स्वास्थ्यगत चुनौतियों का समाधानकारक पहल है, इंडियन फार्माकोपिया 2026 -आई.पी. मिश्रा
श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में,इंडियन फार्माकोपिया 2026 विमोचित

भिलाई-स्थानीय श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के फार्मेसी संकाय ने “इंडियन फार्माकोपिया 2026” के प्रकाशन की महत्वपूर्ण पहल करते हुए इसका विमोचन कुलाधिपति आई.पी.मिश्रा के द्वारा सम्पन्न हुआ।यह किताब गुणवत्ता का मानक दस्तावेज है जिसे जनवरी में केन्द्रिय स्वास्थ मंत्रालय ने दिशा निर्देश एवं मानक गाइडलाईन के रूप में जारी किया है।
विश्वविद्यालय ने इसका पुस्तक के रूप में प्रकाशन कर फार्मेसी के तमाम विधार्थियों के लिए दवाओं की शुद्धता, निर्माण, प्रभावी उपयोग और परीक्षण विधि का संकलित दस्तावेज उपलब्ध कराया है।फार्मेसी संकाय की वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. स्वार्णाली दास पाल ने जानकारी देते हुए बताया कि इंडियन फार्मा कोपिया 2026 के माध्यम से विद्यार्थी दवाओं की गुणवता की परख सीख सकेंगे। वे नियमों, मानको, परीक्षण विधि और
औषधि के प्रभाव पर एक उच्चस्तरीय ज्ञान प्राप्त कर सकेंगे। उन्होने बताया कि विश्व विद्यालय में इसके समावेश से उद्योग उन्मूख फार्मेसी शिक्षा को बढावा मिलेगा वही हम विद्यार्थियों को करियर निर्माण की दिशा में आत्मनिर्भर भी बना सकेंगे।कुलाधिपति आई.पी. मिश्रा ने कहा कि इसे शिक्षा प्रणाली में शामिल करना आज के समय की महती आवश्यकता है।छात्र विश्वस्तरीय स्वास्थ्यगत चुनौतियों का सामना करने में सक्षम होगे वहीं समाधान भी निकाल सकेंगे।
विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ स्मिता सेलट ने कहा कि यह पहल विश्वविद्यालय की उस दूरदर्शी सोच को दर्शाती है,जिसके अंतर्गत शैक्षणिक गुणवत्ता, व्यावसायिक कौशल विकास, नैतिक मूल्यों एवं समग्र व्यक्तित्व निर्माण पर विशेष बल दिया जाता है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति का भी यही प्रमुख उद्देश्य है कि गुणवत्तापूर्ण, कौशल युक्त शिक्षा विद्यार्थियों को उपलब्ध हो।
फार्मेसी में बढ़ते अनुसंधान कार्यों के लिए यह किताब मील का पत्थर साबित होगी। एक ओर जहां नवाचार को बढावा मिलेगा वहीं स्तरीय मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सकेगा। विश्वस्तरीय शोध कार्य के लिए शीर्ष वैज्ञानिकों की सूची में शामिल विश्वविद्यालय के प्रोफेसर हेमंत बडवाइक ने कहा कि औषधि निर्माण में आधुनिक विश्लेषणात्मक तकनीकों एवं नियामक दिशा निर्देशों की गहन समझ आवश्यक है। विद्यार्थियों में उनकी व्यावहारिक दक्षता अनुसंधान क्षमता और उद्योग में करियर की तैयारी को इससे सुदृढ़ आधार मिलेगा।इस अवसर पर कुलपति डा. संदीप श्रीवास्तव, डायरेक्टर विकास डा. सुशील चंद्र तिवारी, डॉ वैभव तिवारी, डा. देवेन्द्र कुमार साहू, डॉ आलोक सिंह ठाकुर, डा. आशिष पांडे सहित प्राध्यापगण उपस्थित थे।




