खेल जगत

हाइड्रेशन ब्रेक या खेल में रुकावट? FIFA वर्ल्ड कप 2026 के नए नियम पर छिड़ी बहस, फीका पड़ रहा रोमांच!

 अटलांटा

FIFA वर्ल्ड कप 2026 में पहली बार लागू किए गए अनिवार्य हाइड्रेशन ब्रेक्स को लेकर नई बहस छिड़ गई है. खिलाड़ियों को अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको की गर्मी से राहत देने के उद्देश्य से शुरू की गई यह व्यवस्था अब खेल की लय और रोमांच को प्रभावित करने के आरोपों का सामना कर रही है. आलोचकों का कहना है कि इन ब्रेक्स ने मैचों का प्राकृतिक प्रवाह तोड़ा है और कोचों को रणनीति बदलने का अतिरिक्त मौका दे दिया है। 

इस बहस की सबसे बड़ी मिसाल जर्मनी और कुरासाओ के बीच खेले गए मुकाबले में देखने को मिली. वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई करने वाला सबसे छोटी आबादी वाला देश कुरासाओ चार बार के चैम्प‍ियन जर्मनी के खिलाफ 1-1 की बराबरी पर था. लिवानो कोमेनेंसिया के गोल के बाद कुरासाओ के खिलाड़ी और फैन्स उत्साह से भरे हुए थे और बड़ा उलटफेर संभव नजर आ रहा था। 

हालांकि इसके तुरंत बाद हाइड्रेशन ब्रेक हो गया. खेल दोबारा शुरू होने के बाद कुरासाओ अपनी लय कायम नहीं रख सका. जर्मनी ने हाफ टाइम से पहले दो गोल दाग दिए और आखिरकार मुकाबला 7-1 से जीत लिया। 

इंग्लैंड के पूर्व स्ट्राइकर एलन शियरर ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें कुरासाओ के लिए बुरा लगा. उनके अनुसार टीम ने गोल कर मोमेंटम हासिल किया था, लेकिन कुछ ही सेकंड बाद खेल रुक गया और उसी के साथ उनकी लय भी टूट गई। 

पूर्व आयरलैंड कप्तान रॉय कीन ने भी FIFA के फैसले पर सवाल उठाए. उनका मानना है कि फुटबॉल की सबसे बड़ी खूबसूरती उसकी लगातार चलने वाली गति है, लेकिन ये ब्रेक मैच की रफ्तार और रोमांच दोनों को प्रभावित कर रहे हैं. उन्होंने इसे अमेरिकी खेलों में दिखने वाले टाइमआउट जैसा बताया। 

कोचों के लिए बन गया रणनीतिक हथियार
हाइड्रेशन ब्रेक का उद्देश्य खिलाड़ियों को पानी पिलाना था, लेकिन कोच इस समय का इस्तेमाल रणनीतिक चर्चा के लिए भी कर रहे हैं. नीदरलैंड्स के कोच रोनाल्ड कोमैन ने खुलकर स्वीकार किया कि ब्रेक के दौरान खिलाड़ियों को सुधार, रणनीति और मैच की स्थिति के बारे में निर्देश दिए जा सकते हैं और उनकी टीम भी इसका फायदा उठा रही है। 

शुरुआती 16 मैचों में से 8 मुकाबलों में हाइड्रेशन ब्रेक के 10 मिनट के भीतर गोल देखने को मिले. इससे यह धारणा और मजबूत हुई है कि इन ब्रेक्स का सीधा असर मैच के रुख पर पड़ रहा है। 

ब्राजील और मोरक्को के मैच में भी ऐसा ही देखने को मिला. मोरक्को ने शुरुआत से दबदबा बनाया और पहले हाइड्रेशन ब्रेक से ठीक पहले बढ़त हासिल कर ली. लेकिन खेल दोबारा शुरू होने के 10 मिनट से भी कम समय बाद विनीसियस जूनियर ने ब्राजील के लिए बराबरी का गोल दाग दिया। 

कनाडा, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, स्कॉटलैंड, स्वीडन और ईरान जैसी टीमों ने भी ब्रेक के बाद गोल कर फायदा उठाया. कई मैचों के मोमेंटम मैप्स में भी यह साफ दिखाई दिया कि खेल रुकने के बाद मुकाबलों की दिशा बदल गई। 

स्टेड‍ियम में बैठे फैन्स भी नाखुश 
इन ब्रेक्स का असर केवल खिलाड़ियों तक सीमित नहीं है. स्टेडियम में मौजूद दर्शक भी इससे नाराज नजर आए हैं. मैसाचुसेट्स के फॉक्सबोरो में इराक और नॉर्वे के मुकाबले के दौरान पहले हाइड्रेशन ब्रेक पर दर्शकों ने हूटिंग तक की। 

FIFA के नियमों के मुताबिक रेफरी हर हाफ के 22वें मिनट में खेल रोकते हैं और खिलाड़ियों को लगभग तीन मिनट का समय दिया जाता है. खास बात यह है कि यह नियम मौसम, तापमान या स्टेडियम की स्थिति से अलग सभी मैचों में लागू किया जा रहा है। 
सोमवार को अटलांटा में स्पेन और केप वर्डे के बीच मैच एयर-कंडीशंड और छत वाले स्टेडियम में खेला गया, फिर भी हाइड्रेशन ब्रेक लागू किया गया. FIFA का कहना है कि सभी टीमों और मैचों के लिए समान परिस्थितियां सुनिश्चित करने के लिए ऐसा किया जा रहा है। 

स्पेन के कोच लुइस डे ला फुएंते ने माना कि अत्यधिक गर्मी में यह फैसला समझ में आता है, लेकिन हर मैच में इसकी आवश्यकता पर उन्होंने सवाल उठाए. वहीं नॉर्वे के कोच स्टाले सोलबाकेन का भी मानना है कि 35 डिग्री सेल्सियस जैसी भीषण गर्मी में यह व्यवस्था सही है, लेकिन सामान्य परिस्थितियों में इसकी जरूरत नहीं है। 

टीवी ब्रॉडकास्ट भी विवाद की वजह
हाइड्रेशन ब्रेक्स को लेकर एक और बड़ी आलोचना प्रसारण से जुड़ी है. अमेरिका में ब्रॉडकास्टर फॉक्स इन ब्रेक्स के दौरान सीधे विज्ञापनों पर चला जाता है. दूसरी तरफ स्पेनिश भाषा के चैनल टेलीमुंडो ऐसा नहीं करता। 

फुटबॉल में पारंपरिक रूप से हाफ टाइम के अलावा विज्ञापन ब्रेक देखने को नहीं मिलते. ऐसे में कई लोगों का मानना है कि ये रुकावटें दर्शकों के अनुभव को प्रभावित कर रही हैं। 

नीदरलैंड्स के कप्तान वर्जिल वैन डाइक ने कहा कि लगातार विज्ञापनों पर जाना उन्हें पसंद नहीं है और तटस्थ दर्शकों के लिए भी यह अनुभव बेहतर नहीं माना जा सकता। 

हालांकि फ्रांस के कोच डिडिएर डेशां का मानना है कि फुटबॉल बदल रहा है और अब मुकाबले दो हाफ की बजाय चार हिस्सों में बंटे हुए नजर आते हैं. उनके अनुसार खिलाड़ियों और कोचों को इस नई वास्तविकता के साथ तालमेल बैठाना होगा। 

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि FIFA भविष्य के सभी वर्ल्ड कप में इस व्यवस्था को जारी रखेगा या नहीं. हालांकि इंग्लैंड फुटबॉल एसोसिएशन ने संकेत दिए हैं कि 2028 में ब्रिटेन और आयरलैंड में होने वाली यूरोपीय चैम्प‍ियनशिप में ऐसे हाइड्रेशन ब्रेक लागू होने की संभावना बेहद कम है। 

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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