छत्तीसगढ़दुर्ग-भिलाई

जामुल पहुँचने पर शंकराचार्य श्री अविमुक्तेश्वरानंन्द का हुआ भावभीना स्वागत

जामुल-शंकराचार्य स्वामिश्री: अविमुक्तेश्वरानंन्द: सरस्वती 1008 जी महाराज का जामुल नगर में प्रथम बार आगमन हुआ।उनके स्वागत के लिए जामुल के विभिन्न स्थानों को फूल मालाओं से सजाया गया था।गाजे बाजे के साथ फटाके फोड़ कर शंकराचार्य जी का स्वागत किया गया।पश्चात् स्वस्ति वाचन कर शंख व घंटी की ध्वनि से गुंजायमान जामुल के उपाध्याय निवास में शंकराचार्य जी का पदार्पण हुआ।जहां ईश्वर उपाध्याय के निवास स्थान में शंकराचार्य जी के आगमन के पश्चात् उपाध्याय परिवार द्वारा पादुका पूजन किया गया। शंकराचार्य जी के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में धर्मानुरागीजन एकत्रित हुए थे,जिन्हें पूजन व दर्शन के पश्चात् प्रसादी वितरण किया गया।

ज्ञात हो कि जामुल नगर में पहली बार एक सप्ताह के भीतर किसी दूसरे शंकराचार्य जी का आगमन हुआ है।इससे पूर्व जामुल नगर में कभी किसी भी शंकराचार्य जी का आगमन नहीं हुआ था।2 मार्च 2024 शनिवार को विशाल हिंदू राष्ट्र धर्म सभा के लिए धर्मध्वजरक्षक परमधर्माधीश सर्वोच्च गुरु अनंत श्री विभूषित ऋग्वेदीय पूर्वाम्नाय गोवर्धनमठ-पुरीपीठाधीश्वर परमपूजनीय श्रीमज्जग्दगुरू शंकराचार्य स्वामी श्री निश्चलानंद सरस्वती जी महाराज का तीन तीन दिनों के लिए जामुल के उपाध्याय निवास में आगमन हुआ था, जहां दर्शन,दीक्षा, संगोष्ठी व हिन्दू राष्ट्रधर्म धार्मसभा को श्री शंकराचार्य ने संबोधित किया था।

ईश्वर उपाध्याय ने कहा कि “एक सप्ताह के भीतर दो शंकराचार्य के जामुल आगमन को विद्वान द्वाराअत्यधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा हैं।साथ ही गौ रक्षा, धर्मान्तरण पर रोक,घर वापसी जैसे आयोजनों व शास्त्रों की शिक्षा आदि में तीव्र गति से कार्य होंगे”।

Dinesh Purwar

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button