राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

विधानसभा में मंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं हुईं मैथिली ठाकुर, किया निरुत्तर

 पटना 

बिहार विधानसभा के भीतर एक दिलचस्प और गंभीर बहस देखने को मिली. जानी-मानी गायिका और अलीनगर विधायक मैथिली ठाकुर ने अपने क्षेत्र के अस्पताल की बदहाली का मुद्दा उठाया और सरकार के लिखित जवाब को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि कागजों पर जो 'सब ठीक' बताया जा रहा है, धरातल पर सच्चाई उसके ठीक उलट है.

सदन में विधायक मैथिली ने कहा, ''मंत्री जी के जवाब में लिखा है कि भवन जर्जर नहीं है, बस मरम्मत चाहिए. लेकिन मैं खुद वहां गई हूं, भवन पूरी तरह जर्जर है और एक छोटे से कमरे में पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था सिमटी हुई है."

मैथिली ने बताया कि पहले वहां दो-दो MBBS डॉक्टर थे, लेकिन अब सिर्फ आयुष डॉक्टर के भरोसे अस्पताल चल रहा है. उन्होंने 40 से 50 हजार लोगों की आबादी के लिए कम से कम दो एमबीबीएस डॉक्टरों की मांग की. अस्पताल अलीनगर और घनश्यामपुर जैसे दो प्रमुख प्रखंडों के केंद्र में स्थित है, जिससे हजारों लोग लाभान्वित हो सकते हैं.

'मंत्री जी, मैं जब बहुत छोटी थी तब से आपको देख रही हूं…'

युवा विधायक मैथिली ठाकुर ने अपने संबोधन में राजनीति और मर्यादा का अद्भुत संतुलन पेश किया. उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि वे बचपन से उन्हें स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करते हुए देख रही हैं, इसलिए यह प्रश्न नहीं बल्कि एक 'निवेदन' है कि जनहित में इस अस्पताल का कायाकल्प किया जाए. उनके इस अंदाज ने सदन में मौजूद सभी लोगों का ध्यान खींचा.

बिहार के मधुबनी जिले में जन्मी मैथिली ठाकुर अपने दो भाइयों के साथ लोक, हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत, हारमोनियम और तबला में प्रशिक्षित हैं. वह मैथिली, भोजपुरी और हिंदी में बिहार के पारंपरिक लोकगीतों का गायन करती हैं. मालूम हो कि इस गायिका ने बीते साल ही  बीजेपी के टिकट पर दरभंगा की अलीनगर सीट से चुनाव जीता था. 

 

 

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button