राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

वेतन मामले में सुप्रीम कोर्ट में हाजिर हुए मुख्य सचिव

रांची.

SC ने एकीकृत बिहार के समय से कर्मचारियों के 20 साल से बकाया वेतन भुगतान मामले में कमेटी बनाने का निर्देश दिया है। कमेटी में झारखंड, बिहार और केंद्र सरकार के अवर सचिव रैंक के अफसर शामिल होंगे। सुप्रीम कोर्ट ने एकीकृत बिहार के समय से कर्मचारियों के 20 साल से बकाया वेतन भुगतान मामले में कमेटी बनाने का निर्देश दिया है।

कमेटी में झारखंड, बिहार और केंद्र सरकार के अवर सचिव रैंक के अधिकारी शामिल होंगे। कमेटी अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपेगी। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मामले की सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया। इस मामले में झारखंड के मुख्य सचिव सुखदेव सिंह सुप्रीम कोर्ट में हाजिर भी हुए। झारखंड सरकार की ओर से मामले में कोई भी वकील पेश नहीं करने पर सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य सचिव को हाजिर होने का निर्देश दिया था। अगली तिथि को मुख्य सचिव को हाजिर होने से सुप्रीम कोर्ट ने छूट दी है।
बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट ने मामले में झारखंड सरकार की तरफ से वकील न नियुक्त करने पर मुख्य सचिव को तलब किया था। कोर्ट ने सख्त आदेश देते हुए कहा था कि अगली पेशी पर झारखंड सरकार के मुख्य सचिव उपस्थित रहें और मामले में अबतक लिए गए ऐक्शन के बारे में जानकारी दें। सोमवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मुख्य सचिव को अगली पेशी पर उपस्थित होने से राहत दी है। अदालत ने समिति बनाकर रिपोर्ट तैयार कर सुप्रीम कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है।

अराजपत्रित कर्मचारी संघ ने दायर की है याचिका
इस संबंध में बिहार राज्य अर्द्ध सरकारी अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ व अन्य की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। याचिका में बकाया वेतन का मामला उठाया गया है। पूर्व में बिहार सरकार की ओर से जवाब दाखिल कर दिया गया था, लेकिन झारखंड सरकार से कोई भी अधिवक्ता इस मामले में उपस्थित नहीं हो रहा था। इस कारण सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य सचिव को हाजिर होने का निर्देश दिया था।

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button