राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

पेंच जल विद्युत गृह ने मॉक ड्रिल में दिया महाराष्ट्र के तीन ताप विद्युत गृहों को बैकअप

पेंच जल विद्युत गृह ने मॉक ड्रिल में दिया महाराष्ट्र के तीन ताप विद्युत गृहों को बैकअप

भोपाल 

मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड ने पेंच जल विद्युत गृह तोतलाडोह के माध्यम से उच्च स्तरीय अभियान्त्रिकी दक्षता, समन्वय एवं परिचालन तत्परता का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए महाराष्ट्र राज्य विद्युत पारेषण कम्पनी (MahaTransco) के साथ गत दिवस सफलतापूर्वक ब्लैक स्टार्ट मॉक ड्रिल की। यह अभ्यास विशिष्ट आपातकालीन परिस्थितियों या राष्ट्रीय विद्युत ग्रिड के आंशिक अथवा पूर्ण विफल होने की स्थिति में विद्युत प्रणाली की त्वरित बहाली एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की दृष्टि से किया जाता है। इस प्रक्रिया के अंतर्गत मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कम्पनी के पेंच जल विद्युत गृह से महाराष्ट्र राज्य स्थित कोराडी ताप विद्युत गृह (महा-जेनको), खापरखेड़ा ताप विद्युत गृह (महा-जेनको) व विदर्भ औद्योगिक विद्युत गृह (अदाणी समूह), नागपुर तक एक आयलैंड का निर्माण कर महाराष्ट्र की लगभग 5 हजार मेगावाट उत्पादन क्षमता को बैकअप दिया गया।

क्यों की जाती है मॉक ड्रिल

भारतीय विद्युत ग्रिड संहिता (इंडियन इलेक्ट्रिसिटी ग्रिड कोड – IEGC) एवं MEGC 2020 के प्रावधानों के अंतर्गत ग्रिड पुनर्बहाली प्रक्रियाओं का सामयिक परीक्षण व सत्यापन अनिवार्य किया गया है। इसमें पूर्ण या आंशिक ब्लैकआउट की स्थिति में ब्लैक स्टार्ट प्रक्रिया, आयलैंड का निर्माण व उसके पुनः राष्ट्रीय ग्रिड के साथ समन्वय की व्यवस्था शामिल है।

मॉक ड्रिल कैसे की गई

पेंच जल विद्युत गृह तोतलाडोह में यह ब्लैक स्टार्ट मॉक ड्रिल गत दिवस 21 जनवरी को सुबह 10:03 बजे से दोपहर 12:02 बजे तक सफलतापूर्वक संचालित की गई। इस मॉक ड्रिल में आयलैंड के माध्यम से पेंच जल विद्युत गृह से लगभग 20 मेगावाट विद्युत की आपूर्ति महाराष्ट्र के तीन ताप विद्युत गृहों कोराडी ताप विद्युत गृह, खापरखेड़ा ताप विद्युत गृह व विदर्भ औद्योगिक विद्युत गृह को की गई। इस मॉक ड्रिल में आपातकालीन स्थिति में विद्युत गृह को प्रारंभ करने की तकनीकी क्षमता का परीक्षण किया गया। लगभग दो घंटे तक आयलैंड के सफल एवं स्थिर संचालन के बाद दोपहर 12:02 बजे पेंच जल विद्युत गृह को राष्ट्रीय विद्युत ग्रिड के साथ सफलतापूर्वक पुनः समन्वित (री-सिंक्रोनाइज) किया गया। यह संपूर्ण प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा एवं तकनीकी मानकों के अनुरूप पूर्ण की गई, जो मध्यप्रदेश पावर कंपनी की उच्च स्तरीय अभियान्त्रिकी दक्षता, समन्वय व परिचालन तत्परता को प्रदर्शित करती है।

ब्लैक स्टार्ट मॉक ड्रिल क्या है

ब्लैक स्टार्ट मॉक ड्रिल एक विशेष तकनीकी अभ्यास है, जिसके अंतर्गत किसी भी पूर्ण या आंशिक ब्लैक आउट की स्थिति में विद्युत गृह को बाह्य ग्रिड सहायता के बिना, सेल्फ स्टार्ट जनरेटरों की सहायता से चालू किया जाता है। सामान्यतः यह प्रक्रिया जल अथवा गैस आधारित विद्युत गृहों द्वारा की जाती है, जहाँ स्थानीय स्टैंड-अलोन विद्युत स्रोतों जैसे डीजल जनरेटर सेट के माध्यम से सहायक प्रणालियों को विद्युत आपूर्ति देकर क्रमशः ताप विद्युत इकाइयों को प्रारंभ किया जाता है। यह अभ्यास त्वरित समाधान, प्रणाली की विश्वसनीयता तथा अभियंताओं की तकनीकी तत्परता एवं दक्षता का व्यावहारिक परीक्षण होता है।

पेंच जल विद्युत गृह की विशिष्ट भूमिका

पिछले वर्षों में ग्रिड संबंधी घटनाओं के परिपेक्ष्य में ब्लैक स्टार्ट सक्षम विद्युत गृहों की निरंतर तत्परता, परीक्षण एवं अभ्यास अत्यंत आवश्यक है, जिससे आपातकालीन स्थितियों में विद्युत प्रणाली की शीघ्र बहाली कर आर्थिक एवं सामाजिक क्षति को न्यूनतम किया जा सके। उल्लेखनीय है कि सेंट्रल इंडिया व विदर्भ क्षेत्र के निकटस्थ उपलब्ध एकमात्र जल विद्युत स्रोत 160 मेगावाट क्षमता का पेंच जल विद्युत गृह है। इस दृष्ट‍ि से पेंच जल विद्युत गृह आपातकालीन तकनीकी अभ्यास के लिए अहम भूमिका रखता है। पेंच जल विद्युत गृह के माध्यम से आसपास स्थित महाराष्ट्र के विभिन्न ताप विद्युत गृहों को आपातकालीन परिदृश्य निर्मित कर इस अभ्यास को क्रियान्वित किया गया।

 

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button