राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

इंदौर संभाग में जल गंगा संवर्धन अभियान को मिल रहा जनआंदोलन का रूप

इंदौर संभाग में जल गंगा संवर्धन अभियान को मिल रहा जनआंदोलन का रूप

अभियान के अंतर्गत आयोजित की जा रही हैं विभिन्न गतिविधियां

इंदौर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर प्रदेशभर में संचालित “जल गंगा संवर्धन अभियान-2026” के अंतर्गत इंदौर संभाग में जल संरक्षण एवं संवर्धन को जनआंदोलन का रूप मिल रहा है। इंदौर संभाग में अभियान के तहत विभिन्न नवाचारपूर्ण गतिविधियों, जनभागीदारी कार्यक्रमों तथा जागरूकता प्रयासों के माध्यम से जल स्रोतों के संरक्षण, संवर्धन और पुनर्जीवन की दिशा में प्रभावी पहल की जा रही है।

बड़वानी में प्राचीन बावड़ी में श्रमदान कर की गई साफ-सफाई

कलेक्‍टर बड़वानी श्रीमती जयति सिंह ने बताया है कि देशव्यापी ''जल गंगा संवर्धन अभियान'' के अंतर्गत बड़वानी जिले के जल स्रोतों के संरक्षण और पुनर्जीवन का कार्य तेजी से किया जा रहा है। इसी कड़ी में नगर पालिका परिषद बड़वानी द्वारा मोटी माता स्थित प्राचीन बावड़ी की साफ-सफाई के लिए विशेष श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। नगर पालिका के कर्मचारियों, स्वच्छता मित्रों, विधिक सेवा प्राधिकरण और स्थानीय नागरिकों ने मिलकर प्राचीन बावड़ी परिसर में व्यापक श्रमदान कर बावड़ी से गंदगी, कचरा और गाद को बाहर निकाला गया, जिससे पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित कर जलस्तर में सुधार लाया जा सके।

झाबुआ में 65 ग्राम पंचायतों में जनसहयोग से 330 ट्राली मिट्टी तालाबों से निकाली गई

कलेक्‍टर झाबुआ श्रीमती नेहा मीणा ने बताया है कि जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान की शुरुआत जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों द्वारा श्रमदान कर तालाब में गाद निकासी के कार्य से की गई। जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता का संदेश दिया गया। अभियान अंतर्गत जिले की 65 ग्राम पंचायतों में जनसहयोग से जल स्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य प्रारंभ किए गए हैं। अब तक लगभग 330 ट्राली मिट्टी तालाबों से निकालकर किसानों द्वारा अपने खेतों में उपयोग की जा चुकी है, जिससे एक ओर जल स्रोतों की गहराई बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर भूमि की उर्वरता में भी वृद्धि हो रही है। इसके साथ ही जल गंगा संवर्धन अभियान 2025 के अंतर्गत अपूर्ण कार्यों को भी गति प्रदान की गई हैं।

कुक्षी और धरमपुरी में नदी पूजन एवं स्वच्छता गतिविधियों का आयोजन

धार जिले में भी ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के अंतर्गत जल स्रोतों के संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन की गतिविधियां निरंतर जारी हैं। इसी क्रम में जन अभियान परिषद द्वारा विकासखंड कुक्षी और धरमपुरी में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से जन-जागरूकता का प्रसार किया गया। कुक्षी के ग्राम भत्यारी में नर्मदा की सहायक नदी ओझर पर निर्मित बांध पर "नव शक्ति से नव भक्ति" कार्यक्रम आयोजित किया गया। उपस्थित जनसमूह ने जल स्रोतों के संरक्षण, स्वच्छता और उनके संवर्धन का संकल्प लिया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को जल की महत्ता और उसके संचयन के प्रति संवेदनशील बनाना रहा। इसी तरह विकासखंड धरमपुरी की ग्राम पंचायत डहीवर में नवांकुर सखियों द्वारा पीपल के वृक्ष का पूजन किया गया। इस अवसर पर ग्रामीणों को वृक्षों के धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। "जल शक्ति से नव भक्ति" के संदेश के साथ ही प्रकृति के प्रति सम्मान और संरक्षण की भावना को सुदृढ़ करने का आह्वान किया गया।

कावेरी नदी तट पर किया गया श्रमदान

''जल गंगा संवर्धन अभियान'' के तहत खण्डवा जिले के ग्राम अटूटखास में कावेरी नदी के तट “जल चौपाल” आयोजित की गई। कार्यक्रम में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत अटूटखास के ग्रामीणों ने कावेरी नदी के घाटों की सफाई के लिए श्रमदान किया। कार्यक्रम में ग्रामीणों ने आपसी चर्चा कर जल स्रोतों की साफ-सफाई और सोख्ता गड्ढों के निर्माण के सम्बंध में सहमति व्यक्त की, ताकि वर्षा का जल व्यर्थ न बहे, बल्कि वर्षा का जल भूजल स्तर वृद्धि में सहायक सिद्ध हो।

“बुरहानपुर में जल है तो कल है” के संदेश के साथ ली गयी सामूहिक शपथ

बुरहानपुर जिले में अभियान के अंतर्गत जल स्रोतों के संरक्षण, पुनर्जीवन एवं वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने के साथ-साथ जनसहभागिता के माध्यम से इसे जनआंदोलन का रूप देने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत नगर पालिका परिषद नेपानगर के वार्ड क्रमांक 11 एवं 22 में विभिन्न कार्य किये जा रहे हैं। वार्ड क्रमांक 22 बीड़ रैयत स्थित अतिप्राचीन धार्मिक स्थल सीतानहानी मंदिर परिसर में साफ-सफाई एवं श्रमदान किया गया। साथ ही उपस्थितजनों को जल स्रोतों के संरक्षण, स्वच्छता एवं भू-जल पुनर्भरण के प्रति जागरूक करते हुए “जल है तो कल है” के संदेश के साथ सामूहिक शपथ दिलाई गई। अभियान के तहत किए जा रहे इन प्रयासों से न केवल जल स्रोतों का संरक्षण सुनिश्चित होगा, बल्कि नागरिकों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।

 

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button