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AIIMS की रिसर्च में खुलासा, योग से कम होता है ‘मेंटल स्ट्रेस’

भोपाल 

ब्रेस्ट कैंसर के ऑपरेशन के बाद महिला मरीजों में मानसिक तनाव, चिंता और दर्द सामान्य रूप से देखने को मिलता है। एम्स भोपाल के हालिया अध्ययन में सामने आया है कि नियमित योग अभ्यास से मरीजों का मानसिक संतुलन बेहतर होता है और दर्द के प्रति सहनशीलता बढ़ती है। इससे मरीजों की रिकवरी में तेजी आती है और उनकी जीवन गुणवत्ता बेहतर होती है।

बढ़ता है आत्मविश्वास

भोपाल और इसके आसपास के जिलों कई महिलाएं अपने पहले वाली जीवन में लौट गई है। अध्ययन में शामिल मरीजों ने ऑपरेशन के बाद तनाव और भय में स्पष्ट कमी देखी। विशेषज्ञों का कहना है कि योग मानसिक स्थिरता बढ़ाकर मरीजों को भावनात्मक रूप से मजबूत बनाता है। तनाव और चिंता में कमी से रोगियों का आत्मविश्वास भी बढ़ता है।

 एक अन्य अध्ययन में पाया गया कि दर्द निवारक दवा बुप्रेनॉर्फिन के साथ योग करने से मरीज लगभग दो गुना तेजी से ओपिओइड वापसी से उबरते हैं। योग तनाव को कम करता है, नींद सुधारता है और दर्द को घटाता है। योग करने से औसत रिकवरी समय पांच दिन था, जबकि सिर्फ दवा लेने वाले का नौ दिन था।
भविष्य में संभावनाएं

अध्ययन के परिणाम बताते हैं कि ब्रेस्ट कैंसर के मरीजों में योग को नियमित अभ्यास के रूप में शामिल किया जा सकता है। इससे मानसिक तनाव घटेगा, दर्द में कमी आएगी और दवाओं पर निर्भरता कम होगी।

सुरक्षित और प्रभावी उपाय

एम्स भोपाल की योग विशेषज्ञ डॉ. मुद्दा सोफिया बताते हैं कि योग एक सुरक्षित और किफायती उपाय है। यह मन और शरीर, दोनों को मजबूत बनाता है। एक हजार से अधिक महिलाओं पर किए गए अध्ययन में पाया गया कि ब्रेस्ट सर्जरी के बाद जो महिलाएं मानसिक तनाव में थी वे नियमित योग करने बाद मानसिक तनाव से मुक्त हो गई।

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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