राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

संतों का अपमान सहन नहीं, सपा हमेशा उनके साथ: अखिलेश यादव

लखनऊ
छोटे लोहिया के नाम से विख्यात समाजवादी विचारक डॉ. जनेश्वर मिश्र की पुण्यतिथि पर गुरुवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जनेश्वर मिश्र पार्क जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रयागराज माघ मेले में साधु-संतों के साथ दुर्व्यवहार की घटना सामने आई है। उन्होंने कहा कि अगर किसी भी साधु-संत का अपमान होगा तो समाजवादी पार्टी उनके सम्मान की लड़ाई में उनके साथ खड़ी रहेगी।        

'सपा पीडीए की लड़ाई को आगे बढ़ा रही है'
अखिलेश यादव ने कहा कि सपा पीडीए की लड़ाई को आगे बढ़ा रही है। जनेश्वर मिश्र ने जो सिद्धान्त, जो आंदोलन दिया, उसे आगे बढ़ने का हम संकल्प लेते हैं।  अखिलेश यादव ने नोएडा में इंजीनियर की मौत के प्रकरण को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि घटना के बाद भी सरकारी तंत्र समय रहते पीड़ति की जान नहीं बचा सका। अखिलेश ने आरोप लगाया कि कई घंटे तक इसलिए कारर्वाई नहीं की गई क्योंकि यह कहकर टाल दिया गया कि पानी ठंडा है। उन्होंने इसे प्रशासनिक संवेदनहीनता बताते हुए कहा कि सरकार बताए कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। वहीं सम्भल प्रकरण में सीओ समेत अन्य पर केस दर्ज कराने का आदेश देने वाले जज के ट्रांसफर पर सपा अध्यक्ष ने कहा कि 'सच्चाई को ट्रांसफर नहीं किया जा सकता।'

'सरकार सच सामने आने से घबराती है'
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि सरकार सच सामने आने से घबराती है। उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में पूंजीवादी ताकतें हावी हो रही हैं। ऐसे में समाजवादियों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वे जनेश्वर मिश्र, डॉ. लोहिया, बाबा साहब और नेताजी के विचारों को आगे बढ़ाकर समाजवादी आंदोलन को मजबूती दें। इस दौरान अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर हमला बोलते हुए कहा कि हम सभी ने देखा है कि जब वह योग कर रहे थे तो एक टांग पर लड़खड़ा रहे थे, क्या आप लोग उन्हें योगी कहेंगे। उन्होंने कहा कि बीजेपी के लोग, वे लोग हैं जब उन्हें लगता है कि धर्म के आधार पर वोट नहीं मिल सकता है, सनातन के रास्ते से वोट नहीं मिल सकता है तो इस तरह का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि सनातन का रास्ता सत्य का रास्ता है, धर्म का रास्ता, न्याय का रास्ता है। हम सबको साथ लेकर चले, वही सनातनी रास्ता है। हमारे साधु संत और जितने भी पूजनीय लोग हैं उनका सम्मान करें। उनके पास समय-समय पर जाकर राय मशविरा करें। यही सनातन है।        

'सतुआ बाबा को नहीं जानते हैं'
इस दौरान सतुआ बाबा के बारे में पूछने पर अखिलेश यादव ने कहा कि सतुआ बाबा को नहीं जानते हैं, हम भी मुख्यमंत्री रहे हैं। सतुआ बाबा को देखा है, वह हमारे आजम साहब से कान में क्या कहते थे मुझे पता है। तमाम साधु संतों से कहूंगा कि सरकार को ना भड़काएं। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के बयान पर पलटवार करते हुए उन्होंने तंज कसा कि उप मुख्यमंत्री को 'दंडवत होकर माफी मांगनी चाहिए।' उन्होंने प्रेरणा स्थल का नाम लिए बिना कहा कि 'तीन प्रतिमाओं की तरह खड़ा होना पड़ेगा न हिलो, न डुलो।'उन्होंने आगे तंज कसते हुए कहा कि जिस सरकार में वह डिप्टी सीएम हैं, वहां उन्हें कई बार 'डपट' भी पड़ जाती है। 

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button