राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

स्वामी जी ने कहा था…”चरित्र जेंटलमैन बनाता है”: पाठक

लखनऊ

 12 जनवरी भारत ऐसा देश है जहां टेलर नहीं, चरित्र व्यक्ति को जेंटलमैन बनाता है…स्वामी विवेकानंद के शिकागो व्याख्यान के इस उद्धरण के साथ उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने प्रदेश के युवाओं का आह्वान किया कि वे अपनी ताकत व प्रतिभा को पहचानें।
लखनऊ स्थित इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान के जुपिटर हॉल में आयोजित 'राष्ट्रीय युवा दिवस' कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री ने स्वामी विवेकानंद के जीवन पर विस्तार से बात करते हुए आज के युवाओं को उनके विचारों से जुड़ने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने भारत की धरा में जन्म लेकर दुनिया को केवल भारत की संस्कृति से परिचित ही नहीं कराया, बल्कि भारत की वास्तविक ताकत का अहसास भी दुनिया को कराया। ब्रजेश पाठक ने प्रदेश के युवाओं का आह्वान किया कि वे स्वामी विवेकानंद के जीवन से प्रेरित होकर, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में देश को आगे बढ़ाने के लिए  एकजुट होकर प्रयास करें।

उन्होंने कहा कि युवा स्वामी विवेकानंद को पढ़ें-गढ़ें और समझें कि वो परिस्थितियां क्या रही होंगी कि जब देश गुलामी की जंजीरों में जकड़ा हुआ था, भारत के अंदर सांस लेने की इजाजत नहीं थी, कहीं आने जाने की इजाजत नहीं थी लेकिन देश में अंग्रेजी हुकूमत होने के बावजूद मां भारती का वह सपूत दुनिया के नक्शे पर भारत की संस्कृति का झंडा लहराने में सफल हुआ। शिकागो के उस सम्मेलन में जब स्वामी विवेकानंद गए होंगे, तब क्या परिस्थिति रही होगी, जब आमंत्रण भी नहीं था, पहुंचने का टिकट भी नहीं था। रहने, खाने को पैसे भी नहीं थे। स्वामी विवेकानंद को सिर्फ जानकारी मिली थी कि दुनिया की ढेर सारी संस्कृतियों के बारे में एक बड़ी संगोष्ठी का आयोजन शिकागो में हो रहा है, तो वह वहां पहुंच गए। शिकागो के उस हॉल में जब वे पहुंचे तो उनकी वेशभूषा देखकर दुनिया भर के प्रतिनिधि उन पर हंसे लेकिन स्वामी विवेकानंद के बोलने की बारी आई तो उन्होंने कुछ ही मिनटों में सबको तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। सारे वक्ता "लेडीज एंड जेंटलमैन" बोलकर अभिवादन कर रहे थे लेकिन स्वामी विवेकानंद ने "सिस्टर्स एंड ब्रदर्स", यानी पूरी दुनिया उनका परिवार है, कहकर अभिवादन किया। विवेकानंद ने कहा था, ‘आप मेरी वेशभूषा देखकर हंस रहे हैं लेकिन आपके देश में टेलर आपको जेंटलमैन बनाता है, वहीं हमारे भारत में टेलर नहीं, चरित्र जेंटलमैन बनाता है।’

उप मुख्यमंत्री पाठक ने कहा कि, "स्वामी विवेकानंद मानते थे कि युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं तो अब आप अपनी ताकत को पहचानिए। आज नया चलन चल गया है कि सब मार्कशीट के पीछे भाग रहे हैं। किसी के 97 प्रतिशत आ गए तो वो बच्चा छलांग लगा देता है। ऐसा नहीं करना है। भारत की भूमि उर्वरा भूमि है। यहां ऐसे युवा तैयार हुए हैं जिन्होंने दुनिया की चुनौती को स्वीकार किया है और हमें तो गर्व हासिल है कि हमें प्रधानंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में काम करने का अवसर मिला है। आज पूरी दुनिया में भारत का डंका बज रहा है। युवा केवल अवसर ढूंढ़ने वाला नहीं, बल्कि अवसर बनाने वाला बन रहा है। हमारी सरकार का काम मंच देना है, युवाओं की प्रतिभा अपना रास्ता खुद ढूंढ़ लेती है।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अनुशासन, कौशल, आत्मविश्वास से लैस होकर अपनी पहचान को उत्तर प्रदेश की पहचान से जोड़ें। युवा सशक्त होगा तो प्रदेश व देश भी सशक्त होगा।

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button