राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

योगी सरकार में बिजली व्यवस्था बनी भरोसे की पहचान, जून में 98.62% शिकायतों का निस्तारण

लखनऊ

 उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में बिजली व्यवस्था लगातार अधिक भरोसेमंद और उपभोक्ता केंद्रित बनी हुई है। योगी सरकार का लक्ष्य केवल प्रदेशवासियों को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना भी है। इसी का परिणाम है कि उ.प्र. पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) ने जून में दर्ज बिजली संबंधी शिकायतों में 98.62 प्रतिशत का सफल निस्तारण कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। इस तरह योगी सरकार की प्रभावी मॉनिटरिंग और जवाबदेह कार्यशैली के चलते प्रदेश की बिजली व्यवस्था लगातार मजबूत हुई है, जिससे आम उपभोक्ताओं का भरोसा भी बढ़ा है।

बिजली आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों का शत-प्रतिशत निस्तारण

सबसे उल्लेखनीय तथ्य यह रहा कि जून में बिजली आपूर्ति से संबंधित शिकायतों का शत-प्रतिशत निस्तारण किया गया है। यह उपलब्धि इस बात का संकेत है कि यूपीपीसीएल ने उपभोक्ताओं की सबसे महत्वपूर्ण समस्या बिजली आपूर्ति में बाधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। गर्मी के मौसम में रिकॉर्ड बिजली मांग के बावजूद शिकायतों का इतनी तेजी से समाधान विभाग की सक्रिय कार्यशैली को दर्शाता है। आंकड़ों के अनुसार, जून महीने में प्रदेश भर से 17 लाख 47 हजार से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई थी, जिसमें से 17 लाख 23 हजार से अधिक शिकायतों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया। शिकायतों के समाधान की यह दर 98.62 प्रतिशत रही, जो उपभोक्ता सेवा के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय उपलब्धि मानी जा रही है। 

एमवीवीएनएल में 6.39 लाख से अधिक शिकायतों का निस्तारण

सभी डिस्कॉम पर जून में प्राप्त शिकायतों और उनके निस्तारण के आंकड़ों पर नजर डाले तो दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डीवीवीएनएल) में 3.03 लाख से अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 2.99 लाख से अधिक शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया था। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (एमवीवीएनएल) में 6.45 लाख से अधिक शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 6.39 लाख से अधिक का समाधान किया गया। 

केस्को में 1.15 लाख शिकायतों का समय रहते हुआ समाधान

इसी तरह पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीयूवीवीएनएल) में आई 2.83 लाख शिकायतों में से 2.77 लाख से अधिक शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया। जबकि पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) में 3.94 लाख से अधिक शिकायतें आईं जिनमें से 3.89 लाख से अधिक शिकायतों का समाधान कर दिया गया। वहीं कानपुर इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कंपनी (केस्को) में 1.19 लाख से अधिक शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 1.15 लाख से अधिक शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण किया गया।

बिजली व्यवस्था की 24 घंटे निगरानी कर रहीं यूपीपीसीएल की टीमें

प्रदेश में बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) की टीमें चौबीसों घंटे बिजली व्यवस्था की निगरानी कर रही हैं। बिजली की मांग का लगातार विश्लेषण किया जा रहा है ताकि किसी भी परिस्थिति में उपभोक्ताओं को असुविधा का सामना न करना पड़े। दिन के साथ-साथ रात्रिकालीन समय में भी बिजलीकर्मी फील्ड में रहकर आवश्यक तकनीकी कार्यों को अंजाम दे रहे हैं। संभावित खराबियों की पहले ही पहचान कर उन्हें दूर किया जा रहा है, जिससे बड़े स्तर पर बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की संभावना कम हो रही है। 

सभी जिलों में अधिकारी लगातार कर रहे निरीक्षण

प्रदेश के सभी जिलों में विभागीय अधिकारी और कर्मचारी नियमित रूप से उपकेंद्रों, ट्रांसफॉर्मरों तथा वितरण तंत्र का निरीक्षण कर रहे हैं। साथ ही शिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
साथ ही ए.आई. टूल का इस्तेमाल करके हेल्पलाइन नंबर 1912 को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं। अपर मुख्य सचिव ऊर्जा एवं यूपीपीसीएल के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने लगातार उपभोक्ताओं की समस्याओं के सम्यक समाधान के लिए हेल्पलाइन नंबर  को और प्रभावी तथा क्रियाशील बनाने के लिए निर्देशित करते हैं। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए है कि हेल्पलाइन नंबर 1912 पर आने वाली शिकायतों का लगातार मॉनिटर करें और यह सुनिश्चित करें कि समयबद्ध तरीके से उनका निस्तारण हो।

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button