राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

ताइवान की सीमा में 41 चीनी विमान और 7 पोत, बढ़ा तनाव – क्या युद्ध की तैयारी में जिनपिंग?

ताइपे
ताइवान को लेकर चीनी राष्ट्रपति का क्या योजना है? इस मुद्दे पर अक्सर चर्चा होती रहती है। चर्चा की वजह भी स्पष्ट है। बार-बार चीनी विमान और जहाज ताइवान की सीमा में घुसपैठ करते हैं। एक बार फिर पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के विमान और जहाज दिखाई दिए हैं। ताइवान के रक्षा मंत्रालय (MND) ने गुरुवार सुबह 6 बजे तक अपने क्षेत्रीय जलक्षेत्र के आसपास 41 चीनी सैन्य विमानों, सात नौसैनिक जहाजों और एक आधिकारिक जहाज की मौजूदगी का पता लगाया। मंत्रालय के अनुसार, 41 विमानों में से 21 ने मध्य रेखा को पार किया और ताइवान के उत्तरी, मध्य और दक्षिण-पश्चिमी ADIZ (एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन जोन) में प्रवेश किया। ADIZ वह क्षेत्र है जहां प्रवेश करने वाले विमानों की पहचान की जाती है ताकि देश अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कर सके।

सुबह 6 बजे दिखे विमान और जहाज
रक्षा मंत्रालय ने X पर एक पोस्ट में कहा कि आज सुबह 6 बजे तक ताइवान के आसपास 41 PLA (पीपुल्स लिबरेशन आर्मी) विमान, 7 PLA नौसेना जहाज और 1 आधिकारिक जहाज देखे गए। इनमें से 24 विमानों ने मध्य रेखा को पार किया और ताइवान के उत्तरी, मध्य और दक्षिण-पश्चिमी ADIZ में प्रवेश किया। हमने स्थिति पर नजर रखी और उचित जवाब दिया। गौरतलब है कि बुधवार को भी ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने PLA के 23 विमानों, 7 PLA नौसेना जहाजों और एक आधिकारिक जहाज को अपने क्षेत्र के आसपास देखे थे। मंत्रालय ने कहा कि 23 विमानों में से 16 ने मध्य रेखा को पार किया और ताइवान के उत्तरी और दक्षिण-पश्चिमी ADIZ में प्रवेश किया।

चीन 'क्षेत्रीय उपद्रवी'
ताइवान के विदेश मंत्री लिन चिया-लंग ने चीन को 'क्षेत्रीय उपद्रवी' करार दिया था। उन्होंने यह बयान तब दिया जब सोलोमन द्वीप ने ताइवान और अमेरिका सहित अन्य वार्ता भागीदारों को आगामी प्रशांत द्वीप समूह फोरम (PIF) नेताओं की बैठक से रोक दिया था। ताइपे टाइम्स के अनुसार, लिन ने 'प्रशांत तरीके' की बात करते हुए कहा कि सभी को शामिल करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि वार्ता भागीदारों को बाहर करने से फोरम की आम चुनौतियों का सामना करने की क्षमता कमजोर होगी।

झूठ को सौ बार दोहराने से वह सच नहीं हो जाता
वहीं, ताइवान पर चीन के दावों को खारिज करते हुए लिन ने कहा कि पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना ने एक दिन भी ताइवान पर शासन नहीं किया है। उन्होंने यह भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र (UN) के प्रस्ताव 2758 में ताइवान का कोई जिक्र नहीं है। लिन ने चीन के दावे को 'सम्राट के नए कपड़े' बताते हुए कहा कि एक झूठ को सौ बार दोहराने से वह सच नहीं हो जाता।

लिन ने आगे कहा कि ताइवान गहरे अंतरराष्ट्रीय सहयोग, व्यावहारिक योगदान और निरंतर राजनयिक पहुंच के माध्यम से चीन के दबाव का मुकाबला कर रहा है। ताइवान दुनिया के अन्य देशों के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि चीन के प्रभाव को कम किया जा सके।

 

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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