राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

काशी में भारत-मॉरीशस का ऐतिहासिक फैसला, स्थानीय मुद्रा में कारोबार से डॉलर का वर्चस्व होगा खत्म

वाराणसी
मॉरीशस के साथ भारत की काशी में द्वि‍पक्षीय बैठक में एक अहम फैसला स्‍थानीय मुद्रा में कारोबार रहा है। इस फैसले के बाद अब वैश्‍व‍ि‍क कारोबार में आपसी मुद्रा में ही लेन देन शुरू होगा। इसकी वजह से अब दोनों देशों के कारोबार में डालर का वर्चस्‍व टूट गया है। 

बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में भारत-मारीशस के बीच द्विपक्षीय वार्ता ने देश- दुनिया को कई बड़े संदेश दिए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत-मारीशस के संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि मुझे यह कहते हुए गर्व हो रहा है कि भारत और मारीशस सिर्फ भागीदार नहीं, बल्कि एक परिवार हैं। पिछले साल मारीशस में यूपीआइ और रुपे कार्ड लांच किए गए थे। अब हम लोकल करेंसी में व्यापार को सक्षम करने की दिशा में काम करेंगे।
 
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी होटल ताज में गुरुवार को भारत-मारीशस के बीच द्विपक्षीय वार्ता को संबोधित कर रहे थे। कहा कि ये मेरे लिए गर्व का विषय है कि मुझे अपने संसदीय क्षेत्र में आपका स्वागत करने का अवसर मिल रहा है। चिर काल से काशी भारत की सभ्यता और सांस्कृतिक आत्मा का प्रतीक रही है। इसके अलावा दोनों देशों में कारोबार के साथ ही रुपे कार्ड ही नहीं बल्‍क‍ि यूपीआई का भी प्रयोग शुरू हो चुका है। इसकी वजह से दोनों देशों के बीच डालर में कारोबार का वर्चस्‍व अब टूट चुका है। 
 
हमारी संस्कृति और संस्कार, सदियों पहले भारत से मारीशस पहुंचे और वहां की जीवन-धारा में रच-बस गए। काशी में मां गंगा के अविरल प्रवाह की तरह भारतीय संस्कृति का सतत प्रवाह मारीशस को समृद्ध करता रहा है। यह केवल औपचारिक नहीं बल्कि एक आत्मिक मिलन है। मार्च में मुझे मारीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में शामिल होने का सौभाग्य मिला था।मारीशस भारत की पड़ोसी प्रथम नीति और विजन महासागर का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। मार्च में मुझे मारीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में शामिल होने का सौभाग्य मिला। उस समय हमने अपने संबंधों को उन्नत रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया।
 
वोस्ट्रो अकाउंट खोलने से म‍िलेगी सुव‍िधा
दो देशों के बीच आपसी मुद्रा में लेन देन के ल‍िए भारतीय रिजर्व बैंक ने रुपये में वोस्ट्रो अकाउंट खोलने से जुड़े नियमों में भी इसी वर्ष बदलाव किया है। इस कड़ी में बैंकों को अब बिना क‍िसी पूर्व अनुमति के विदेशी बैंकों के लिए विशेष रुपये का वोस्ट्रो अकाउंट खोलने की अनुमति म‍िल चुकी है। वोस्ट्रो अकाउंट एक घरेलू बैंक द्वारा विदेशी बैंक के लिए खोला गया खाता होता है। यह खाता घरेलू बैंक की मुद्रा में ही शाम‍िल होता है।

रिजर्व बैंक की पूर्वानुमति से विदेशी बैंकों के विशेष रुपया वोस्ट्रो अकाउंट खोलने की अनुमति देने के बाद दोनों देशों के स्‍थानीय मुद्रा में लेन देन सहज हो सकेगा। वोस्ट्रो अकाउंट खोलने के लिए आरबीआई की मंजूरी लेने की आवश्यकता को खत्म करने का फैसला लेने के साथ ही डालर का वर्चस्‍व टूटना शुरू हो चुका है। विदेशी बैंकों में विशेष रुपया वोस्ट्रो अकाउंट खोल सकने की प्रक्र‍िया में अब काफी तेजी आएगी। दरअसल वोस्ट्रो अकाउंट एक प्रकार का बैंक खाता है जो एक घरेलू बैंक किसी विदेशी बैंक की ओर से, लोकल करेंसी में कारोबार अथवा लेन देन की अनुमत‍ि रखता है। एक विदेशी बैंक फंड के लिए मध्यस्थ के रूप में काम करता है।

 

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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