राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

‘मोटी चमड़ी रखो’ टिप्पणी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, पूछा—क्या अंतरधार्मिक विवाह से बिगड़ रहा देश का ताना-बाना?

नई दिल्ली
'Yadav Ji ki love story' फिल्म के खिलाफ दाखिल याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। याचिका के जरिए विश्व यादव समाज ने फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। कोर्ट का कहना है कि फिल्म के नाम में ऐसा कोई भी शब्द नहीं है, जो यादव समुदाय की खराब छवि पेश कर रहा हो। इस दौरान अदालत ने हाल ही में घूसखोर पंडत के मामले में दिए फैसले का भी जिक्र किया।

याचिका में फिल्म बैन की मांग
याचिका में कहा गया था कि फिल्म का नाम यादव समाज की एक आपत्तिजनक तस्वीर बना रहा है। साथ ही दावा किया गया कि फिल्म में दिखाया गया है कि यादव समाज से आने वाली एक हिंदू लड़की मुस्लिम पुरुष के प्रेम में पड़ जाती है। याचिकाकर्ता की तरफ से पेश हुए वकील का कहना था कि फिल्म सच्ची घटना पर आधारित है।

सुप्रीम कोर्ट नहीं हुआ सहमत
याचिका पर जस्टिस बीवी नागरत्न और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच सुनवाई कर रही थी। बेंच ने सवाल किया, 'हिंदू लड़की का मुस्लिम लड़के से शादी करना देश के ताने बाने को खराब कर रहा है।'

बेंच ने कहा, 'हमने रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री देखी है। मुख्य शिकायत यह है कि आने वाली फिल्म का नाम समाज में यादव समुदाय की छवि खराब करता है। इसलिए तर्क दिया जा रहा है कि फिल्म का नाम बदला जाना चाहिए। हम यह नहीं समझ पा रहे हैं कि किसी फिल्म का शीर्षक किसी समुदाय को गलत तरीके से कैसे पेश कर सकता है। फिल्म के शीर्षक में कहीं भी ऐसा कोई शब्द नहीं है जो यादव समुदाय को खराब रोशनी में दिखाता हो। ये आशंकाएं पूरी तरह से निराधार हैं।'

दूसरी फिल्म का किया जिक्र
अदालत ने कहा कि घूसखोर का अंग्रेजी में मतलब भ्रष्ट होता है। ऐसे में एक समुदाय से गलत बात जोड़ी जा रही थी। कोर्ट ने कहा, 'इस केस में ऐसी कोई भी गलत बात यादव समाज से नहीं जोड़ी गई है।' उन्होंने कहा कि यह नाम किसी भी तरह से यादव समुदाय को गलत तरह से नहीं दिखा रहा है।

इस दौरान बेंच ने बेंडिट क्वीन फिल्म का भी जिक्र किया। बेंच ने कहा, 'बेंडिट क्वीन फिल्म में वो कह रहे थे कि गुज्ज समुदाय को गलत तरीके से दिखाया गया है। तब इस कोर्ट ने कहा था कि नहीं ऐसा नहीं है।' कोर्ट ने कहा, 'मोटी चमड़ी रखें। यह काल्पनिक है। एक सप्ताह में सब खत्म हो जाएगा। कोई भी आजकल थियेटर नहीं जा रहा है। सभी फोन पर देख रहे हैं।'

 

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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