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वन परिक्षेत्र चितरंगी के जंगलों में लगी भीषड़

वन परिक्षेत्र चितरंगी के जंगलों में लगी भीषड़

वन संपदा की सुरक्षा करने  कि आखिर किसकी जिम्मेदारी ‌?

चितरंगी
वन परिक्षेत्र चितरंगी के कक्ष क्रमांक आर 12 बगदरा कला के जंगल मे 24 अप्रैल 2025 को आग लगने की सूचना प्राप्त हुई। बीट प्रभारी सुरेश प्रजापती ने मौके से पहुच कर अपने चौकीदार एवं ग्रामीणों के सहयोग से इस तपती धूप में आग को बुझाने केलिए कड़ी मेहनत किया । लेकिन गर्मियों में पेड़ो के पत्ते सभी झड़ जाते है जंगलो में खड़पतवार होने से हवाओ में आग फैलने में अधिक मौका रहता है। केलिन सभी के सूझबूझ से खड़पतवार की कटिंग कर आग पर काबू पाया गया। ग्रामीणों द्वारा आग को बुझाने में अपनी एक अहम जिम्मेदारी को दिखाया इसलिए बहुत जल्द ही विकराल रूप धारण किया आग को नियंत्रित कर लिया गया।
स्थल से लौटते ही आग बेकाबू हो गई और बगदरा कला के जंगल से बढ़ कर चितरंगी अधियारी तक पहुंच गई है आंधी तूफान आग को बढ़ावा देने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहा हैं।

वन परिक्षेत्र अधिकारी रवि शेखर सिंह ने इस घटना पर नज़र बनाये रखने और उचित मार्गदर्शन करते रहे। अंततः एक तरफ सफलता हासिल हुई।
और दूसरे दिन वही आग चितरंगी पहुंच गई श्री सिंह ने आम जन मानस से अपील किया हैं कि वन संपदा से जसमे सब कुछ मिलता है। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण ऑक्सीजन मिलती है जो जीवन उसके बैगर एक पल जिन मुश्किल होता है। इसलिए सभी आम जन मानस से मेरी अपील हैं कि वन सुरक्षा अपनी नैतिक जिम्मेदारी है। अपने खुद के फायदे के लिए वन को छति नही पहुचाये।
चितरंगी तहसील जनपद मुख्यालय होने के बावजूद एक भी फायर ब्रिगेड नहीं है।
जंगल के आलावा किसानों की फसलें, घर,वाहन अनेकों प्रकार की आगजनी होती रहती है।
शासन प्रशासन से क्षेत्रीयजनों की ओर से मांग की जाती है की फायर ब्रिगेड की ब्यवस्था कराई जाय जिससे जान माल की सुरक्षा हो सके।

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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