राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

भारत का बड़ा दांव: खाड़ी देशों से ‘व्यापारिक दोस्ती’, पाक-सऊदी डील के बीच की रणनीति

नई दिल्ली

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने  एक बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि भारत और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के लिए बातचीत फिर से शुरू होने जा रही है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब भारत ने हाल ही में यूरोपीय संघ (EU) और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के साथ महत्वपूर्ण व्यापारिक समझौते किए हैं।

GCC छह खाड़ी देशों का संगठन है, जिसमें खाड़ी सहयोग परिषद के सदस्य सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, कुवैत, ओमान और बहरीन शामिल हैं। पीयूष गोयल के अनुसार, भारत और इन देशों के बीच व्यापारिक संबंध लगभग 5000 साल पुराने हैं। वर्तमान में, लगभग 1 करोड़ भारतीय इन देशों में रह रहे हैं और वहां की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। इस समझौते का उद्देश्य वस्तुओं और सेवाओं के मुक्त प्रवाह को बढ़ाना, निवेश को प्रोत्साहित करना और नीतियों में स्थिरता लाना है।
पाकिस्तान-सऊदी रक्षा समझौते का एंगल

भारत और GCC के बीच यह बातचीत उस समय फिर से शुरू हो रही है जब क्षेत्र की भू-राजनीति काफी जटिल है। सितंबर 2025 में, सऊदी अरब और पाकिस्तान ने एक 'सामरिक पारस्परिक रक्षा समझौता' (SMDA) पर हस्ताक्षर किए थे। यह रक्षा समझौता भारत और पाकिस्तान के बीच मई 2025 में हुए सैन्य गतिरोध (ऑपरेशन सिंदूर) के कुछ महीनों बाद हुआ था। ज्ञात हो कि अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत ने पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों पर हमला किया था।
UAE और पाकिस्तान के रिश्तों में खटास

एक तरफ जहां पाकिस्तान और सऊदी अरब करीब आ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और पाकिस्तान के रिश्तों में तनाव देखा जा रहा है।

विमानतल सौदा रद्द: UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की भारत यात्रा के कुछ ही समय बाद UAE ने पाकिस्तान के साथ एक बड़ा समझौता रद्द कर दिया। पाकिस्तानी अख़बार एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, UAE ने इस्लामाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रबंधन से जुड़ा सौदा इसलिए स्थगित कर दिया क्योंकि पाकिस्तान किसी स्थानीय साझेदार को नामित नहीं कर सका। सूत्रों के हवाले से बताया गया कि पाकिस्तानी पक्ष ने अंतिम कॉल लेटर भेजकर स्पष्ट जवाब मांगा था, लेकिन UAE ने यह कहते हुए असमर्थता जताई कि वह अब तक किसी नामित इकाई की पुष्टि नहीं कर सका है।

रणनीतिक कारण: पाकिस्तान द्वारा सऊदी अरब के साथ रक्षा समझौता करने के बाद से UAE और पाकिस्तान के बीच दूरियां बढ़ी हैं।

भारत-UAE की बढ़ती नजदीकियां: UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की हालिया दिल्ली यात्रा ने इन संबंधों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है।
भारत-UAE: $200 बिलियन का लक्ष्य

UAE के राष्ट्रपति की संक्षिप्त लेकिन महत्वपूर्ण भारत यात्रा के कुछ ही घंटों बाद, दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर 2032 तक 200 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। खाड़ी देशों में UAE और सऊदी अरब भारत के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार हैं। विश्लेषकों का मानना है कि सऊदी अरब के साथ पाकिस्तान की रणनीतिक साझेदारी और दूसरी ओर UAE के भारत के साथ बढ़ते संबंध इस खाड़ी देश की प्राथमिकताओं में आए बदलाव को दर्शाते हैं।

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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