग्राम पंचायतों में एक अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच करीब 38.41 लाख रुपये का भुगतान मनमाने तरीके से कर दिया। मॉनीटरिंग हुई तो पता चला कि भुगतान निर्धारित गेट-वे पोर्टल के बजाय बाहरी कंप्यूटरों और अन्य स्थानों से किए गए। नियम 15वें वित्त आयोग और राज्य वित्त आयोग की धनराशि से होने वाले सभी विकास कार्यों का भुगतान केवल ग्राम सचिवालय में स्थापित कंप्यूटर से, निर्धारित आईपी एड्रेस से ही होंगे।

प्रदेश के 74 जिले में 22.11 करोड़ का भुगतान
मनमाने भुगतान का मामला सिर्फ कानपुर तक सीमित नहीं है। प्रदेश भर के 74 जिलों की 2542 ग्राम पंचायतों में करीब 22.11 करोड़ रुपये के भुगतान नियमों को दरकिनार कर करने का खुलासा हुआ है। इसके बाद पंचायती राज निदेशक ने सभी जिलों के डीपीआरओ से जवाब मांगा है और संबंधित सचिवों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है

ग्राम प्रधान बनाए गए हैं प्रशासक
यूपी में पहली बार ग्राम प्रधानों को प्रशासक पद की जिम्मेदारी दी गई है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में देरी के कारण ग्राम पंचायतों की बागडोर ग्राम प्रधानों के हाथ में ही रखे जाने का निर्णय लिया गया है। 26 मई को ग्राम प्रधानों का पांच वर्ष का कार्यकाल खत्म हो रहा था। ऐसे में 27 मई से निर्वतमान ग्राम प्रधान प्रशासक के रूप में काम कर रहे हैं। छह महीने या पंचायत चुनाव होने के बाद नई ग्राम पंचायत की प्रथम बैठक की तिथि तक जो भी पहले हो प्रधानों को प्रशासक पद की जिम्मेदारी दी गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यह फैसला किया गया है। यूपी में वर्ष 2021 में कुल 58195 ग्राम पंचायत प्रधान निर्वाचित हुए थे। उनकी पहली बैठक 27 मई 2021 को हुई थी। ऐसे में ग्राम प्रधानों का पांच वर्ष का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो गया था।

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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