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अवैध प्लाटिंग के खिलाफ सदन में विधायक रिकेश ने जतायी चिंता, राजस्व मंत्री से की कार्रवाई की मांग

​भिलाई नगर-वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने विधानसभा के बजट सत्र के दौरान दुर्ग जिले में फल-फूल रहे अवैध प्लाटिंग के कारोबार का मुद्दा प्रमुखता से उठाया है। उन्होंने सदन के माध्यम से सरकार और राजस्व मंत्री का ध्यान उन हजारों आम नागरिकों की समस्याओं की ओर भी आकर्षित किया, जो सस्ते भूखंड के लालच में आकर अवैध प्लाटिंग का शिकार हो रहे हैं।

आम जनता की परेशानियों का किया जिक्र

सदन को संबोधित करते हुए विधायक सेन ने कहा कि भू-माफियाओं द्वारा शहर के बाहरी इलाकों और कृषि जमीनों पर बिना किसी मापदंड के प्लाट काट दिए जाते हैं। इन्हें कम दामों पर भोली-भाली जनता को बेच दिया जाता है, लेकिन वास्तविकता यह है कि इन क्षेत्रों में न तो नालियों की व्यवस्था होती है और न ही सुगम पहुंच मार्ग।

​रजिस्ट्री प्रक्रिया पर उठाए सवाल

रिकेश सेन ने रजिस्ट्री विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब संबंधित प्लाटिंग नियम अनुसार नहीं है और वहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, तो शासन के नियमों को ताक पर रख कर उन भूखंडों की रजिस्ट्री कैसे हो रही है? उन्होंने कहा कि जब लोग इन प्लाटों पर अपना आशियाना बनाना शुरू करते हैं तब उन्हें बुनियादी सुविधाओं के लिए दर-दर भटकना पड़ता है।

विधायक रिकेश सेन ने राजस्व मंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप कर ठोस कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बिना टाऊन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की अनुमति और ले-आउट पास कराए किसी भी आवासीय भूखंड का विक्रय पूर्णतः प्रतिबंधित किया जाए। अवैध प्लाटिंग करने वाले कॉलोनाइजरों और इसमें संलिप्त अधिकारियों पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाए। रजिस्ट्री से पहले यह सुनिश्चित किया जाए कि उक्त भूमि आवासीय उद्देश्य के लिए वैध है या नहीं। ​

वैशाली नगर (भिलाई) में कुछ समय से क्षेत्र के विभिन्न वार्डों और बाहरी कछार क्षेत्रों में भू-माफियाओं द्वारा शासन एवं नगर निगम के नियमों को ताक पर रख कर कृषि भूमि पर अवैध रूप से प्लाटिंग की जा रही है। इससे न केवल शासन को राजस्व की भारी हानि हो रही है. बल्कि भविष्य में यहाँ बसने वाले आम नागरिकों को बिजली, पानी, सड़क और ड्रेनेज जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ा है। वैशाली नगर विधानसभा में अवैध प्लाटिंग मैं बैन लगाना अति आवश्यक है। अवैध प्लाटिंग वाले खसरों के नामांतरण और पंजीयन पर तत्काल रोक लगाई जाए। नियमों का उल्लंघन करने वाले भू-माफियाओं के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाए।

सेन ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अवैध प्लाटिंग न केवल शहरी विकास की योजना को बिगाड़ रही है, बल्कि यह आम आदमी की गाढ़ी कमाई की लूट है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि इस पर तुरंत रोक लगाने के लिए एक सशक्त तंत्र विकसित किया जाए।

Dinesh Purwar

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