व्यापार जगत

TCS का तिमाही मुनाफा ₹13,349 करोड़, कंपनी ने शेयरधारकों के लिए डिविडेंड का भी किया ऐलान

मुंबई 
टाटा ग्रुप (Tata Group) की सबसे बड़ी कंपनी और देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने 9 जुलाई 2026 को वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीज पेश कर दिए हैं. कंपनी ने तिमाही नतीजों के साथ-साथ शेयरधारकों के लिए 12 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है। 

TCS द्वारा रेगुलेटरी फाइलिंग में दी गई जानकारी के अनुसार, कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 30 जून 2026 को समाप्त हुई तिमाही के ऑडिटेड स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड वित्तीय परिणामों को मंजूरी दी। 

TCS के प्रॉफिट में उछाल  

ग्लोबल चुनौतियों के बीच TCS का समेकित शुद्ध लाभ (Consolidated Net Profit) सालाना आधार पर 4.62 फीसदी बढ़कर 13,349 करोड़ रुपये रहा. पिछले वर्ष की इसी समान तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ 12,760 करोड़ रुपये था। 

अगर रेवेन्यू की बात करें तो चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान इसमें 13.93 फीसदी की अच्छी-खासी बढ़ोतरी देखी गई. यह आंकड़ा पिछले साल के 63,437 करोड़ रुपये से बढ़कर इस बार 72,275 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। 

TCS के ये नतीजे आईटी क्षेत्र की स्थिरता और मजबूती को दर्शाते हैं. राजस्व में लगभग 14% और मुनाफे में 4.6% से अधिक की बढ़त के साथ-साथ 12 प्रति शेयर का डिविडेंड निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है। 

कैसे रहे टीसीएस के नतीजे?
    संचालन से होने वाला रेवेन्यू सालाना आधार पर 14% बढ़कर 72,275 करोड़ रुपये हो गया। पिछली तिमाही (Q4) के मुकाबले रुपये में इसमें 2.2% और कॉन्स्टेंट करेंसी (CC) में 0.4% की बढ़त रही।

    इस तिमाही में कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन 24% और नेट मार्जिन 19.2% रहा।
    ऑपरेशन्स से मिलने वाला नेट कैश 12,412 करोड़ रुपये रहा, जो कंपनी की शुद्ध आय का 93% है।

कंपनी को मिले बड़े ऑर्डर
TCS ने इस तिमाही के दौरान 9.5 अरब डॉलर के नए ऑर्डर हासिल किए हैं। इनमें ये शामिल रहे:

    दिग्गज कंपनी SKF के साथ 80 करोड़ डॉलर की बड़ी एआई-आधारित ट्रांसफॉर्मेशन डील।
    ServiceNow के साथ कई मिलियन डॉलर की रणनीतिक साझेदारी।
    यूरोप की एक फॉर्च्यून ग्लोबल 50 कंपनी के साथ बड़ा कॉन्ट्रैक्ट।

AI बिजनेस में उछाल
कंपनी का एआई (AI) बिजनेस काफी तेजी से बढ़ रहा है। पहली तिमाही में टीसीएस का सालाना एआई रेवेन्यू रन रेट 2.6 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछली तिमाही से 13.6% ज्यादा है। कंपनी को आईटी ऑपरेशन्स, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, क्लाउड और सास (SaaS) इंप्लीमेंटेशन जैसे क्षेत्रों में कई एआई कॉन्ट्रैक्ट मिले हैं।

TCS के शेयरों का हाल
TCS ने अपने नतीजों का ऐलान गुरुवार को बाजार बंद होने के बाद किया। गुरुवार को कंपनी का शेयर मामूली गिरावट के साथ 2,049.50 रुपये पर बंद हुआ। बीते कुछ समय से आईटी सेक्टर में जारी सुस्ती के कारण इस स्टॉक में पिछले एक महीने में 4% और साल 2026 में अब तक करीब 36% की गिरावट देखी गई है।

डिविडेंड का भी ऐलान
डिविडेंड पाने के लिए पात्र शेयरधारकों की योग्यता तय करने हेतु कंपनी ने बुधवार 15 जुलाई 2026 को रिकॉर्ड डेट निर्धारित किया है.कंपनी इस अंतरिम डिविडेंड का भुगतान शुक्रवार 31 जुलाई 2026 को करेगी। 

इस बीच गुरुवार को TCS के शेयर मामूली बढ़त के साथ 2,059 रुपये पर बंद हुआ. इस साल अब तक TCS का शेयर करीब 36 फीसदी गिर चुका है. जबकि एक साल में करीब 40 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है. यही नहीं, पिछले 5 साल में भी टीसीएस के शेयर ने निवेशकों को निराश किया है।  5 साल कंपनी के शेयर ने निवेशकों को 35 फीसदी की नुकसान कराया है.

मुनाफे और कुल कमाई के ताजा आंकड़े क्या कहते हैं?
जून तिमाही के जारी नतीजों के मुताबिक, टीसीएस का समेकित शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 5% बढ़कर ₹13,349 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹12,760 करोड़ था। वहीं, संचालन से प्राप्त राजस्व में सालाना आधार पर 14 प्रतिशत का तगड़ा उछाल आया है और यह ₹72,275 करोड़ पर पहुंच गया है। तिमाही आधार पर (QoQ) कंपनी के राजस्व में रुपये के संदर्भ में 2.2% और कॉन्स्टेंट करेंसी के मामले में 0.4% की वृद्धि दर्ज की गई है।

मार्जिन और कैश फ्लो के मोर्चे पर कैसी रही स्थिति?
चुनौतीपूर्ण माहौल में भी कंपनी ने अपनी वित्तीय स्थिति को बेहद मजबूत बनाए रखा है। इस तिमाही के दौरान टीसीएस का ऑपरेटिंग मार्जिन 24% और नेट मार्जिन 19.2% रहा है (जिसमें असाधारण मदों को शामिल नहीं किया गया है)। कंपनी के पास नकदी का प्रवाह भी शानदार रहा है। परिचालन से हासिल शुद्ध नकदी ₹12,412 करोड़ रही, जो कंपनी की शुद्ध आय का लगभग 93% है। निवेशकों के लिए अच्छी खबर यह है कि टीसीएस ने अंतरिम लाभांश भुगतान के लिए 15 जुलाई को रिकॉर्ड डेट तय किया है।

कंपनी के पास कितने अरब डॉलर के नए ऑर्डर हैं?

    भविष्य में कंपनी की ग्रोथ कैसी रहेगी, इसका अंदाजा इसके मजबूत ऑर्डर बुक से लगाया जा सकता है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में टीसीएस के पास कुल $9.5 बिलियन (9.5 अरब डॉलर) की मजबूत डील पाइपलाइन रही। इसमें प्रमुख सौदों की बात करें तो:
    एसकेएफ के साथ $800 मिलियन का एआई-आधारित ट्रांसफॉर्मेशन डील शामिल है।
    सर्विसनाउ के साथ मल्टी-मिलियन डॉलर की रणनीतिक साझेदारी।
    यूरोप की एक फॉर्च्यून ग्लोबल 50 कंपनी के साथ मल्टी-मिलियन डॉलर का बड़ा सौदा शामिल है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की रेस में टीसीएस कहां खड़ी है?
एआई (AI) के क्षेत्र में कंपनी की रफ्तार काफी तेज हो चुकी है। पहली तिमाही में टीसीएस का सालाना एआई राजस्व रन रेट $2.6 बिलियन तक पहुंच गया, जिसमें पिछली तिमाही की तुलना में 13.6% की बढ़ोतरी देखी गई है। टीसीएस के सीईओ के. कृत्तिवासन ने बताया कि भू-राजनीतिक और व्यापक आर्थिक बाधाओं के बावजूद ग्राहकों का निवेश एआई, क्लाउड, साइबर सुरक्षा और प्लेटफॉर्म सरलीकरण में लगातार बढ़ रहा है। टीसीएस ने एंथ्रोपिक और मिस्ट्रल के साथ रणनीतिक साझेदारियां की हैं, जिसके तहत 50,000 कर्मचारियों को 'क्लाउड' का एक्सेस मिलेगा।

कर्मचारियों और नौकरी छोड़ने की दर की क्या स्थिति है?
जून के अंत में टीसीएस के कुल कर्मचारियों की संख्या 5,93,798 रही। आईटी सेवाओं में पिछले 12 महीनों की नौकरी छोड़ने की दर 13.6% दर्ज की गई है। कंपनी ने वैश्विक स्तर पर अपने सभी कर्मचारियों के लिए वार्षिक वेतन वृद्धि की प्रक्रिया पूरी कर ली है। साथ ही, अपने वेतन ढांचे को भारत के नए लेबर कोड (श्रम संहिता) की आवश्यकताओं के अनुरूप सुव्यवस्थित किया है।

 

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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