छत्तीसगढ़ के पुलिस कर्मियों की हुई कार्यशाला, वित्तीय सशक्तिकरण के लिए निवेश और बचत को बताया जरूरी

धमतरी.
पुलिस द्वारा पुलिस कर्मियों के वित्तीय सशक्तिकरण के उद्देश्य से आज पुलिस कंट्रोल रूम में निवेश एवं बचत विषय पर विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यशाला पुलिस अधीक्षक धमतरी श्री सूरज सिंह परिहार के निर्देशन एवं उपस्थिति में आयोजित हुई, जिसमें पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सैलरी के बचत पैसों को सुरक्षित निवेश माध्यमों में लगाकर बेहतर रिटर्न प्राप्त करने तथा भविष्य की वित्तीय आवश्यकताओं के लिए योजनाबद्ध बचत करने संबंधी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रम में राज्य सरकार के बीच एमओयू (टाईअप) बैंक ऑफ बड़ौदा एवं म्युचुअल फंड विशेषज्ञों की टीम द्वारा सुरक्षित निवेश, एसआईपी एवं म्युचुअल फंड, सरकारी योजनाएँ, आयकर नियम, रिटायरमेंट प्लानिंग और बचत के वैज्ञानिक तरीकों के बारे में मार्गदर्शन दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि बच्चों की पढ़ाई, विवाह, मकान निर्माण और आपतकालीन परिस्थितियों के लिए नियमित बचत एवं वित्तीय अनुशासन अत्यंत आवश्यक है। साथ ही साइबर फ्रॉड और निवेश धोखाधड़ी से बचाव के तरीकों पर भी विस्तृत जानकारी दी गई, ताकि पुलिस कर्मी किसी भी प्रकार के वित्तीय जाल में न फँसें।
एसपी ने अपने उद्बोधन में कहा कि नववर्ष में पुलिस फोर्स के कल्याण हेतु कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें वित्तीय सुदृढ़ता पहली और महत्वपूर्ण पहलू है। उन्होंने कहा कि अनुशासन सिर्फ ड्यूटी तक सीमित नहीं, बल्कि वित्तीय जीवन में भी उतना ही आवश्यक है। सुरक्षित निवेश, बचत की आदत और योजनाबद्ध आर्थिक प्रबंधन से पुलिस कर्मी स्वयं एवं अपने परिवार का भविष्य सुरक्षित बना सकते हैं और अनावश्यक ऋण जाल से बच सकते हैं। बैंक ऑफ बड़ौदा की टीम ने पीपीएफ, एनएससी, केवीपी, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड, मेडिक्लेम व टर्म इंश्योरेंस जैसी सरकारी एवं बैंकिंग योजनाओं के बारे में भी जानकारी प्रदान की। कार्यशाला में उपस्थित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे अत्यंत उपयोगी पाया।




