स्वास्थ्य

भारत का पहला डिजिटल नोमैड विलेज तैयार, वर्क फ्रॉम हिल्स का मिलेगा अनोखा अनुभव

नई दिल्ली 
जरा सोचिए, सोमवार की सुबह ऑफिस ट्रैफिक की बजाय आप पहाड़ों की खूबसूरत वादियों में लैपटॉप खोलकर काम कर रहे हों। यह सपना अब हकीकत बना है सिक्किम के याकतेन (Yatken) गांव में, जिसे देश का पहला डिजिटल नोमैड विलेज (India's First Digital Nomad Village) घोषित किया गया है। हाई-स्पीड इंटरनेट और आरामदायक सुविधाओं के साथ यहां वर्क फ्रॉम हिल्स का नया अनुभव मिलेगा।
 
सालभर सुहावना रहता है मौसम
याकतेन का मौसम सालभर सुहावना रहता है। गर्मियों में तापमान करीब 24°C और सर्दियों में 4°C तक रहता है। यहां हाई-स्पीड वाई-फाई, 24 घंटे बिजली और काम करने के लिए आरामदायक स्पेस मौजूद हैं। गांव में 8 होमस्टे और 18 कमरे तैयार हैं। बात अगर यहां के खर्चे की करें तो यहां रहने का खर्च 6,000 रुपये प्रति हफ्ता या 15,000 से लेकर 18,000 रुपये प्रति माह है। लंबे समय तक ठहरने वालों को लोकल कल्चरल एक्टिविटीज़ का अनुभव भी मिलेगा।
 
बेहतरीन कनेक्टिविटी
कनेक्टिविटी भी आसान है। यह गंगटोक से सिर्फ 30 किलोमीटर, बागडोगरा एयरपोर्ट से 125 किमी और न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन से 140 किमी दूर है। टैक्सी के जरिए गांव तक पहुंचना बेहद आसान है। पहले जहां याकतेन इलायची की खेती और सीज़नल टूरिज़्म पर निर्भर था, अब डिजिटल नोमैड्स के आने से ग्रामीणों की आय सालभर बनी रहेगी। सांसद इंद्रा हैंग सुब्बा ने इसे 'टूरिज़्म विद पर्पस’ करार दिया है।

यह पहल राज्य सरकार की नोमैड सिक्किम प्रोजेक्ट के तहत शुरू हुई है। स्थानीय एनजीओ का मानना है कि यदि तीन साल का यह पायलट प्रोजेक्ट सफल हुआ तो सिक्किम को साउथ एशिया का डिजिटल नोमैड हब बनाया जा सकता है।

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button