राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

आधी रात संकट में किसे फोन करेंगे पीएम मोदी? पुष्कर सिंह धामी का जवाब चर्चा में

देहरादून
देहरादून के होटल फेयरफील्ड मैरियट में आयोजित 'हिन्दुस्तान उत्तराखंड समागम-2026' के मंच पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने चिर-परिचित 'धाकड़' अंदाज में नजर आए। राजनीतिक सवालों से लेकर व्यक्तिगत पसंद तक, सीएम धामी ने सवालों का बेबाकी से जवाब दिया। सीएम ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड के विकास के लिए कड़े फैसले लेने से वह पीछे नहीं हटेंगे। एंकर ने धामी से मजेदार सवाल पूछा कि अगर रात की दो बजे वो मुसीबत में पड़ जाए तो पीएम मोदी या अमित शाह में से किसे कॉल करेंगे…? सीएम धामी ने कहा कि मुझे जवाब चुनने में कोई परेशानी नहीं होगी।

रात 2 बजे मुसीबत आई तो किसे करेंगे कॉल?
सीधी बात में जब एंकर ने एक मजेदार लेकिन पेचीदा सवाल पूछा कि "अगर आप रात के 2 बजे किसी बड़ी मुसीबत में फंस जाएं, तो मदद के लिए पीएम नरेंद्र मोदी को फोन करेंगे या गृह मंत्री अमित शाह को?" इस पर सीएम धामी ने मुस्कुराते हुए कहा, “हमारी पार्टी का वर्क कल्चर बहुत स्पष्ट और शानदार है। मुझे जवाब चुनने में कोई दुविधा नहीं है। जैसी परिस्थिति होगी, वैसा निर्णय लूंगा। मैं दोनों ही नेताओं को कॉल कर सकता हूं और कई बार मार्गदर्शन लिया भी है।”

हेट स्पीच की रिपोर्ट पर करारा जवाब
हाल ही में एक अमेरिकी रिपोर्ट में हेट स्पीच के मामले में उन्हें शीर्ष पर रखने के सवाल पर सीएम ने कड़ा पलटवार किया। धामी ने कहा, "मेरे प्रदेश की जनता जानती है कि मैं किसी से नफरत नहीं करता। लेकिन अगर UCC लागू करना, 'लैंड जिहाद' के खिलाफ एक्शन लेना, मुस्लिम महिलाओं का उत्पीड़न रोकना और बहन-बेटियों का जीवन बचाने के लिए कड़े कानून बनाना हेट स्पीच है, तो मैं ऐसा करता रहूंगा।"

रैपिड फायर राउंड
उनसे रैपिड राउंड में भी सवाल दागे गए। मदरसा- आधुनिक शिक्षा में बदलना चाहते हैं। जोशीमठ- वहां सामरिक महत्व है। पुनर्वास ठीक करना चाहते हैं। यूसीसी- एक समान कानून। केदारनाथ- भोलेनाथ का स्थान। हरीश रावत- हरीश रावत जी अनुभवी नेता हैं। उनका ज्यादातर जीवन देश की सेवा में लगा हैं। 5 जुलाई 2025 को अपने खेत में गया था। रात को खटीमा में अपने गांव में गया था। मैंने पूछा कि सारी रुपाई हो गई। मैंने सुबह रुपाई लगाई। हरीश रावत जी ने कहा कि राहुल गांधी ने कहीं खेत में कुछ किया था, मैं भी गया था तो उन्होंने कहा कि मैंने उनकी नकल की। मैंने कहा कि राहुल गांधी ऐसा काम नहीं करते कि उनके जैसा किया जाए। मैं अपने खेत में गया था। रुपाई लगाई है। मैं हरीश रावत जी को चावल खाने बुलाऊंगा। संयोग से ऐसा मौका नहीं आया। तब नवंबर के महीने में मैं फिर गांव गया। मैंने 10-10 किलो के 20 कट्टे देहरादून ला गया। फिर मैंने हरीश रावत को एक कट्टा घर दे गया।

राहुल गांधी के लिए एक शब्द- उनको कोई गंभीरता से नहीं लेता। वर्तमान में कई प्रकरण आ गए हैं। सर्जिकल स्ट्राइक, गलवान घाटी की घटना, ऑपरेशन सिंदूर और अब एआई समिट में… दुनिया की इतनी बड़ी समिट हो रही है और वो देश को शर्मसार कर रहे हैं। वो इस स्तर पर उतारू हो गए हैं कि उन्हें सिर्फ विरोध करना है। ठीक है कि नेता प्रतिपक्ष को विरोध करना होता है। लेकिन एक काम तो ऐसा होना चाहिए कि किसी में तारीफ करें।

मोदी का सबका साथ-सबका विकास या योगी का बुलडोजर
सिर्फ एक मॉडल चुनना हो तो किसी को चुनेंगे। मोदी का सबका साथ सबका विकास या योगी जी का बुलडोजर मॉडल। जवाब में धामी ने कहा कि हर राज्य की अपनी समस्या और चुनौती होती हैं। सभी के मॉडल अपने राज्य के अनुरुप होते हैं। देश में और राज्य में इस वक्त एक ही मॉडल सबका साथ सबका विकास ही सबसे सर्वोत्तम है।

विपक्ष में कौन सा नेता पसंद
विपक्ष का एक नेता भाजपा में लाना हो और भाजपा का एक नेता विपक्ष में भेजना हो… जवाब में धामी ने कहा कि व्यक्ति हमेशा नहीं रहता है, संगठन रहेगा। जो भी हमारी विचारधारा को समर्थन करेगा, उसे शामिल करेंगे।

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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