इंदौर में निरोगी काया अभियान के तहत हुए स्वास्थ्य जांच में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए

इंदौर
स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए गए निरोगी काया अभियान के तहत कुछ चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। इस अभियान में 5 लाख 90 हजार से अधिक इंदौरियों की जांच की गई, जिसमें 62 हजार से अधिक लोग ब्लड प्रेशर और 45 हजार से अधिक लोग मधुमेह से पीड़ित पाए गए। इसके अलावा, 17,156 लोगों को दोनों ही बीमारियां यानी उच्च रक्तचाप और शुगर एक साथ पाई गईं। इन आंकड़ों से यह साफ होता है कि इंदौर में लोग अव्यवस्थित खान-पान और फास्टफूड के कारण स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं।
इंदौर में बढ़ रही जीवनशैली से जुड़ी समस्याएं
इंदौर जैसे खाने-पीने के शौक़ीन शहर में अब स्वास्थ्य समस्याएं भी तेजी से बढ़ने लगी हैं। तला-भुना और फास्टफूड खाने के कारण युवाओं में ब्लड प्रेशर और शुगर जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। निरोगी काया अभियान के आंकड़ों से यह स्पष्ट है कि 10 प्रतिशत से अधिक लोग उच्च रक्तचाप, मधुमेह और जीवनशैली से जुड़ी अन्य बीमारियों से पीड़ित हैं। यह चौंकाने वाली बात है कि इन बीमारियों से प्रभावित कई लोग अब भी इससे अनजान हैं और समय रहते उपचार नहीं करा रहे हैं।
निरोगी काया शिविर और जांच अभियान
स्वास्थ्य विभाग द्वारा केंद्र सरकार की पहल पर चलाए गए इस निरोगी काया अभियान के तहत जिला अस्पताल और संजीवनी क्लिनिकों पर जांच शिविर लगाए गए। इन शिविरों में यह पाया गया कि अनियमित खानपान और इंदौरियों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की कमी के कारण युवाओं में नॉन-एल्कोहोलिक फेटी लिवर की समस्या तेजी से बढ़ रही है। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, 21 प्रतिशत लोगों में इस बीमारी के लक्षण पाए गए। 26,727 व्यक्तियों की जांच में लगभग 10 प्रतिशत लोग इस समस्या से पीड़ित थे, लेकिन उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी।
अन्य गंभीर बीमारियों की पहचान
निरोगी काया अभियान में मुंह के कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर और गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर के भी मामले सामने आए हैं। अभियान के दौरान 35 हजार लोग ओरल कैंसर और 10,768 लोग सवाईकल कैंसर से पीड़ित पाए गए। इनमें से 1500 से अधिक मरीजों को अन्य गंभीर जांचों के लिए भेजा गया। यह आंकड़े इस बात की ओर इशारा करते हैं कि इंदौर में स्वास्थ्य जागरूकता की कमी के कारण गंभीर बीमारियां बढ़ रही हैं और समय रहते उनका इलाज न करने से ये बीमारियां खतरनाक रूप ले सकती हैं।