संघ प्रमुख मोहन भागवत आज भोपाल आएंगे, युवाओं और प्रबुद्धजनों से करेंगे संवाद

भोपाल
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत 2 और 3 जनवरी को अपनी दो दिन की यात्रा के दौरान भोपाल में प्रमुख नागरिकों, सामाजिक और धार्मिक नेताओं, युवाओं और महिलाओं के साथ बातचीत करेंगे. संघ की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, पिछले 10 महीनों में यह भागवत की मध्य प्रदेश की पांचवीं यात्रा होगी.
RSS प्रमुख 2 जनवरी को 'युवा संवाद' और 'प्रमुखजन गोष्ठी' (प्रमुख नागरिकों के साथ बातचीत) में हिस्सा लेंगे, इसके बाद 3 जनवरी को 'सामाजिक सद्भाव बैठक' और 'शक्ति संवाद' (महिलाओं के साथ बातचीत) होगी.
एक न्यूज एजेंसी ने आरएसएस पदाधिकारी के हवाले से बताया कि भागवत इन कार्यक्रमों के दौरान संगठन की 100 साल की यात्रा का जिक्र करेंगे और समकालीन मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे. उन्होंने बताया कि RSS प्रमुख 2 जनवरी को मध्य प्रदेश की राजधानी में कुशाभाऊ ठाकरे ऑडिटोरियम में प्रांत-स्तरीय 'युवा संवाद' को संबोधित करेंगे.
यह कार्यक्रम कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में होगा। ये आयोजन संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में होंगे। दूसरा आयोजन प्रमुख जन सम्मेलन होगा, जिसमें भोपाल विभाग के 1500 प्रमुख जन सम्मिलित होंगे। यहां डा. मोहन भागवत का व्याख्यान होगा। प्रश्नोत्तर का सत्र नहीं रखा गया है। इसमें विभिन्न क्षेत्र में काम करने वाले संस्था प्रमुख सम्मिलित होंगे।
प्रमुखजन गोष्ठी: समाज के प्रभावशाली लोगों से विमर्श
आज यानी शुक्रवार शाम 5:30 बजे रविन्द्र भवन के हंस ध्वनि सभागार में प्रमुखजन गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इसमें भोपाल विभाग के सामाजिक, शैक्षणिक, सांस्कृतिक, व्यवसायिक और अन्य क्षेत्रों में सक्रिय प्रमुख व्यक्तित्वों को आमंत्रित किया गया है। गोष्ठी में संघ की शताब्दी यात्रा, सामाजिक समरसता और वर्तमान समय की चुनौतियों पर संवाद होगा।
सामाजिक सद्भाव बैठक: सभी समाजों के प्रतिनिधि होंगे शामिल
कल 3 जनवरी को सुबह 9:30 बजे कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में सामाजिक सद्भाव बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें प्रांत के सभी जिलों से विभिन्न समाजों के प्रमुख प्रतिनिधि भोपाल पहुंचेंगे। बैठक का उद्देश्य सामाजिक एकता, समरसता और पारस्परिक सहयोग को मजबूत करना है। सरसंघचालक इस मंच से समाज को जोड़ने वाले विचारों और साझा जिम्मेदारियों पर मार्गदर्शन देंगे।
शक्ति संवाद: मातृशक्ति से सीधा संवाद
कल 3 जनवरी को शाम 5 बजे भोपाल की प्रमुख मातृ शक्ति के साथ शक्ति संवाद कार्यक्रम आयोजित होगा। इस संवाद में समाज, परिवार और राष्ट्र निर्माण में मातृशक्ति की भूमिका पर चर्चा की जाएगी। यह कार्यक्रम महिला सहभागिता और सामाजिक नेतृत्व के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
शताब्दी वर्ष में बढ़ी संघ को जानने की जिज्ञासा
संघ के शताब्दी वर्ष के चलते समाज के विभिन्न वर्गों में आरएसएस को लेकर जिज्ञासा और रुचि बढ़ी है। सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के इस प्रवास के माध्यम से लोगों को संघ के बारे में तथ्यात्मक और वास्तविक जानकारी मिलेगी। साथ ही यह भी स्पष्ट होगा कि देश और समाज के निर्माण में नागरिक किस प्रकार सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। यह प्रवास संघ के शताब्दी वर्ष में भोपाल के लिए एक महत्वपूर्ण वैचारिक और सामाजिक आयोजन के रूप में देखा जा रहा है।
अगले दिन यानी शनिवार सुबह 9:30 बजे से कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में सामाजिक सद्भाव सम्मेलन होगा, जिसमें विभिन्न समाज के लोग रहेंगे। वह शाम को भोपाल स्टेशन के पास केशव निडम में शक्ति सम्मेलन को संबोधित करेंगे, जिसमें भोपाल की महिलाएं सम्मिलित होंगी। इन आयोजनों में दो बड़ी बातें हैं। एक तो यह कि उन्हें बुलाया गया है जो आरएसएस के कार्यकर्ता या स्वयंसेवक नहीं हैं। दूसरा, शक्ति सम्मेलन में 40 वर्ष से कम आयु की महिलाओं को आमंत्रित किया गया है।
प्रांत के सभी 31 जिलों (प्रशासनिक ढांचे के अनुसार 16 जिले) के युवा, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है और पहचान बनाई है, इस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे.
उन्होंने बताया कि प्रमुख नागरिकों के साथ बातचीत रवींद्र भवन के एक ऑडिटोरियम में होगी, जिसमें भोपाल संभाग के विभिन्न क्षेत्रों की जानी-मानी हस्तियों को आमंत्रित किया गया है.
बयान के अनुसार, 3 जनवरी को कुशाभाऊ ठाकरे ऑडिटोरियम में 'सामाजिक सद्भाव बैठक' का आयोजन किया जाएगा, जिसमें विभिन्न समुदायों के प्रमुख सदस्य हिस्सा लेंगे.
इसमें कहा गया है कि उसी शाम भोपाल की प्रमुख महिला प्रतिनिधियों के साथ 'शक्ति संवाद' कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा.
बयान में कहा गया है, "भागवत की यात्रा लोगों को RSS के बारे में तथ्यात्मक और प्रामाणिक जानकारी देगी. यह राष्ट्र निर्माण और सामाजिक विकास में व्यक्ति क्या भूमिका निभा सकते हैं, इस बारे में भी मार्गदर्शन प्रदान करेगी."




