व्यापार जगत

सेंसेक्स 1100 अंक से ज्यादा फिसला, इन 5 वजहों से हुई गिरावट

मुंबई 

शेयर बाजार में लगातार 5 दिनों की तेजी पर ब्रेक लग गया है. आज सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट देखने को मिली है. सेंसेक्स 1012 अंक फिसलकर 76,631.65 पर बंद हुआ और निफ्टी 222 अंक से ज्यादा फिसलकर 23,775 के पास क्लोज हुआ है. निफ्टी टॉप गेनर्स में हिंडाल्को, बजाज-ऑटो, BEL शामिल हैं. इनके शेयर्स में 3-1 फीसदी की बढ़त देखने को मिली और निफ्टी टॉप लूजर्स में इंडिगो और जियो फाइनेंस शामिल हैं. इनके शेयर्स में 3-3 फीसदी की गिरावट देखी गई। 

निफ्टी के सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी ऑटो, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेस, निफ्टी एफएमसीजी, बैंकिंग, रिएल्टी में बिकवाली देखने को मिली. वहीं, मेटल, फार्मा और आईटी में खरीदारी के साथ कारोबार होता हुआ नजर आया. शेयर बाजार में आज आई भारी गिरावट के पीछे 5 अहम वजह शामिल हैं। 

कच्चे तेल में लगी आग
ईरान और इजराइल के बीच सीजफायर होने के बावजूद दोनों देशों के बीच एक बार फिर से अनिश्चितता देखने को मिली जिसकी वजह से होर्मुज मार्ग फिर से बंद हो गया है. ऐसे में ब्रेंट का भाव 2 फीसदी चढ़कर 96 डॉलर के पार निकल गया है. साथ ही, WTI क्रूड की कीमत भी 2.60 डॉलर बढ़ गई है। 

ईरान और इजराइल के बीच तनाव जारी
ईरान और इजराइल के बीच सीजफायदा हो गया था लेकिन एक बार फिर से दोनों देशों के बीच तनाव का मौहाल बन गया है. ईरान का कहना है कि अमेरिका ने सीजफायर के बावजूद बेमानी की है और कमिटमेंट्स का उल्लंघन किया है. वहीं, अमेरिका का कहना है कि ईरान ने द्विपक्षीय बातचीत होने के बावजूद सर्तक रुख अपनाया है. मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, इस सीजफायर को लेकर अभी निवेशकों के बीच कंफ्यूजन बनी हुई है. इसी वजह से सुबह गिफ्ट निफ्टी में भी 140 अंकों की गिरावट देखने को मिल रही थी। 

रुपया में आई गिरावट
आरबीआई की कोशिशों के बाद भी भारतीय रुपया में गिरावट देखने को मिली है. गुरुवार को शुरुआती कोराबार में भारतीय रुपया 17 पैसे टूटकर 92.71 प्रति डॉलर पर आ गया. मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, फॉरेन करेंसी कारोबारियों के अनुसार, मिडिल ईस्ट में स्थिति नाजुक है और बाजार मजबूत रुख अपनाने की बजाय वेट एंड वाच की स्थिति में है. बुधवार को भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 92.54 पर बंद हुआ था. भारतीय रुपए में 2 अप्रैल को डॉलर के मुकाबले जोरदार तेजी देखने को मिली. 2 अप्रैल को रुपया करीब 2% बढ़कर 92.94 प्रति डॉलर पर पहुंच गया था, जो सितंबर 2013 के बाद एक दिन की सबसे बड़ी मजबूती रही थी। 

ग्लोबल मार्केट में कमजोरी
ग्लोबल मार्केट्स में आज कमजोरी देखने को मिल रही है. एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई , चीन का एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट के साथ कारोबार करते हुए नजर आए. खासकर कोस्पी में करीब 2% की गिरावट दर्ज की गई है. हालांकि, पिछले कारोबारी सत्र में इन बाजारों में तेज उछाल देखने को मिला था. वहीं, अमेरिकी और यूरोपीय बाजार बढ़त के साथ बंद हुए थे, जिससे ग्लोबल संकेत मिले-जुले बने हुए हैं। 

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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