राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

MP Budget 2026: ग्वालियर को मिलेगी नई उड़ान, चंबल क्षेत्र के विकास को तेज रफ्तार की उम्मीद

 ग्वालियर

मध्य प्रदेश के आगामी बजट 2026-27 को लेकर ग्वालियर-चंबल संभाग की उम्मीदें सातवें आसमान पर हैं। बजट से अंचल के सभी छह जिलों ग्वालियर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी और श्योपुर के विकास को नए पंख लगने की आस है। वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किए जाने के बाद से कृषि प्रधान इस अंचल की आशाएं बलवती हो गई हैं।

ग्वालियर-चंबल संभाग के लिए आगामी बजट केवल वित्तीय आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि विकास की एक ऐसी पटरी साबित होगी जिस पर अंचल की रफ्तार तय होगी। किसान कल्याण वर्ष और ग्वालियर का स्मार्ट सिटी विजन मिलकर अंचल को प्रदेश का नया ग्रोथ इंजन बना सकते हैं।

ग्वालियर : 2322 करोड़ रुपये का मास्टर प्लान और म्यूजिक सिटी का कायाकल्प

ग्वालियर के लिए यह बजट ऐतिहासिक हो सकता है। ग्वालियर नगर निगम ने 2322 करोड़ रुपये का एक महत्वाकांक्षी बजट प्रस्ताव तैयार किया है। इसे राज्य के बजट से संजीवनी मिलने की उम्मीद है। शहर के भीतर ई-व्हीकल चार्जिंग स्टेशन, पिंक टायलेट्स और स्मार्ट शौचालयों का जाल बिछाने की योजना है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर के कन्वेंशन सेंटर के लिए भी काफी उम्मीदें हैं। 1000 बिस्तर वाले अस्पताल को पूर्णतः क्रियाशील बनाने और सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं के विस्तार के लिए विशेष पैकेज की उम्मीद है। साथ ही, यूनेस्को म्यूजिक सिटी होने के नाते संगीत और कला के क्षेत्र में नई परियोजनाओं को धनराशि मिलने की आस है।
मुरैना और भिंड : अटल प्रगति पथ से औद्योगिक क्रांति

चंबल क्षेत्र के दो प्रमुख जिले मुरैना और भिंड के लिए सबसे बड़ी बात अटल प्रगति पथ (चंबल एक्सप्रेस-वे) की इन-प्रिंसिपल मंजूरी है। 420 किमी लंबा यह कारिडोर भिंड और मुरैना को सीधे उत्तर प्रदेश और राजस्थान से जोड़ेगा। बजट 2026 में इसके भूमि अधिग्रहण के लिए बड़े आवंटन की उम्मीद है। मुरैना में 600 मेगावाट के सोलर-प्लस-स्टोरेज प्रोजेक्ट और भिंड के मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र में डिफेंस सहायक इकाइयों के विकास के लिए राशि प्रविधान होने की उम्मीद है।
श्योपुर : चीता स्टेट की वैश्विक ब्रांडिंग

श्योपुर जिला अब प्रोजेक्ट चीता की सफलता के बाद वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर अपनी जगह बना चुका है। कूनो नेशनल पार्क के आसपास इको-टूरिज्म और चीता सफारी के विस्तार के लिए 50 करोड़ रुपये से अधिक के फंड की अपेक्षा है। ग्वालियर-श्योपुर रेल लाइन के अंतिम चरण के लिए फंड की घोषणा श्योपुर के आर्थिक परिदृश्य को बदल देगी।
शिवपुरी और दतिया : पर्यटन और आस्था का संगम

शिवपुरी को नए एयरपोर्ट विकास (प्रस्तावित लागत 45 करोड़) और टाइगर सफारी के लिए बड़ी राशि की उम्मीद है। साथ ही पार्वती-काली सिंध-चंबल लिंक परियोजना से सिंचाई के लिए जल अभाव की समस्या दूर होने की आस है। स्किल डेवलपमेंट को लेकर पिछले बजट में जो प्रविधान किए गए थे, उनका धरातल पर क्रियान्वयन हो, ताकि युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकें। शिवपुरी में औद्योगिक क्षेत्र तो विकसित कर दिए गए हैं, परंतु उनमें उद्योग अब तक नहीं आ पाए हैं। इस दिशा में काम होने की उम्मीद है।
यह कहते हैं क्षेत्र के लोग

    बजट 2026 से मुख्य अपेक्षा है कि इसमें स्मार्ट मोबिलिटी और ग्रीन एनर्जी के लिए ठोस आवंटन हो। विशेषकर, शहर के बढ़ते दायरे को देखते हुए और कन्वेंशन सेंटर जैसे प्रोजेक्ट्स ग्वालियर को टीयर-1 शहरों की श्रेणी में खड़ा करेंगे। सरकार स्वदेश दर्शन 2.0 के तहत न केवल ऐतिहासिक स्मारकों के जीर्णोद्धार के लिए फंड देगी। ग्वालियर को अब लांग टर्म बिजनेस हब के रूप में पहचान दिलाने वाले वित्तीय प्रविधानों की जरूरत है। – डॉ. प्रवीण अग्रवाल, अध्यक्ष, चैंबर ऑफ कामर्स, ग्वालियर

 

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button