राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

खालिस्तान विवाद के बाद भारत-कनाडा संबंधों में हलचल, अधिकारी करेंगे पहली औपचारिक बैठक

नई दिल्ली 
भारत और कनाडा अगले हफ्ते अपने रिश्तों को फिर से मजबूत करने के लिए अहम बातचीत करने जा रहे हैं। यह बैठक पिछले महीने दोनों देशों के बीच रिश्ते सुधारने पर बनी सहमति के बाद पहली बार होगी। बातचीत में सुरक्षा मुद्दों और राजनयिक रिश्तों को बेहतर बनाने पर जोर रहेगा। कनाडा के इंडो-पैसिफिक मामलों के असिस्टेंट डिप्टी मिनिस्टर वेल्डन एप (Weldon Epp)  अगले हफ्ते नई दिल्ली आएंगे। वह मलेशिया में आसियान (ASEAN) से जुड़ी बैठक के बाद भारत आएंगे और यहां भारत के अतिरिक्त सचिव (अमेरिका) के नागराज नायडू से मिलेंगे।

पिछले महीने कनाडा के नए प्रधानमंत्री मार्क कार्नी  और भारतीय प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की कनाडा के रॉकीज में हुए G7 शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात हुई थी। उस मुलाकात में दोनों देशों ने आपसी रिश्ते फिर से पटरी पर लाने के लिए ‘‘संतुलित और रचनात्मक कदम’’ उठाने पर सहमति जताई थी। वेल्डन एप इस समझौते के बाद भारत आने वाले पहले वरिष्ठ कनाडाई अधिकारी होंगे। बातचीत में दोनों देशों के बीच सुरक्षा एजेंसियों का सहयोग बढ़ाना, आपसी खुफिया जानकारी साझा करना और कानून व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी।
 
साथ ही दोनों देश फिर से काउंटर टेररिज्म वर्किंग ग्रुप की बैठक शुरू करने पर भी विचार करेंगे, जो पिछले दो साल से बंद है।भारत अपनी तरफ से कनाडा में सक्रिय खालिस्तानी तत्वों और उनके आपराधिक गतिविधियों को लेकर फिर से चिंता जताएगा। दोनों देश एक-दूसरे की राजधानी में नए उच्चायुक्त भी तैनात करने जा रहे हैं। भारत के स्पेन में राजदूत  दिनेश पटनायक को ओटावा में भारत का नया उच्चायुक्त बनाया जाएगा। वहीं, कनाडा की ओर से क्रिस्टोफर कूटर जो अभी इज़राइल में कनाडा के चार्ज द’अफेयर्स हैं, भारत में नए उच्चायुक्त होंगे। इन नियुक्तियों की औपचारिक घोषणा जल्द होगी और अगस्त के अंत तक नई तैनाती पूरी होने की उम्मीद है।

क्यों बिगड़े थे रिश्ते?
भारत-कनाडा के रिश्तों में दरार तब आई थी जब कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने सितंबर 2023 में आरोप लगाया था कि खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंसियों का हाथ है। भारत ने इसे ‘‘बेहूदगी’’ बताया और इसके बाद दोनों देशों ने आपसी व्यापार वार्ता रोक दी, दर्जनों राजनयिकों को देश से निकाल दिया और रिश्ते काफी खराब हो गए थे।अब पीएम मोदी और पीएम कार्नी की मुलाकात के बाद रिश्तों को नए सिरे से शुरू करने की कोशिश की जा रही है। कनाडा की विदेश मंत्री अनिता आनंद ने इसे द्विपक्षीय रिश्तों के लिए ‘‘महत्वपूर्ण कदम’’ बताया है।

 

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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