सम्राट चौधरी, जीतन राम मांझी और चिराग पासवान का राहुल गांधी पर हमला

पटना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की एक टिप्पणी के बाद से सियासी उबाल मचा हुआ है। सत्ता पक्ष के कई नेताओं ने राहुल गांधी की टिप्पणी की आलोचना की है और इसे देश विरोधी तक बता दिया है। अब बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी राहुल गांधी के इस बयान पर भड़के हुए हैं और उन्होंने भी इसपर अपनी प्रतिक्रिया दी है। सम्राट चौधरी ने कहा है कि राहुल गांधी ने ऐसी टिप्पणी कर 140 करोड़ देशवासियों का अपमान किया है और उन्हें इसके लिए माफी मांगनी चााहिए। सीएम सम्राट चौधरी ने एक्स पर यह भी लिखा कि राहुल गांधी जी का बयान बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण और उनकी अराजकतावादी सोच को दर्शाने वाला है।
सम्राट चौधरी ने एक्स पर लिखा, 'देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति राहुल गांधी जी का बयान बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण और उनकी अराजकतावादी सोच को दर्शाने वाला है। लगातार चुनावी हार और निराशा अब उनके शब्दों और व्यवहार में साफ दिखाई देने लगी है। गांधी परिवार के आरंभ से अंत तक अपने शासनकाल में सिर्फ और सिर्फ भ्रष्टाचार किया, राष्ट्रीय सुरक्षा को ताक पर रखा, लेकिन ये रंग बदलने वाले देशहित और लोकतंत्र की बात किस मुंह से करते हैं।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश की सीमाएं सुरक्षित हुई हैं, आतंकवाद पर लगाम लगी है, लोकतंत्र सशक्त हुआ और भारत का सम्मान विश्वभर में बढ़ा है। राहुल गांधी जी ने केवल प्रधानमंत्री का नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों की भावनाओं का अपमान किया है। इस बेतुके बयान के लिए सार्वजनिक रूप से उन्हें माफी मांगनी चाहिए। अत्यंत निंदनीय!'
जीतन राम मांझी क्या बोले
इधर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने भी राहुल गांधी के बयान पर आपत्ति जताई है। जीतन राम मांझी ने एक्स पर लिखा, 'राहुल गांधी, हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ‘खुद्दार’ हैं। 5 में से 4 राज्यों के चुनाव में बुरी तरह से हारने का ये मतलब नहीं कि आप अनाप शनाप भाषा का इस्तेमाल करेंगे। राहुल गांधी जी आपकी भाषा और बचकानी हरकत का नतीजा है कि कांग्रेस देश से विलुप्त हो रही है। जो खुद ना घर के ना घाट के हैं। उनसे ऐसी ही अमर्यादित भाषा की उम्मीद कर सकते है। लोकतंत्र में इस तरह की भाषा का मैं कड़ी निंदा करता हूँ।
चिराग पासवान ने की निंदा
एलजेपी (आऱ) सुप्रीमो और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी राहुल गांधी के बयान की निंदा की है। चिराग पासवान ने एक्स पर लिखा, 'कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के लिए इस प्रकार की अभद्र टिप्पणी करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विरुद्ध है। हमारे प्रधानमंत्री देश की 140 करोड़ आबादी का प्रतिनिधित्व कर रहें है , ऐसे में जब ऐसी भाषाएं नेतृत्वकर्ता के लिए कही जाती है तो उसका प्रभाव देश की आबादी पर भी पड़ता जो कतई उचित नहीं है। राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन सार्वजनिक जीवन में भाषा की गरिमा और संवैधानिक पदों के प्रति सम्मान बनाए रखना प्रत्येक जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है। मैं और मेरी पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) इस बयान की कड़ी निंदा करती है।'
राहुल गांधी ने क्या कहा था
आपको बता दें कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और आरएसएस को '' गद्दार'' करार देते हुए आरोप लगाया था कि वे रोजाना संविधान पर हमला कर रहे हैं और चुनिंदा उद्योगपतियों को देश के हित बेच चुके हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ये गंभीर आरोप अपने निर्वाचन क्षेत्र रायबरेली के दौरे के दौरान दिन लगाए थे। राहुल गांधी ने रायबरेली में क्रांतिकारी वीरा पासी की स्मृति में आयोजित 'बहुजन स्वाभिमान सभा' को संबोधित करते हुए संविधान को डॉ. बीआर आंबेडकर व महात्मा गांधी की ''आवाज का प्रतिनिधित्व'' करने वाला दस्तावेज बताया था और इसकी रक्षा करने का आह्वान किया था। उन्होंने लोगों से आह्वान करते हुए कहा, '' आपको खड़े होकर लड़ना होगा।
जब आरएसएस कार्यकर्ता आपके घरों में आकर नरेन्द्र मोदी और अमित शाह के बारे में बात करें, तो आपको उन्हें बताना होगा कि उनके प्रधानमंत्री, उनके गृह मंत्री और उनका संगठन 'गद्दार' हैं। उन्होंने हमारे हिंदुस्तान को बेच दिया है और हमारे संविधान, आंबेडकर जी और महात्मा गांधी पर हमला किया है। राहुल गांधी ने बाद में अमेठी में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रायबरेली में दिए गए अपने बयान का जिक्र करते हुए कहा था मैंने कहा था कि मोदी और अमित शाह गद्दार हैं। अगर कोई हमारे संविधान को कमजोर और नष्ट करता है, तो उसे गद्दार के अलावा और क्या कहा जाना चाहिए?'' उन्होंने आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा, ''वे मुझसे माफी मांगने को कहते हैं। मैं कभी माफी नहीं मांगूंगा। मैं उनसे डरता नहीं हूं।''




