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शिवपुरी में बाढ़ राहत: ग्रामीणों को बचाने युवक ने लगाई जान की बाजी, ट्रैक्टर से पहुंचे सिंधिया

शिवपुरी
मध्य प्रदेश में इंद्र देव ने इस बार खूब मेहरबानी दिखाई. प्रदेश के कई हिस्सों में तो मेघा इतना बरसे की आफत ही आ गई. कई गांवों का संपर्क बाढ़ के चलते शहर से टूट गया, तो डैमों के गेट खोलने पड़े. नदी-नाले और तालाब उफान पर हैं. इसी तरह आफत की बारिश बीते दिनों शिवपुरी में देखने मिली थी. जहां बाढ़ ने सब बर्बाद कर दिया था और ग्रामीण उस बाढ़ में फंस गए थे, ऐसे में गांव का एक युवक मसीहा बनकर आया और अपने ट्रैक्टर से बाढ़ में फंसे पीड़ितों को बचाया. अब उस युवक के लिए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया मसीहा बने हैं. युवक को गिफ्ट देने खुद केंद्रीय मंत्री सिंधिया उसके घर पहुंचे.

शिवपुरी में महिला ने सुनाई सिंधिया को व्यथा

'एक दुखियारी कहे बात ये रोते रोते…' फिल्म राम तेरी गंगा मैली का यह गीत आज इस जगह कुछ सटीक बैठता है. दरअसल, 21 अगस्त गुरुवार को ज्योतिरादित्य सिंधिया शिवपुरी के बाढ़ पीड़ित इलाके में पहुंचे थे. जहां वे पीड़ितों से मिलकर हालात का जायजा ले रहे थे. इसी दौरान एक महिला ने सिंधिया से रोते-रोते अपनी व्यथा सुनाई. महिला ने सिंधिया से बताया कि वह पूरी से बर्बाद हो गई, क्योंकि उसका ट्रैक्टर बाढ़ की चपेट में आकर खराब हो गया है. इससे भी बड़ी बात ट्रैक्टर के खराब होने के पीछे की वजह थी. जिसे सुनकर सिंधिया भी भावुक हो गए और तुरंत मदद का हाथ बढ़ाया.

बाढ़ में फंसे ग्रामीणों के लिए मसीहा बना था युवक

बता दें 29 जुलाई 2025 को शिवपुरी जिले की कोलारस तहसील से गुजरी सिंध नदी उफान पर आई थी. बाढ़ ने कोलारस तहसील स्थित लिलवारा गांव में तबाही मचाई थी. साथ ही 50 से 60 ग्रामीण बाढ़ में फंस गए थे और उनकी जिंदगी पर बन आई थी. इसी बीच गांव का एक युवक गिर्राज प्रजापति अपना ट्रैक्टर लेकर पीड़ितों की मदद के लिए आगे आया.

रात को 12 बजे के करीब वह अपना ट्रैक्टर लेकर बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में चला गया और वहां फंसे लोगों को निकाला. इस दौरान गिर्राज ने न अपनी जान की परवाह की और न अपने अजीविका के साधन ट्रैक्टर के बारे में सोचा. बस ग्रामीणों की मदद के लिए हो रही मूसलाधार बारिश में पानी की मोटी धार के बीच ट्रैक्टर लेकर घुस गया था.

ज्योतिरादित्य सिंधिया चलाकर पहुंचे ट्रैक्टर

जब ज्योतिरादित्य सिंधिया को युवक की बहादुरी के बारे में पता चला तो वह खुश हो गए. गिर्राज की मां की विनती सुन उन्होंने तुरंत गिर्राज को ट्रैक्टर देने का वादा किया. अपने वादे को निभाते हुए दूसरे दिन यानि 22 अगस्त गुरुवार को सिंधिया खुद ट्रैक्टर चलाकर गिर्राज के घर पहुंचे. इस दौरान सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और सिंधिया समर्थक इकट्ठा हुए. वहीं ट्रैक्टर पाकर गिर्राज और उसका परिवार बेहद खुद हुआ. गिर्राज की मां कृष्णा प्रजापति ने कहा "सांसद सिंधिया ने हमारे ऊपर कृपा की, उन्होंने हमे नया ट्रैक्टर लाकर दिया है. हम लोग बहुत खुश हैं."

बाढ़ में फंसे 50-60 ग्रामीणों को गिर्राज ने बचाया

वहीं गिर्राज की बहन संगीता प्रजापति ने भी ट्रैक्टर मिलने की खुशी जताई. संगीता ने बताया कि "वो घटना रात 12 बजे की थी. जब उसका भाई ग्रामीणों को बचाने गया था. रात को 12 बजे से सुबह के 7 बज गए थे. बाढ़ में फंसे करीब 50 से 60 लोग थे, जिन्हें ट्रैक्टर के सहारे ग्रामीणों की मदद से रस्सी बांधकर बचाया था. संगीता ने बताया कि गिर्राज ट्रैक्टर चलाता है. इसी से वह मजदूरी करता है. हमारी आय का साधन ट्रैक्टर ही था."

सिंंधिया ने की गिर्राज की तारीफ

वहीं इस घटना को लेकर केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि " बाढ़ के समय में जो गिर्राज ने करके दिखाया, वह काबिले तारीफ है. हमारे देश को गिर्राज जैसे सपूतों की जरूरत है. उसने गांव के एक-एक लोगों की जान बचाने के लिए अपनी और अपने परिवार की जान की परवाह नहीं की. उन्होंने कहा कि पूरी रात लगकर गिर्राज ने ग्रामीणों की जान बचाई और अपना ट्रैक्टर भी खो बैठा.

बच्चे की बहादुरी और मां की गुहार की भरपाई करने की कोशिश मैंने क्षेत्र का जनसेवक होने के नाते की है. इस दौरान सिंधिया ने उसकी मां को भरोसा दिलाया कि अब से वह उनका भी बेटा है." 

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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