राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

रांची के मोराबादी में 65 करोड़ की लागत से बन रही अत्याधुनिक लाइब्रेरी जून तक होगी तैयार

झारखंड
 झारखंड की राजधानी रांची के मोराबादी में शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी पहल तेजी से आकार ले रही है. यहां पर करीब 65 करोड़ रुपये की लागत से मेगा अत्याधुनिक लाइब्रेरी बनाई जा रही है. यह लाइब्रेरी सूबे के छात्रों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आ रही है. रविवार को झारंखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार और रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने इसका निरीक्षण कर कार्य की प्रगति का जायजा लिया.

एक साथ 5000 छात्रों के बैठने की सुविधा
यह लाइब्रेरी अपने आप में बेहद खास होगी, जहां एक साथ करीब 5,000 छात्र बैठकर पढ़ाई कर सकेंगे. हर फ्लोर पर मॉडर्न रीडिंग रूम बनाए जा रहे हैं, जिससे छात्रों को बेहतर और शांत वातावरण मिल सके. इसके साथ ही ग्राउंड फ्लोर पर कैफेटेरिया की सुविधा भी विकसित की जा रही है, ताकि छात्रों को पढ़ाई के बीच आराम और रिफ्रेशमेंट मिल सके.

सीनियर सिटीजन्स के लिए विशेष व्यवस्था
इस लाइब्रेरी की खास बात यह होगी कि इसमें हर आयु वर्ग के लोगों को सुविधा मिलेगी. पहली मंजिल पर सीनियर सिटीजन्स के लिए अलग व्यवस्था की जा रही है. इसका उद्देश्य यह है कि बुजुर्ग भी यहां आकर पढ़ें और समय बिताएं.

परमवीर चक्र विजेताओं को मिलेगा सम्मान
इस लाइब्रेरी को सिर्फ पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि प्रेरणा का केंद्र भी बनाया जा रहा है. प्रस्ताव रखा गया है कि यहां परमवीर चक्र से सम्मानित 21 वीर सपूतों के चित्र लगाए जाएं. राज्यपाल ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए निर्देश दिया है कि पूरी पहली मंजिल को इन वीरों को समर्पित किया जाए, जहां उनके शौर्य और बलिदान की कहानियां भी प्रदर्शित होंगी.

जून तक पूरा होने की उम्मीद
निर्माण कार्य तेजी से जारी है और उम्मीद जताई जा रही है कि यह लाइब्रेरी जून तक बनकर तैयार हो जाएगी. अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जून या जुलाई में इसका उद्घाटन कर दिया जाए, ताकि छात्र जल्द से जल्द इसका लाभ उठा सकें.
आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को मिलेगा लाभ

इस लाइब्रेरी को एक ट्रस्ट के माध्यम से संचालित किया जाएगा. इसका मुख्य उद्देश्य ऐसे छात्रों तक महंगी किताबें और संसाधन पहुंचाना है, जो आर्थिक तंगी के कारण उन्हें खरीद नहीं पाते. इससे शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर को बढ़ावा मिलेगा.
कोल इंडिया और सीसीएल का अहम योगदान

इस महत्वाकांक्षी परियोजना को साकार करने में कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) और सेंट्रल कोल फील्ड लिमिटेड (सीसीएल) का बड़ा योगदान रहा है. इनके सहयोग से यह लाइब्रेरी आधुनिक सुविधाओं से लैस हो रही है.

शिक्षा का नया केंद्र बनेगा मोराबादी
रांची के बीचों-बीच, कई विश्वविद्यालयों के पास स्थित यह लाइब्रेरी आने वाले समय में पूरे झारखंड के छात्रों के लिए एक प्रमुख शिक्षा केंद्र बन सकती है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि यह पहल सिर्फ एक इमारत तक सीमित रहती है या राज्य के भविष्य को नई दिशा देने वाला ज्ञान का सबसे बड़ा हब बनती है.

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button