छत्तीसगढ़दुर्ग-भिलाई

दीर्घकालिक लक्ष्य के लिए प्रेरणा आवश्यक::डॉ संजय पॉल.

श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में इंटरनेशनल सेमिनार का हुआ आयोजन

भिलाई-स्थानीय श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में आई क्यू ए सी के द्वारा इंटरनेशनल सेमिनार आयोजित किया गया। संस्थागत फैकल्टी को अभिप्रेरित करने और दीर्घकालिक लक्ष्यों के लिए सार्थक प्रयासों पर आधारित इस सेमिनार में प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय के वक्ताओं ने व्याख्यान दिया।संयोजक डॉ स्वर्णली दास पॉल ने जानकारी देते हुए बताया कि सेमिनार में प्राध्यापकों को प्रेरित करने और अपनी योग्यता को पहचानने तथा लक्ष्य प्राप्ति के प्रयास कैसे किए जाएं पर सारगर्भित चर्चा हुई साथ ही शोध के क्षेत्र के नए आयामों पर विषय विशेषज्ञों ने प्रकाश डाला।

मुख्य वक्ता स्काईलाइन यूनिवर्सिटी नाइजीरिया के बायोसाइंस विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ संजय कुमार पॉल थे,उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि दीर्घकालिक लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित रखने के लिए अपने सपनों का पीछा करें और निरंतर आगे बढ़ते रहें।सबसे पहले लक्ष्य निरधारण स्पष्ट हो।अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए उसे विभाजित करे या स्टेप्स में बांट लें,समय सीमा का निर्धारण करें।इन सबके लिए खुद को प्रेरित करे और प्रगति की समीक्षा करें।यदि आपको कहीं अड़चनों का सामना करना पड़े तो दूसरों की सहायता लेने में परहेज न करें।हमेशा सकारात्मक रहें।

कौशल का उपयोग भरपूर उपयोग करें।यदिआप समूह का नेतृत्व कर रहें हैं तो आपकी जवाबदेही ज्यादा बढ़ जाती है।इसके लिए अपनी टीम को कड़ी मेहनत के लिए प्रेरित करने के साथ ही पुरस्कार एवं उपहार देने में चुके नहीं।टीम में सकारात्मक ऊर्जा का संचार के साथ ही प्रगति की निगरानी भी आवश्यक है।
डॉ पॉल ने स्टार्टअप,नई नौकरी,व्यवसाय,तथा शोध परियोजनाओं पर भी चर्चा की और कहा को स्मार्ट लक्ष्य इनके लिए मददगार होते है।सेमिनार में नॉर्थ ईस्ट सेंट्रल यूनिवर्सिटी,शिलांग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ विकास दुबे ने विज्ञान में नए शोध क्षेत्रों पर व्याख्यान दिया।उन्होंने विभिन्न शोध परियोजनाओं तथा इनके लिए उपलब्ध वित्तीय सहयोग की विस्तृत जानकारी दी।

विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ स्मिता सिलेट ने अपने स्वागत भाषण में इस तरह के बहुउपयोगी व्याख्याओं की उपयोगिता की चर्चा की।उन्होंने शोध के विभिन्न नए ट्रेंड्स की जानकारी से सभी को अपडेट रहने पर जोर दिया।कार्यक्रम का संचालन डॉ जयश्री ने किया।विश्वविद्यालयके डायरेक्टर विकास डॉ सुशील चंद्र तिवारी एवं डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ श्रुति तिवारी, डॉ धनेश जोशी सहित बढ़ी संख्या में प्राध्यापक उपस्थित थे।

Dinesh Purwar

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