MP में मावठा और कोहरे के बाद बढ़ेगी सर्दी, 25 जनवरी से पारा 2-3 डिग्री लुढ़केगा

भोपाल
मध्यप्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मावठा गिरने और सुबह-शाम कोहरा छाने के बाद प्रदेश में सर्दी और तीखी होगी। मौसम विभाग भोपाल के मुताबिक, गुरुवार को ग्वालियर-दतिया सहित 5 जिलों में मध्यम कोहरा दर्ज किया गया, जबकि शुक्रवार से उत्तरी मध्यप्रदेश में बारिश के आसार बन रहे हैं। सबसे अहम बात यह है कि 25 जनवरी से न्यूनतम तापमान 2 से 3 डिग्री तक गिर सकता है।मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिम-उत्तर भारत और उत्तरप्रदेश के ऊपर दो साइक्लोनिक सकुर्लेशन सक्रिय हैं। इसके साथ ही एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस भी असर दिखा रहा है। ये सभी सिस्टम आगे बढ़ रहे हैं, जिसका असर पहले यूपी-बिहार में नजर आया और अब 24 जनवरी से मध्यप्रदेश में भी दिखेगा। इस दौरान बादल छाए रहेंगे और कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि 23 जनवरी को ही ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में बारिश के संकेत हैं।
सिस्टम गुजरते ही बढ़ेगी ठिठुरन
मौसम विभाग का कहना है कि जैसे ही ये सिस्टम आगे बढ़ेंगे, उत्तर से ठंडी हवाओं की रफ्तार बढ़ेगी। इसका सीधा असर तापमान पर पड़ेगा और रात का पारा 2 से 3 डिग्री तक नीचे आ सकता है।
सिस्टम आगे बढ़ेंगे तो पारे में गिरावट होगी मौसम विभाग के अनुसार, जब ये सिस्टम आगे बढ़ेंगे तो न्यूनतम तापमान में गिरावट होगी। पारा 2 से 3 डिग्री तक लुढ़क जाएगा।
उत्तरी हिस्से में कोहरे का असर फिलहाल उत्तरी हिस्से में कोहरे का असर है। गुरुवार सुबह ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में मध्यम कोहरा रहा। भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत कई जिलों में हल्के कोहरे का असर देखने को मिला।
मंदसौर सबसे ठंडा, राजगढ़-छतरपुर में भी सर्दी का असर प्रदेश में ठंड का असर भी है। मंगलवार-बुधवार की रात में मंदसौर सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 5.1 डिग्री दर्ज किया गया। राजगढ़ में 6.2 डिग्री, नौगांव में 7 डिग्री, शाजापुर में 7.1 डिग्री, कटनी के करौंदी में 7.6 डिग्री, दतिया में 7.9 डिग्री, खजुराहो में 8 डिग्री, रीवा में 8.2 डिग्री, शिवपुरी में 9 डिग्री और पचमढ़ी में पारा 9.2 डिग्री सेल्सियस रहा।
प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर में सबसे कम 9 डिग्री रहा। भोपाल में 10.8 डिग्री, इंदौर में 12.2 डिग्री, उज्जैन में 12 डिग्री और जबलपुर में तापमान 12.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
उत्तरी MP में कोहरा
फिलहाल प्रदेश के उत्तरी हिस्से कोहरे की गिरफ्त में हैं। गुरुवार सुबह ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में मध्यम कोहरा रहा, जबकि भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत कई जिलों में हल्का कोहरा छाया रहा।
मंदसौर सबसे ठंडा, कई जिलों में सर्दी
प्रदेश में ठंड का असर साफ नजर आ रहा है। मंगलवार–बुधवार की रात मंदसौर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.1 डिग्री दर्ज किया गया। राजगढ़ 6.2, नौगांव 7, शाजापुर 7.1, कटनी के करौंदी 7.6, दतिया 7.9, खजुराहो 8, रीवा 8.2, शिवपुरी 9 और पचमढ़ी में 9.2 डिग्री तापमान रहा।पांच बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 9 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में 10.8, इंदौर में 12.2, उज्जैन में 12 और जबलपुर में 12.5 डिग्री सेल्सियस रहा।
क्या है वेस्टर्न डिस्टरबेंस
मौसम विभाग के मुताबिक, वेस्टर्न डिस्टरबेंस पश्चिम से आने वाला हवा–बादलों का सिस्टम होता है। इसके सक्रिय होने पर पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश होती है। सिस्टम गुजरने के बाद उत्तर से ठंडी हवाएं चलती हैं, जिससे दिन-रात सर्दी का असर बढ़ जाता है।
क्या होता है वेस्टर्न डिस्टरबेंस मौसम विभाग के अनुसार, वेस्टर्न डिस्टरबेंस पश्चिम से आने वाली हवा और बादलों का एक सिस्टम होता है। इसके एक्टिव होने से पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी, मैदानी क्षेत्रों में बारिश होगी। सिस्टम आगे गुजर जाने के बाद उत्तर से आने वाली हवा ठंडी रहती है। जिससे दिन-रात ठंड का असर रहता है।
ठंड के लिए इसलिए खास है जनवरी मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त अहम रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है।
इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं, इसलिए टेम्परेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से जनवरी में मावठा भी गिरता है। पिछले साल कई जिलों में बारिश हुई थी। इस बार साल के पहले ही दिन बादल भी छाए रहे।




