राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर पेंच टाइगर रिजर्व में नया अभियान बाघदेव शुरू

भोपाल
सिवनी जिले के पेंच टाइगर रिजर्व में अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस से विश्व बाघ दिवस तक की अवधि के लिये एक नया अभियान “बाघदेव’’ प्रारंभ किया गया है। “बाघदेव’’ को आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में देवता के रूप में पूजा जाता है और उनसे मन्नतें मांगी जाती हैं। यह परम्परा आज भी प्रचलित है। उल्लेखनीय है कि अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस 22 मई को जबकि बाघ दिवस 29 जुलाई को मनाया जाता है।

उप संचालक पेंच टाइगर रिजर्व श्री रजनीश कुमार सिंह ने बताया कि “बाघदेव’’ अभियान में बफर क्षेत्र की सभी 130 ईको विकास समितियों में मिट्टी के बाघ बनाये जायेंगे। ईको विकास समितियों के सदस्य एवं ग्राम पंचधार के मिट्टी के बर्तन और खिलौने बनाने वाले विशेषज्ञ कुम्हार भी सहायता करेंगे। पेंच प्रबंधन द्वारा समिति सदस्यों को पोस्टर के माध्यम से जागरूक किया जायेगा। ग्रामीणजन मिट्टी के बाघ बनाकर उससे प्रकृति के इन तत्वों को वरदान के रूप में लेते हैं।

मिट्टी के बाघों को पार्क प्रबंधन द्वारा एकत्रित करा कर भट्टी में पकाया जाता है, जिन्हें खबासा में निर्माणाधीन स्टील स्क्रेप से बन रही बाघ कलाकृति के पास स्थापित कर नये आस्था स्थल में संजोया जायेगा।

पेंच प्रबंधन का प्रयास है कि इस वर्ष टेराकोटा (मिट्टी) की कलाकृति बनायी जाये। उन्होंने बताया कि इस अभियान में ईको विकास समितियों के साथ पर्यटक एवं अन्य बफर क्षेत्र के बाहर के रहवासी भी जुड़ सकते हैं और अपने हाथ से बाघ बनाकर उसमें अपना नाम लिखकर “बाघदेव’’ से मनोकामना मांग सकेंगे, इससे बाघ संरक्षण में समुदायों के भावनात्मक जुड़ाव के साथ ही पंचधार के मूर्तिकारों के लिये रोजगार के नये अवसर भी प्राप्त होंगे।

 

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button