राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

शंकराचार्य पर केस कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी पर ट्रेन में जानलेवा हमला, नाक काटने की कोशिश

प्रयागराज-उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले में सिराथू रेलवे स्टेशन के पास चलती ट्रेन में एक बड़ी वारदात सामने आई है। ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ केस करने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी पर जानलेवा हमला किया गया है। हमलावरों ने धारदार हथियार से उनकी नाक काटने की कोशिश की और उनके चेहरे पर कई वार किए। आशुतोष ब्रह्मचारी ने किसी तरह ट्रेन के टॉयलेट में खुद को बंद कर अपनी जान बचाई।

कौशांबी के सिराथू के पास हुआ हमला

जानकारी के अनुसार, आशुतोष ब्रह्मचारी ट्रेन से प्रयागराज की ओर जा रहे थे। जब ट्रेन सिराथू रेलवे स्टेशन के पास पहुँची, तभी अज्ञात हमलावरों ने उन पर हमला बोल दिया। चश्मदीदों और पीड़ित के बयान के अनुसार, हमलावर पूरी तैयारी के साथ आए थे और उनके पास धारदार हथियार थे। हमलावरों ने आशुतोष ब्रह्मचारी को घेर लिया और सीधे उनके चेहरे पर प्रहार करना शुरू कर दिया। हमलावरों का मुख्य निशाना उनकी नाक थी, जिसे काटने का प्रयास किया गया। हमले में उनके नाक और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं।

टॉयलेट में छिपकर बचाई जान

अचानक हुए इस हमले से ट्रेन के कोच में अफरा-तफरी मच गई। जान बचाने के लिए आशुतोष ब्रह्मचारी लहूलुहान हालत में भागे और खुद को ट्रेन के टॉयलेट के अंदर बंद कर लिया। हमलावरों ने टॉयलेट का दरवाजा तोड़ने की कोशिश भी की, लेकिन तब तक शोर मचने और अन्य यात्रियों के सक्रिय होने के कारण वे मौके से फरार हो गए। प्रयागराज पहुँचने पर उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी और अपना प्राथमिक उपचार कराया।

शंकराचार्य और अन्य सहयोगियों पर गंभीर आरोप

आशुतोष ब्रह्मचारी ने इस हमले के पीछे गहरी साजिश का आरोप लगाया है। उन्होंने प्रयागराज पुलिस को दी गई अपनी तहरीर में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, मुकुंदानन्द और उनके अन्य सहयोगियों पर आरोप लगाया है। आशुतोष का दावा है कि इन सभी ने मिलकर उनकी नाक काटने और जान लेने की योजना बनाई थी क्योंकि उन्होंने शंकराचार्य के विरुद्ध न्यायालय में कानूनी कार्रवाई शुरू की है। पीड़ित का कहना है कि उन्हें लंबे समय से धमकियां मिल रही थीं।

पुलिस जांच और तनाव

प्रयागराज पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। चूंकि मामला कौशाम्बी के सिराथू के पास का है, इसलिए जीआरपी (GRP) और स्थानीय पुलिस संयुक्त रूप से सीसीटीवी फुटेज और ट्रेन में मौजूद गवाहों के बयान दर्ज करेगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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