राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजेंद्र ग्राम की बदहाल व्यवस्था उजागर

राजेन्द्रग्राम/ छबिलाल

जिले के राजेंद्र ग्राम स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुष्पराजगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं हाल ही में आए एक तस्वीर जो डिलीवरी व प्रसव के टाइम में जंग लगे बेड में चादर न होने से भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है इस तस्वीर को सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं को लेकर लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है तस्वीर में अव्यवस्था साफ नजर आ रही है मरीज को किसी साफ सुथरा  बेड में रखने की बजाय पुराने लोहे के बेड पर शिशु व मां लेटने में मजबूर किया जाता है जिस पर ना तो चादर है और ना ही पर्याप्त साफ सफाई दिखाई दे रही है वही अस्पतालों की दीवारों पर गंदगी लटकते तार और रखरखाव की कमी भी नजर आ रही है। अगर ऐसी हालत बनी रही तो मां एवं बच्चों पर पढ़ने वाले बीमारी को होने वाले बीमारियों से कोई सहायक नहीं बन सकता है। और डॉक्टर भी जिम्मेदार नहीं हो पाएंगे इसलिए ग्रामीणों का कहना है बच्चे और उसके मां को तंदुरुस्त करने में डॉक्टरों की जिम्मेदारी होती है ताकि ताकि बीमार करने में नहीं।

कहां खर्च हो रहा है बजट 

स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रसव के बाद गंभीर हालत में बेहतर सुविधा मिलनी चाहिए थी लेकिन उसे बुनियादी इलाज की सुविधा भी ठीक से नहीं मिल पा रही है इस घटना को लेकर लोगों ने स्वास्थ्य विभाग को प्रशासन से अस्पताल की व्यवस्था में सुधार करने की मांग की है वही सवाल उठ रहे हैं कि अस्पतालों के रखरखाव और सुविधाओं के लिए मिलने वाला बजट खर्च कहां हो रहा है ताकि सुविधा नहीं मिलता पा रहा है या तो बीएमओ डॉक्टर आर के वर्मा अपनी जेब भरने में लगे हुए हैं। आखिर कहां जाता है बजट कहां होता है खर्च कार्यवाही कर साफ सफाई पर रखरखाव करने की मांग की गई।

 

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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