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छत्तीसगढ़ में तेंदूपत्ता संग्रहण का बड़ा लक्ष्य: 16 लाख बोरा, 51 समितियां जिम्मेदार

राजनांदगांव.

राजनांदगांव जिले के वन क्षेत्र में इस वर्ष भी अधिक से अधिक तेंदूपत्ता की तोडाई सुनिश्चित कराने का प्रावधान किया जा रहा है. इस वर्ष भी 51 समितियां को जिम्मेदारी देने की तैयारी की जा रही है. जिले के वन क्षेत्रों में 700 से अधिक फड तैयार करने का प्रावधान रखा गया है.

ज्ञात हो कि राजनांदगांव जिले में 60% अधिक क्षेत्र में अभी भी वन संपदा है. बाघनदी से लेकर बोरतालाव, अर्जुनी, छुरिया, चिचोला डोंगरगांव, डोंगरगढ़ मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी, औधी सहित अन्य क्षेत्रों में भी तेंदूपत्ता की तोड़ाई सुनिश्चित कराने का प्रावधान रखा गया है. जिसकी तैयारी भी शुरू कर दी गई है. वन विभाग के अधिकारियों की माने तो इस वर्ष भी 84 हजार मानक बोरा तेंदूपत्ता का संग्रहण सुनिश्चित कराया जाएगा. इसके लिए 51 समितियां को जिम्मेदारी देने की तैयारी की जा रही है.

वन क्षेत्र में 700 से अधिक स्थानों पर फड तैयार किए जाएंगे. इसके लिए भी स्थान का चिन्हांकन कर लिया गया है. इस वर्ष बारिश नहीं हुई तो अच्छी क्वालिटी का तेंदूपत्ता मिलने की संभावना भी जताई जा रही है. तेंदूपत्ता का संग्रहण कराने के लिए बाहर के ठेकेदार भी रुचि दिखा रहे हैं. छत्तीसगढ़ में इस साल हरा सोना (तेंदूपत्ता) की तुड़ाई सबसे पहले दक्षिण बस्तर में 20-25 अप्रैल से शुरू होगी। प्रथम चरण में सुकमा, बीजापुर दंतेवाड़ा जिले से इसकी शुरुआत होगी। वहीं अंतिम चरण में 10 मई को सरगुजा में तेंदूपत्ता का संग्रहण किया जाएगा। इसके लिए 13 लाख 50 हजार संग्राहक परिवारों का फैमिली कार्ड बनाया गया है। इसमें सभी का ब्यौरा दिया गया है।

इस साल करीब 50 हजार अतिरिक्त लोगों के जुड़ने का संभावना विभागीय अधिकारियों ने जताई है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ लिमिटेड अनिल साहू ने बताया कि तेंदूपत्ता खरीदी की तैयारियां अंतिम चरण में चल रही है। इस साल करीब करीब 16 लाख मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य रखा गया है। बता दें कि प्रदेश में धान की फसल के बाद तेंदूपत्ता की वृहद स्तर पर खरीदी होती है।

ऑनलाइन भुगतान
तेंदूपत्ता तोड़ने वालों को इस साल उनके बैंक खातों में ऑनलाइन राशि अंतरित की जाएगी। इस साल 5500 रुपए प्रतिमानक बोरा की दर से इसकी खरीदी होगी। वहीं उक्त राशि का भुगतान कैशलेश किया जाएगा। इसके लिए सभी जिलों में अभियान चलाकर बैंक खाते खोले जा रहे है।

कैशलेस प्रक्रिया को अनिवार्य
साथ ही सूदूर क्षेत्र में मोबाइल बैंकिंग के जरिए बैंक खाते खोलने की प्रक्रिया भी चल रही है। बताया जाता है कि अब तक करीब 12 लाख 40 हजार लोगों के बैंक खाते खोले गए है। साथ ही इसकी प्रक्रिया चल रही है। बता दें कि बस्तर क्षेत्र में तेंदूपत्ता भुगतान में हुए फर्जीवाड़े के बाद इस साल कैशलेस प्रक्रिया को अनिवार्य किया जा रहा है।

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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