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ट्रंप का बयान: ‘मोदी मेरे शानदार मित्र, ट्रेड डील अच्छी होगी’, जानिए क्या है अहमियत

नई दिल्ली

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम नरेंद्र मोदी की तारीफ की है. उन्होंने पीएम मोदी को अपना शानदार दोस्त बताते हुए भारत और अमेरिका के बीच एक अच्छी ट्रेड डील की उम्मीद जताई है. स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के दौरान हमारी सहयोगी न्यूज पोर्टल मनीकंट्रोल से एक्सक्लूसिव बातचीत में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि पीएम मोदी उनके शानदार दोस्त हैं. बहुत जल्द भारत के साथ अमेरिका की अच्छी डील होने जा रही है. ट्रंप ने कहा- ‘हम प्रधानमंत्री मोदी का सम्मान करते हैं, मोदी शानदार इंसान और मेरे अच्छे दोस्त हैं’. उन्होंने कहा वह कि ‘भारत के साथ जल्द अच्छी डील करने जा रहे हैं’.

किन मुद्दों पर अटकी है बातचीत?

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के 56वें वार्षिक समिट के मौके पर ट्रंप ने मनी कंट्रोल के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत की. ट्रंप ने भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर बेहद आशावादी बातें कही है. उनका यह बयान उस वक्त आया है जब भारत और अमेरिका के वार्ताकार इस डील पर अटके हुए हैं. दोनों देशों के वार्ताकार कई मसलों पर आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं. इसमें टैरिफ की दरों से लेकर बाजार तक पहुंच के मुद्दे शामिल हैं. इनके बीच ऊर्जा और कृषि से जुड़े मसलों पर असहमति है.

अब तक कितने दौर की हुई बातचीत?

भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील की संभावना को लेकर पूछे गए सीधे सवाल पर उन्होंने सकारात्मक बातें कहीं. उन्होंने कहा कि हम एक अच्छी डील करने जा रहे हैं. भारत और अमेरिका ने व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते और पारस्परिक टैरिफ दरों को कम करने के लिए एक अंतरिम व्यवस्था बनाने को लेकर अब तक छह दौर की बातचीत की है. दोनों पक्ष लंबे समय से चले आ रहे इस गतिरोध को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं. इस संभावित ट्रेड डील पर बातचीत को बीते साल फरवरी में गति मिली थी. उस वक्त पीएम मोदी ने अमेरिका का दौरा किया था. उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात की थी. फिर दोनों शासनाध्यक्षों ने ‘मिशन 500’ की घोषणा की थी. इस मिशन का लक्ष्य दोनों देशों के बीच 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाकर दोगुना करने का था.

कब तक हो सकती है डील?

इस रोडमैप के तहत ही भारत और अमेरिका ने तय किया था कि 2025 के बीतते-बीतते एक मल्टी-सेक्टर पारस्परिक रूप से लाभकारी ट्रेड डील को अमलीजामा पहना देंगे. लेकिन, यह समय बीत गया लेकिन डील नहीं हो पाई. हालांकि भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार डॉ. वी अनंत नागेश्वरन ने संकेत दिया है कि मार्च 2026 तक दोनों देशों के बीच अंतरिम ट्रेड डील पर मुहर लग सकती है.

भारत के लिए कितना जरूरी है यह डील?

भारत के लिए यह ट्रेड डील बहुत जरूरी हो गया है. क्योंकि भारत के 48.2 बिलियन डॉलर के निर्यात को भारी अमेरिकी टैरिफ का सामना करना पड़ रहा है. भारत की कोशिश है कि इस विषम परिस्थिति में भी अमेरिका को भारतीय निर्यात में बढ़ोतरी बनी रहे. हालांकि, उच्च टैरिफ दरों का असर अन्य सेक्टर पर पड़ा है.
पीएम मोदी ने बीते साल फरवरी में अमेरिका का दौरा किया था. उसके बाद दोनों देशों के बीच ट्रेड वार्ता शुरू हुई थी.

दोनों देशों के बीच कितने का कारोबार?

टैरिफ की चुनौतियों के बीच दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ा है. सरकारी आंकड़ों से पता चलता है कि बीते साल अप्रैल से दिसंबर के बीच भारत से अमेरिका को निर्यात 9.8 फीसदी बढ़कर 65.9 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया. इन आंकड़ों से पता चलता है कि भारत के लिए बतौर एक ट्रेड पार्टनर अमेरिका की क्या भूमिका है. भारत और अमेरिका अब भी द्विपक्षीय ट्रेड समझौते को लेकर प्रतिबद्ध हैं.

अभी क्या है भारत का रुख?

भारत के विदेश मंत्रालय ने नौ जनवरी को कहा था कि दोनों देशों के बीच करीब एक साल साल से बातचीत चल रही है. विदेश मंत्रालय ने कहा था- भारत और अमेरिका द्विपक्षीय ट्रेड वार्ता के लिए प्रतिबद्ध हैं. दोनों देशों के बीच बीते साल 13 फरवरी से बातचीत चल रही है. उसके बाद ही दोनों देशों ने एक संतुलित और दोनों को फायदा पहुंचाने वाले एक ट्रेड डील को लेकर कई दौर की वार्ता कर चुके हैं.

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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