राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

धर्मांतरण गिरोह के पाकिस्तान संबंधों का खुलासा, जांच में आए चौंकाने वाले तथ्य

बरेली

बरेली में पकड़े गए धर्मांतरण गिरोह की जांच में नए तथ्य सामने आ रहे हैं। कट्टरपंथी जाकिर नाइक के अलावा गिरोह के सदस्य पाकिस्तानी धर्मगुरु इंजीनियर अली मिर्जा के भी मुरीद हैं। दूसरे धर्म के लोगों को अपने धर्म से जोड़ने से पहले वे अली मिर्जा जैसे धर्मगुरुओं का भाषण उन्हें सुनाते थे। प्रभात को हामिद बनाने वाले गिरोह के पास से अली मिर्जा से जुड़ा साहित्य मिला है। बरामद सीडी में अली मिर्जा की तकरीर भी है।

अली मिर्जा यूट्यूब पर अक्सर भारत के मुद्दों पर चर्चा करता है। कुछ दिन पहले दाढ़ी को लेकर टिप्पणी की थी और संगीत को जायज बताया था। वहां सरकार के खिलाफ बोलने पर उसे गिरफ्तार भी किया गया था। चूंकि अली मिर्जा कट्टरपंथी विचारधारा के विरोध में रहता है, इसलिए उसे पाकिस्तान के साथ ही भारत के समुदाय विशेष के युवा भी फॉलो करते हैं। अधिकारियों को जानकारी मिली है कि शुरुआत में शिकार का ब्रेनवॉश करने के लिए उनको अली मिर्जा की ही तकरीर सुनाई जाती थी।

चंगुल में फंसता था शिकार तो सुनाते थे जाकिर के नफरती भाषण
अधिकारियों ने बताया कि गिरोह के पास से जाकिर नाईक का भी साहित्य मिला है। इससे ऐसा लग रहा है कि गिरोह के सदस्य धर्मांतरण के लिए पहले शिकार के दिमाग में अली मिर्जा की आधुनिक विचारधारा डालते थे। हिंदू और मुस्लिम धर्म की समानता बताते थे। जब शिकार फंस जाता था तो धीरे-धीरे ब्रेनवॉश कर उसके अंदर जाकिर नाईक की नफरती विचारधारा विकसित करते थे। गिरोह के लोगों को बाकायदा इसके लिए फंडिंग की जाती थी।

आरोपी अब्दुल मजीद, सलमान, आरिफ और फहीम कोई बड़ा कारोबार नहीं करते, फिर भी उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर है। पूरे गिरोह को संचालित करने के लिए कहां से फंडिंग हो रही थी? इसकी जांच की जा रही है। सभी के खाते खंगाले जा रहे हैं। कुछ दिनों में बड़ा खुलासा हो सकता है।

धर्मों की डिबेट दिखाकर देते थे झांसा
अब्दुल मजीद के गिरोह के पास ऐसे वीडियो मिले हैं, जिसमें कुरान और बाइबिल के बारे में डिबेट दिखाई जाती थी। डिबेट के अंत में मुस्लिम धर्म को सर्वोपरि दिखाया जाता था और बताया जाता था कि वह देश के सर्वोपरि धर्म का हिस्सा बनने जा रहे हैं। इस दौरान गिरोह के सदस्य अपनी धर्म की लड़की से निकाह कराने का वादा भी करते थे। इससे अवसाद और अकेलेपन के शिकार लोग झांसे में आ जाते थे।

गिरोह के निशाने पर ऐसे परिवार या लोग होते थे, जो किन्हीं कारणों से समाज से कट जाते हैं। धर्मांतरण के लिए यह लोग फर्जी प्रमाणपत्र भी बनाकर देते थे। यह प्रमाणपत्र दिल्ली की मस्जिद से दिया जाता था। गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों में फैला है। पुलिस टीम इन राज्यों में छापेमारी के लिए रणनीति बना रही है।

धर्मांतरण से बची ब्रजपाल उर्फ अब्दुल्ला की दूसरी बहन
हादसे में अपाहिज हुए शिक्षक ब्रजपाल को शादी का झांसा देकर गिरोह ने अब्दुल्ला बना दिया। ब्रजपाल के साथ ही उनका पूरा परिवार गिरोह के प्रभाव में आ गया। बहन राजकुमारी का धर्म परिवर्तन कराकर उसे आयशा बना दिया गया। मुस्लिम शख्स से ही उसका निकाह भी करा दिया।

बेटी और बेटे के धर्म परिवर्तन करने के बाद घर में अकेली बची मां ऊषा रानी भी ज्यादा दिन तक गिरोह के प्रभाव से न बच सकीं। उन्हें गिरोह ने अमीना नाम दे दिया। ब्रजपाल की दूसरी बहन सीमा इस गिरोह के प्रभाव में आने से बच गई। उसकी शादी पहले ही होने से गिरोह उसे झांसा नहीं दे सका।

प्रवक्ता प्रभात उर्फ हामिद के बयान दर्ज
गिरोह के शिकार हुए हिंदी प्रवक्ता प्रभात उर्फ हामिद अब बुलंदशहर के जहांगीराबाद स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में वाइस प्रिंसिपल हैं। बृहस्पतिवार को बरेली कोर्ट में प्रभात उर्फ हामिद के बयान दर्ज हुए। प्रभात नेत्रहीन हैं और ब्रेल लिपि में विद्यार्थियों को पढ़ाते हैं।

घटनाक्रम के बाद मां अखिलेश कुमारी उन्हें घर अलीगढ़ के क्वार्सी ले गई थीं। प्रभात के बयान की प्रति अब विवेचक को दी जाएगी। विवेचक इसे विवेचना में शामिल करेंगे। माना जा रहा है कि इस गिरोह के संपर्क में रहने से प्रभात के मन पर गहरा असर पड़ा है।

एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने बताया कि भुता थाने के इंस्पेक्टर क्राइम ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है। मुख्य आरोपी व अन्य ने दक्षिण भारत के राज्यों में ज्यादातर कॉल लैंडलाइन नंबरों पर की है। इन नंबरों की तस्दीक की जा रही है। जरूरत पर टीम संबंधित राज्यों में जाकर भी पड़ताल करेगी। धार्मिक नेताओं के भाषणों से गिरोह के सदस्य लोगों का ब्रेनवॉश करते थे। पड़ताल में नए आरोपी सामने आए तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। 

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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