सर्दियों में हार्ट अटैक का खतरा क्यों बढ़ता है? बचाव के लिए रोज करें ये 5 असरदार योगासन

सर्दियों का मौसम अपने साथ कई तरह की बीमारियां भी लेकर आता है। सर्दियों में जुकाम, खांसी, बुखार और जोड़ों में दर्द जैसी समस्याएं होना आम बात है। लेकिन क्या आप जानते यहीं कि सर्दियों में हार्ट अटैक का खतरा भी काफी बढ़ जाता है। जी हां, कई अध्ययनों में यह पाया गया है कि सर्दी का मौसम दिल की सेहत के लिए काफी कठिन होता है। दरअसल, सर्दियों में तापमान में गिरावट, सर्द हवाएं, नमी और एयर प्रेशर में बदलाव के कारण दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसके कारण हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ठंड के मौसम में ब्लड वेसल्स संकुचित हो जाती हैं, जिससे ब्लड फ्लो कम हो जाता है हार्ट को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है। ऐसे में, बेहद जरूरी है कि हार्ट अटैक से बचाव के लिए सही कदम उठाएं जाएं। हार्ट अटैक से बचाव के लिए आपको अपने खानपान का खास ख्याल रखना चाहिए। इसके अलावा, कुछ योगासन भी हार्ट अटैक के जोखिम को कम करने में मदद कर सकते हैं। आज इस लेख में हम आपको कुछ योगासनों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो दिल को हेल्दी रखने में मदद कर सकते हैं।
ताड़ासन
इस योगासन को करने के लिए जमीन पर सीधे खड़े हो जाएं।
इस दौरान अपनी कमर को सीधा रखें और आपके पैर आपस में जुड़े होने चाहिए।
अब हाथ जोड़ने की मुद्रा में खड़े हो जाएं और धीरे-धीरे अपने हाथों को ऊपर की ओर ले जाएं।
अब अपनी एड़ियों पर उठने की कोशिश करें और शरीर का भार अपने निचले हिस्से पर डालें।
कुछ सेकंड तक इस स्थिति में रहने के बाद वापस सामान्य अवस्था में आ जाएं।
इस प्रक्रिया को 10-15 बार दोहराएं।
भुजंगासन
इस आसन को करने के लिए योगा मैट पर पेट के बल लेट जाएं।
अपनी कोहनियों को कमर से सटा के रखें और हथेलियां ऊपर की ओर रखें।
अब धीरे-धीरे सांस भरते हुए, अपनी छाती को ऊपर की ओर उठाएं।
उसके बाद अपने पेट को धीरे-धीरे ऊपर उठा लें। इस स्थिति में 30 सेकंड तक रहें।
अब सांस छोड़ते हुए, सिर को धीरे-धीरे जमीन की ओर नीचे लाएं।
इस प्रक्रिया को आप 3 से 5 बार दोहराएं।
वीरभद्रासन
इस आसन को करने के लिए योगा मैट पर सीधे खड़े हो जाएं।
अब अपने दोनों पैरों 2-3 फीट की दूरी पर रखें।
फिर अपने सीधे पैर को आगे लेकर आए और उल्टे पैर को पीछे की ओर स्ट्रेच करें।
इस दौरान हाथों को 180 डिग्री पर फैला कर रखें।
इस अवस्था में 30-60 सेकंड तक रुकें।
फिर प्रारंभिक मुद्रा में आ जाएं।
इस आसन को आप 3 से 5 बार कर सकते हैं।
अर्ध मत्स्येन्द्रासन
इस आसन को करने के लिए योगा मैट पर बैठें और अपने बाएं पैर को दाहिने पैर के नीचे रखें।
दाहिने पैर को बाएं घुटने के पार रखें।
बाएं हाथ को दाहिने घुटने पर रखें और दाहिने हाथ को पीछे की ओर रखें।
अब शरीर को दाहिनी ओर मोड़ें और इस स्थिति में कुछ सेकंड तक रहें।
धीरे-धीरे वापस आएं और दूसरी ओर से भी इस प्रक्रिया को दोहराएं।
इस प्रक्रिया को आप 3 से 5 बार दोहराएं।
धनुरासन
इस आसन को करने के लिए योगा मैट पर पेट के बल लेट जाएं।
अपने दोनों हाथों को सीधा रखें।
अब अपने घुटनों को मोड़ते हुए सांस छोड़ें।
अपनी एड़ी को अपने नितंबों के पास लाएं।
अब धनुषाकार होते हुए, अपने पैरों की उंगलियों को हाथों से पकड़ें।
अब गहरी सांस लेते हुए अपनी छाती को जमीन से ऊपर उठाएं।
फिर सांस छोड़े हुए, वापस प्रारंभिक मुद्रा में आ जाएं।
इस आसन को आप 3 से 5 बार कर सकते हैं।




