राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

सामाजिक न्याय की योजनाओं में मैदानी अमले के अनुभव को शामिल किया जाएगा : मंत्री कुशवाह

सामाजिक न्याय की योजनाओं में मैदानी अमले के अनुभव को शामिल किया जाएगा : मंत्री कुशवाह

16 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा चिंतन शिविर
वृद्धजनों को प्रदेश में धार्मिक स्थलों का भ्रमण करायेगा सामाजिक न्याय विभाग
समाज कल्याण संस्थानों के आकस्मिक निरिक्षण के निर्देश

भोपाल 

सामजिक न्याय दिव्यांगजन कल्याण विभाग मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा है कि समाज कल्याण के क्षेत्र में संचालित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कैसे किया जाए। इसमें मैदानी अमले के अनुभव को सुझावों के रूप सम्मिलित करने के लिए 16 अप्रैल को चिंतन शिविर का आयोजन भोपाल में किया जायेगा। सामाजिक न्याय विभाग, वृद्धजन को प्रदेश के धार्मिक स्थलों की यात्रा कराएगा। इसका तिथिवार कार्यक्रम बनाया जाए। यह निर्देश मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में दिए। मंत्री कुशवाहा ने प्रदेश में वृद्धजन, दिव्यांगजन, नशा मुक्ति के क्षेत्र में संचालित संस्थाओं की कार्यप्रणाली की जांच तथा विभागीय गतिविधियों में कसावट लाने के लिए संभाग स्तर पर बैठक आयोजित करने के निर्देश भी दिये।

मंत्री कुशवाह ने कहा कि विभाग द्वारा संचालित वृद्ध आश्रम, नशा मुक्ति केंद्र, डीआरसीसी केंद्र के आकस्मिक निरीक्षण के किया जाए इसके लिए भोपाल स्तर से विशेष टीम गठित की जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के संकल्प पत्र के अनुसार नवीन राज्य दिव्यांगजन नीति, वृद्धजन कल्याण नीति और राज्य ट्रांसजेंडर कल्याण नीति तैयार की जाए। यह नीतियाँ इसी वित्तिय वर्ष में प्रदेश में लागू की जाएगी। उन्होंने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के हितग्राहियों के शत-प्रतिशत ई-केवाईसी कराए जाने पर विभाग के अधिकारियों को बधाई दी। मंत्री कुशवाह ने कहा कि समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाएं समाज के कमजोर वर्ग के लिए संचालित की जाती हैं इन योजनाओं के प्रभावित क्रियान्वयन मानवीय संवेदनाएं और सामाजिक दायित्व का भाव रखकर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों की तर्ज पर वृद्धजन के लिए जिला स्तर पर भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होना चाहिए। उन्होंने नशामुक्ति के लिये विभागीय कला पथक दल सक्रियाता बढ़ाने के निर्देश भी दिये।

प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण श्रीमती सोनाली पाक्षे वायंगणकर ने बताया कि भारत सरकार द्वारा केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं में अब केन्द्र और राज्य की भागीदारी60:40 के अनुपात में रखने का निर्णय लिया गया है। वर्तमान प्रदेश में 55 लाख 23 हजार हितग्राहियों को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं में 331 करोड़ 38 लाख रूपये की राशि प्रति माह वितरित की जा रही है। मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह और निकाह योजना के अंतर्गत 2025-26 में लगभग 60 हजार शादियाँ कराई गई है। नये निर्देश के तहत 2026-27 में 44 हजार से अधिक शादियों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। विभाग द्वारा दिव्यांगजन विवाह प्रोत्साहन योजना के 975 हितग्राहियों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। बैठक में उप सचिव श्रीमती अंकिता धाकरे सहित विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

 

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button