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छत्तीसगढ़ में शहीदी सप्ताह के दौरान मुठभेड़, सुरक्षा बलों और माओवादियों में गोलीबारी जारी

 सुकमा
 माओवादियों केशहीदी सप्ताह के दौरान मंगलवार सुबह से सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ जारी है। जानकारी के अनुसार यह मुठभेड़ आज सुबह उस वक्त शुरू हुई जब डीआरजी, सीआरपीएफ और एसटीएफ के जवान जंगलों में सर्चिंग अभियान पर निकले थे। शहर में हो रही बारिश के बीच मुठभेड़ रुक-रुक कर हो रही है। हालांकि सुरक्षा के दृष्टिकोण से मुठभेड़ स्थल का नाम गोपनीय रखा गया, जैसे ही मुठभेड़ खत्म होगी उसके बाद विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

घात लगाकर हमला
शहीदी सप्ताह के मद्देनज़र सुरक्षा बलों ने सर्चिंग तेज कर रखी थी। इसी दौरान घात लगाए माओवादियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने भी मोर्चा संभालते हुए मुंहतोड़ जवाब दिया। इस बीच एक आईईडी ब्लास्ट होने से दो जवान घायल हो गए बताया जाता है कि दोनो जवानों को मामूली चोंट आई है। वही मुठभेड़ अभी भी जारी है। 

दरअसल, बस्तर में 28 जुलाई से नक्सलियों का शहीदी सप्ताह शुरू हो गया है, जो 3 अगस्त तक चलेगा। नक्सलियों के इस शहीदी सप्ताह में बस्तर में पुलिस फोर्स अलर्ट है। सभी जिलों में जवानों को ऑपरेशन के लिए भेजा गया है। सुकमा में ऑपरेशन पर निकले जवानों की 29 जुलाई की सुबह मुठभेड़ हो गई।

इससे पहले, बीजापुर जिले के बासागुड़ा इलाके में 26 जुलाई को मुठभेड़ में जवानों ने 17 लाख रुपए के इनामी 4 नक्सलियों को मार गिराया था। इनमें 2 महिला और 2 पुरुष नक्सली शामिल हैं। सभी के शव, INSAS, SLR समेत बड़ी संख्या में हथियार और विस्फोटक बरामद किए गए हैं।

18 जुलाई को मारे गए थे 6 नक्सली

वहीं, 18 जुलाई को नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ में जवानों ने 6 नक्सलियों का एनकाउंटर किया था। मुखबिर की सटीक सूचना पर सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम सर्चिंग पर निकली थी। जहां फोर्स ने माओवादियों को घेर कर मार गिराया।

बारिश के मौसम में भी नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन मानसून जारी है। इस दौरान पुलिस का नक्सलियों से सामना हुआ। दोनों तरफ से फायरिंग हुई थी। जवानों ने जवाबी कार्रवाई में नक्सलियों को ढेर कर दिया। एनकाउंटर वाली जगह से AK-47 और SLR जैसे ऑटोमैटिक हथियार भी बरामद हुए थे।

सर्च ऑपरेशन जारी
सूत्रों के अनुसार मुठभेड़ में माओवादियों को भारी नुकसान हुआ है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि की प्रतीक्षा की जा रही है। मुठभेड़ प्रभावित क्षेत्र में अभी भी सर्चिंग जारी है।

जिले के एसपी किरण चव्हाण और सीआरपीएफ डीआईजी आनंद सिंह राजपुरोहित लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं और ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं। एसपी चव्हाण ने बताया कि सुरक्षा कारणों से मुठभेड़ स्थल के बारे में जानकारी साझा नहीं की जा रही है। अभियान पूरा होने के बाद विस्तृत जानकारी दी जाएगी। 

अबूझमाड़ में 26 जून को हुई थी मुठभेड़

वहीं 5 जुलाई को बीजापुर जिले में जवानों ने मुठभेड़ में एक नक्सली को ढेर किया था। जवानों ने 5 जुलाई की सुबह मारे गए नक्सली का शव और हथियार बरामद किया। इसके साथ ही नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ इलाके में ही 26 जून को जवानों ने 2 वर्दीधारी महिला नक्सलियों को मार गिराया था।

दोनों के शव बरामद कर किए गए। साथ ही 315 बोर राइफल और अन्य हथियार भी बरामद हुए थे। मारे गए नक्सलियों में एरिया कमेटी मेंबर (ACM), कुतुल एरिया कमेटी मेंबर सीमा के रूप में की गई। इस पर 5 लाख का इनाम घोषित था। वहीं लिंगे उर्फ़ रांझू पर 1 लाख का इनाम था। रांझू पार्टी मेंबर (PM), कुटुल LOS थी।

शाह की डेडलाइन, 2026 तक करेंगे नक्सलवाद का खात्मा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अगस्त 2024 और दिसंबर 2024 में छत्तीसगढ़ के रायपुर और जगदलपुर आए थे। वे यहां अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग मंचों से नक्सलियों को चेताते हुए कहा था कि हथियार डाल दें। हिंसा करोगे तो हमारे जवान निपटेंगे।

वहीं उन्होंने एक डेडलाइन भी जारी की थी कि 31 मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद का खात्मा कर दिया जाएगा। शाह के डेडलाइन जारी करने के बाद से बस्तर में नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन काफी तेज हो गए हैं।

नक्सलियों की सेंट्रल कमेटी ने देशभर में मारे गए साथियों का आंकड़ा जारी किया है। जारी बुकलेट में कहा गया है कि सालभर में देश के अलग-अलग राज्यों में उनके कुल 357 साथी मारे गए हैं, जबकि कुछ महीने पहले भी नक्सलियों के सेंट्रल कमेटी के प्रवक्ता ने लेटर जारी किया था। जिसमें डेढ़ साल में 400 से ज्यादा नक्सलियों के मारे जाने का जिक्र था। 

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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