राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

चुनावी मंच पर सायोनी घोष का अलग अंदाज़, संस्कृत मंत्र से लेकर कलमा तक का जिक्र

भवानीपुर

सायोनी घोष ने भवानीपुर को मिनी इंडिया करार देते हुए कहा कि यहां देश की विविधता दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में अलग-अलग धर्मों, भाषाओं और संस्कृतियों के लोग एक साथ मिलकर रहते हैं और यही भारत ताकत है।

तृणमूल कांग्रेस की सांसद सायोनी घोष का भाषण सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह भाषण पश्चिम बंगाल के भवानीपुर में आयोजित चुनावी रैली के दौरान दिया गया था, जहां उन्होंने विभिन्न धर्मों की प्रार्थनाओं और मंत्रों का उल्लेख करते हुए एकता व भाईचारे का संदेश दिया। उन्होंने इस वीडियो को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया, जिसके बाद यह चर्चा में आ गया। राजनीतिक हलकों से लेकर आम जनता तक, हर जगह इस भाषण को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और इसे लेकर बहस तेज हो गई है।

सायोनी घोष ने भवानीपुर को मिनी इंडिया करार देते हुए कहा कि यहां देश की विविधता साफ तौर पर दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में अलग-अलग धर्मों, भाषाओं और संस्कृतियों के लोग एक साथ मिलकर रहते हैं और यही भारत की असली ताकत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत की पहचान उसकी विविधता में छिपी है और इसे बनाए रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उनके इस बयान को समर्थकों ने सराहा और इसे सामाजिक सौहार्द का प्रतीक बताया।

कई धर्मों से जुड़े मंत्रों और प्रार्थनाओं का जिक्र

भाषण के दौरान सायोनी घोष ने कई धर्मों से जुड़े मंत्रों और प्रार्थनाओं का जिक्र किया। उन्होंने संस्कृत का प्रसिद्ध मंत्र 'या देवी सर्वभूतेषु' पढ़ा, इस्लाम का कलमा 'ला इलाहा इल्लल्लाह' दोहराया, सिख धर्म का 'इक ओंकार' गाया और हनुमान चालीसा की पंक्तियां भी सुनाईं। इस तरह उन्होंने विभिन्न धार्मिक परंपराओं को एक मंच पर जोड़ने की कोशिश की। रैली में मौजूद लोगों ने भी उनके इस प्रयास का समर्थन किया और जोरदार तालियों के साथ उनका उत्साह बढ़ाया।

इस मौके पर सायोनी घोष ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह समाज को धर्म के आधार पर बांटने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि जहां लोग सदियों से मिल-जुलकर रहते आए हैं, वहां विभाजन की राजनीति करना देशहित में नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि 'हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई – हम सब एक हैं' और इसी भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है, जहां विपक्षी दलों ने इसे चुनावी रणनीति करार दिया है।

 

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button