राजनीति

राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने जारी की उम्मीदवारों की सूची, सिंघवी-रेड्डी समेत 6 नामों का ऐलान

चेन्नई/नई दिल्ली
देश के 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के नामांकन का आज यानि गुरुवार को अंतिम दिन है. कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है. कांग्रेस ने तेलंगाना, तमिलनाडु, हरियाणा, हिमाचल और छत्तीसगढ़ की राज्यसभा सीट के लिए अपने पत्ते खोल दिए हैं. कांग्रेस ने राज्यसभा के लिए 6 उम्मीदवार घोषित कए हैं

कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी को तेलंगाना से दुबारा राज्यसभा भेजने का फैसला किया है. तेलंगाना से कांग्रेस ने सिंघवी के अलावा वेम नरेंद्र रेड्डी को राज्यसभा भेजने का फैसला किया है. सिंघवी को जहां गांधी परिवार का करीबी माना जाता है तो वेम रेड्डी तेलंगाना सीएम रेवंत रेड्डा के भरोसेमंद माने जाते हैं. पूर्व विधायक रेड्डी तेलंगाना कांग्रेस के उपाध्यक्ष भी हैं  

कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ से आदिवासी समुदाय से आने वाली फूलो देवी को दोबारा से राज्यसभा भेजने का निर्णय किया है. इसके अलावा कांग्रेस ने हरियाणा से करमवीर बौद्ध को राज्यसभा का टिकट दिया है, जो दलित समाज से आते हैं. हिमाचल प्रदेश से कांग्रेस ने अनुराग शर्मा को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है तो तमिलनाडु से पार्टी ने एम क्रिस्टोफर तिलक को राज्यसभा का प्रत्याशी बनाया है 

हरियाणा में कर्मवीर बौद्ध के नाम पर लगी मुहर
कांग्रेस के राज्यसभा उम्मीदवारों में सबसे चौंकाने वाला नाम है कर्मवीर सिंह बौद्ध का है, जिन्हें हरियाणा से राज्यसभा भेजा जा रहा है. दलित समाज से आने वाले कर्मवीर लो प्रोफाइल नेता हैं. अंबाला के रहने वाले कर्मवीर 2024 के हरियाणा विधानसभा चुनाव में मुलाना से टिकट के दावेदार रहे हैं, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिल पाया. अब कांग्रेस ने उन्हें संसद के उच्च सदन भेजने का फैसला किया है 

कर्मवीर बौद्ध हरियाणा सिविल सचिवालय से करीब 5 साल पहले सुपरिंटेंडेंट के पद से सेवानिवृत्त हुए थे. इनकी पत्नी लेबर डिपार्टमेंट में असिस्टेंट है. हरियाणा में दलित सामाज को संदेश देने के लिए कांग्रेस ने उनपर दांव लगाया है 

तेलंगाना से सिंघवी और रेड्डी को मिला मौका
तेलंगाना की दो राज्यसभा सीटों के लिए कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान किया है, जिसमें एक नाम अभिषेक मनु सिंघवी का है तो दूसरा नाम पूर्व विधायक वेम नरेंद्र रेड्डी का है. सिंघवी का नाम पहले ही तय माना जा रहा था, क्योंकि उन्हें गांधी परिवार का करीबी माना जाता है. हिमाचल से चुनाव हारने के बाद कांग्रेस नेतृत्व ने उन्हें तेलंगाना से राज्यसभा भेजा था, जिसके लिए रेवंत रेड्डी ने बीआरएस के मौजूदा राज्यसभा सांसद की सीट खाली कराई थी

छत्तीसगढ़ से फिर जाएंगी फूलो देवी राज्यसभा
वहीं, कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में एक बार फिर से फूलो देवी नेतम को राज्यसभा भेजने का निर्णय लिया है. कांग्रेस आसानी से एक सीट जीत लेगी. फूलो देवी को दोबारा से राज्यसभा भेजने के पीछे पहला उनका अदिवासी समुदाय से होना और दूसरा पार्टी किसी भी तरह से कोई गुटबाजी नहीं चाहती है. इसीलिए किसी नए चेहरे पर भरोसा नहीं जताया है.  हालांकि, कांग्रेस ने शुरू में उनके विकल्प पर पार्टी ने विचार कर रही थी, लेकिन नेताओं की गुटबाजी से पिंड छुड़ाने के लिए फूलो देवी नेताम को ही फिर से राज्यसभा भेजने का फैसला लिया गया. 

कांग्रेस ने राज्यसभा से साधा जातीय समीकरण
कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए बहुत ही सोची-समझी रणनीति के तहत उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया है. कांग्रेस ने जिन पांच नेताओं को राज्यसभा भेजने का फैसला किया है, उसमें पंजाबी ब्राह्मण समुदाय से आने वाले अभिषेक मनु सिंघवी हैं तो दूसरे तेलंगाना की सबसे प्रभावी जाति रेड्डी समुदाय के वेम नरेंद्र रेड्डी हैं 

कांग्रेस ने हरियाणा में दलित समुदाय से आने वाले कर्मवीर सिंह बौद्ध को प्रत्याशी बनाया है तो छत्तीसगढ़ में आदिवासी समुदाय से आने वाली फूलो देवी को दोबारा राज्यसभा भेजा है. कांग्रेस ने हरियाणा में दलित समुदाय को साधे रखने की चुनौती थी, जिसके चलते ही कर्मवीर बौद्ध पर भरोसा जताया है. ऐसे ही हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस ने ब्राह्मण समाज से आने वाले अनुराग शर्मा को प्रत्याशी बनाया है जबकि सीएम ठाकुर समुदाय से हैं. इस तरह कांग्रेस ने ब्राह्मण और ठाकुर केमिस्ट्री बनाने की कवायद की है

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button